अपने खाते की पुष्टि करना

अपना खाता बनाने या उसमें साइन इन करने से पहले, कभी-कभी आपको इस बात की पुष्टि करनी होगी कि आप रोबोट नहीं हैं. इससे, हमें आपके खाते को गलत इस्तेमाल से बचाने में मदद मिलती है. फ़ोन के ज़रिए पुष्टि करने का यह अतिरिक्त कदम, स्पैम मैसेज भेजने वालों को हमारे सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने से रोकता है.

सलाह: अपने खाते की पुष्टि करने के लिए, आपके पास मोबाइल डिवाइस होना चाहिए.

टेक्स्ट मैसेज या वॉइस कॉल के ज़रिए पुष्टि करने की कीमत

टेक्स्ट मैसेज या वॉइस कॉल की कीमत, आपके प्लान और मोबाइल नेटवर्क सेवा देने वाली कंपनी के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. आम तौर पर यह कीमत, सामान्य मैसेज और कॉल के लिए लगने वाले शुल्क के बराबर होती है. वॉइस कॉल का विकल्प चुनने पर, अपने घर के फ़ोन नंबर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं.

ज़्यादा जानकारी के लिए, मोबाइल नेटवर्क सेवा देने वाली अपनी कंपनी से संपर्क करें.

पुष्टि करने से जुड़ी समस्याओं को ठीक करना

मुझे मैसेज नहीं मिला

अगर आपका घर घनी आबादी वाले इलाके में है या फिर आपकी मोबाइल और इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी का इंफ़्रास्ट्रक्चर अच्छा नहीं है, तो आपको मैसेज मिलने में देर हो सकती है. अगर आपने कुछ मिनटों तक इंतज़ार किया है और फिर भी आपको हमारा मैसेज नहीं मिला, तो वॉइस कॉल का विकल्प आज़माएं.

"पुष्टि करने के लिए, इस फ़ोन नंबर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता"

अगर आपको गड़बड़ी का यह मैसेज मिलता है, तो किसी दूसरे नंबर का इस्तेमाल करें. हम किसी एक फ़ोन नंबर से सीमित संख्या में ही खाता बनाने की अनुमति देते हैं. इससे, आपके खाते को गलत इस्तेमाल से बचाने में मदद मिलती है.

डीमैट अकाउंट से लेकर क्रेडिट कार्ड तक, 1 अक्टूबर से होने वाले हैं ये चार बदलाव

नए महीने की शुरुआत के साथ ही कुछ ऐसे बदलाव होने वाले हैं, जो आपके खर्च से जुड़े हैं. क्रेडिट कार्ड (Credit Card) को लेकर भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) बड़े बदलाव करने जा रहा है. रसोई गैस की कीमतों में भी सरकारी ऑयल कंपनियां बदलाव कर सकती हैं.

अगले महीने से खर्च से जुड़े होंगे बदलाव.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2022,
  • (अपडेटेड 26 सितंबर 2022, 10:39 AM IST)

सितंबर के खत्म होने में अब बस कुछ ही दिन बाकी हैं. इसके बाद अक्टूबर महीने की शुरुआत हो जाएगी. नए महीने की शुरुआत के साथ ही कुछ ऐसे बदलाव होने वाले हैं, जो आपके खर्च से जुड़े हैं. सरकारी पेंशन स्कीम (APY) से लेकर डीमैट अकाउंट (Demat Account) से जुड़े नए नियम एक अक्टूबर से लागू हो जाएंगे. साथ ही घेरलू रसोई गैस की कीमतों (LPG Price) में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. क्रेडिट कार्ड (Credit Card) को लेकर भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) बड़े बदलाव करने जा रहा है.

रसोई गैस की कीमत

हर महीने की पहली तारीख को सरकारी ऑयल कंपनियां रसोई गैस की कीमतों में बदलाव करती हैं. पिछली बार एक सितंबर को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी भी तरह का डीमैट अकाउंट में लगने वाले शुल्क बदलाव नहीं हुआ था. लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती हुई थी. त्योहारी सीजन को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि कंपनियां रसोई गैस की कीमतों में कटौती कर सकती हैं.

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क्रेडिट कार्ड से पेमेंट के नियम

एक अक्टूबर से पेमेंट के नियम बदलने जा रहे हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइजेशन (CoF Card Tokenisation) नियम अक्टूबर की पहली तारीख से लागू होने जा रहा है. RBI Tokenisation सिस्टम का एक बड़ा उद्देश्य देशभर में बढ़े रहे साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाना भी है.

पेमेंट कंपनियों को 1 अक्टूबर से कार्ड के बदले जो वैकल्पिक कोड या टोकन (Token) दिया जाएंगे, वो यूनिक होंगे और कई कार्ड के लिए एक ही टोकन से काम चल जाएगा. Tokenisation सिस्टम के तहत वीजा, मास्टरकार्ड और रूपे जैसे कार्ड नेटवर्क के जरिए टोकन नंबर जारी किया जाएगा. कुछ बैंक कार्ड नेटवर्क को टोकन जारी करने से पहले बैंक से मंजूरी भी लेनी पड़ सकती है. खास बात यह है कि इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए यूजर को कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा.

अटल पेंशन योजना के नियम में बदलाव

एक अक्टूबर से अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. सरकार ने नए नियमों में का ऐलान डीमैट अकाउंट में लगने वाले शुल्क करते हुए कहा था कि इनकम टैक्स का भुगतान (Taxpayers) करने वाले लोग इस स्कीम का फायदा नहीं उठा सकते हैं. सरकार ने कहा है कि अटल पेंशन योजना से जुड़ा नया नियम एक अक्टूबर 2022 से प्रभावी होगा. सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, नए नियम के लागू होने के बाद अगर कोई टैक्सपेयर अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन करता है, तो उसके खाते को बंद कर दिया जाएगा.

डीमैट अकाउंट लॉगिन सिस्टम

अगर आपने डीमैट अकाउंट लॉगिन के लिए 2 फैक्टर ऑथेंटिकेशन एक्टिव नहीं किया है, तो एक अक्टूबर से अपने ट्रेडिंग खाते का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. एनएसई के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि डीमैट खाताधारक को पहले ऑथेंटिकेशन के रूप में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करना होगा. दूसरा ऑथेंटिकेशन पासवर्ड या नॉलेज फैक्टर हो सकता है. टू फैक्टर लॉगिन सिस्टम को एक्टिव करने के बाद ही कोई भी अपने डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल कर पाएगा.

अगर आपका बैंक खाता PNB में है तो जान लें ये बातें, कई नियमों में बदलाव

Punjab National Bank

नए साल की खुशियों के बीच पंजाब नेशनल बैंक ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. चौकिए मत पीएनबी ने सामान्य बैंकिंग परिचालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं के लिए लगने वाले शुल्क को बढ़ा दिया है. यह बदलाव 15 जनवरी 2022 से लागू हो जाएगा. पंजाब नेशनल बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बैंक ने बचत खातों, लॉकर्स, डिमांड ड्राफ्ट और करंट अकाउंट जैसी सुविधाओं के नियमों में भी बदलाव किया है.

आपको बता दें कि अब बचत खाते में कम बैलेंस होने पर लगने वाला चार्ज दोगुना हो जाएगा. इसके अलावा डिमांड ड्राफ्ट डीमैट अकाउंट में लगने वाले शुल्क को कैंसिल कराने पर आपको अब 50 रुपये ज्‍यादा देने होंगे. पीएनबी ने शहरी इलाकों में रहने वाले ग्राहकों के लिए अपने बचत खाते में कम से कम 10,000 रुपये का बैलेंस होना अनिवार्य कर दिया है. इससे पहले राशि 5000 रुपये थी. कम बैलेंस होने पर लगने वाला चार्ज भी दोगुना हो गया है. पहले यह 300 रुपये था. अब 600 हो गया है.

जबकि ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों को मिनिमम बैलेंस से कम राशि होने पर 200 रुपये की जगह 400 रुपये प्रति तिमाही चार्ज देना होगा.

इसके अलावा पीएनबी ने लॉकर शुल्क में भी बदलाव किया है. एक्स्ट्रा लार्ज साइज के लॉकरों को छोड़कर सभी टाइप के लॉकर पर अब ज्यादा शुल्क देना होगा. शहरी और महानगरों में लॉकर के चार्ज को 500 रुपये तक बढ़ाया गया है. पीएनबी ने ग्रामीण इलाको में छोटे साइज के लॉकर का चार्ज एक हजार रुपये से बढ़ाकर 1,250 रुपये कर दिया है. जबकि शहरी इलाके में छोटे लॉकर का चार्ज 1,500 से बढ़ाकर 2 हजार रुपये कर दिया है.

नए नियम के मुताबिक अगर आप पीएनबी में करंट अकाउंट खुलवाते हैं तो 14 दिन और अगर एक साल के अंदर बंद कराते हैं तो 800 रुपये का शुल्क देना पड़ेगा. जबकि पहले यह शुल्क 600 रुपये था.

इसके साथ ही एक फरवरी से आपकी किसी किस्त या निवेश का डेबिट पैसा न होने से फेल होता है तो इसके लिए 250 रुपये देने होंगे. जो पहले 100 रुपये लगते थे. वहीं, आप डिमांड ड्राफ्ट को कैंसिल कराते हैं तो अब 150 रुपए देने होंगे. इससे पहले यह शुल्क 100 रुपये ही था.

आईसीआईसीआई बैंक ने जमा-निकासी पर 100-125 रुपये का शुल्क लगाया

आईसीआईसीआई बैंक ने जीरो बैलेंस अकाउंट पर शाखाओं में जमा तथा निकासी पर शुल्क लगा दिया है। बैंक ने कहा है कि उसने डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया है।

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हाइलाइट्स

  • आईसीआईसीआई बैंक ने शाखाओं में जमा तथा निकासी पर लगाया शुल्क
  • बैंक ने जीरो बैंलेस अकाउंट पर हर विदड्रॉल पर 100-125 रुपये का शुल्क लगाया
  • इसके अलावा बैंक की शाखा में मशीन के जरिये पैसे जमा करने पर भी लगेगा शुल्क
  • मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग के जरिये होने वाले एनईएफटी, आरटीजीएस तथा यूपीआई ट्रांजैक्शंस फ्री

ममता अशोकन, चेन्नै
निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक ने अपने ग्राहकों को जोरदार झटका दिया है। बैंक के 'जीरो बैलेंस' खाताधारकों को 16 अक्टूबर से शाखा से हर कैश विदड्रॉल के लिए 100 रुपये से 125 रुपये का शुल्क देना डीमैट अकाउंट में लगने वाले शुल्क होगा। अगर ग्राहक बैंक की शाखा में मशीन के जरिये पैसे जमा करते हैं तो इसके लिए भी उन्हें शुल्क अदा करना होगा।

आईसीआईसीआई बैंक ने शुक्रवार रात अपने अकाउंट होल्डर्स को जारी एक नोटिस में कहा, 'हम अपने ग्राहकों को बैंकिंग ट्रांजैक्शंस डिजिटल मोड में करने के लिए उत्साहित करते हैं, जिससे डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव को बढ़ावा मिले।'

NEFT, RTGS, UPI पर शुल्क खत्म
बता दें कि बैंक ने मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग के जरिये होने वाले एनईएफटी, आरटीजीएस तथा यूपीआई ट्रांजैक्शंस पर लगने वाले तमाम तरह के शुल्क को खत्म कर दिया है।

NEFT और RTGS पर भी भारी शुल्क
आईसीआईसीआई बैंक की शाखाओं से 10,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के एनईएफटी ट्रांजैक्शन पर 2.25 रुपये से लेकर 24.75 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) का चार्ज देना पड़ता है। वहीं, शाखाओं से दो लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक किए जाने वाले आरटीजीएस ट्रांजैक्शन के लिए 20 रुपये से लेकर 45 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) का चार्ज देना पड़ता है।

अकाउंट बंद करने की सलाह
बैंक ने अपने 'जीरो बैलेंस' अकाउंट होल्डर्स से अनुरोध किया है कि वे अपने अकाउंट को या तो किसी अन्य बेसिक सेविंग्स अकाउंट में बदल लें या अकाउंट बंद कर दें।

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खुदरा निवेशकों के लिए बाजार की राह आसान

easier retail investors in stock market

देश में आर्थिक उदारवाद के शुरू होने के दशकों बाद भी आम लोगों ने शेयर बाजार को अपने से दूर ही रखा है। बाजार के कारोबारी पैटर्न को देखें तो देश भर के शेयर कारोबार का लगभग आधा हिस्सा सिर्फ मुंबई के नाम है।

इसमें दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, बंगलूरू को शामिल कर लिया जाए तो कारोबार का करीब 80 फीसदी हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों में सिमट जाएगा। शेष 20 फीसदी में समूचा देश है। ऐसे में सरकार चाहती है कि लोग शेयर बाजार के प्रति आकर्षित हों और इसे अपने निवेश का जरिया बनाएं, लेकिन बीते सालों में शेयर बाजार एक आम हिंदुस्तानी के दिल में जगह बनाने में बहुत सफल नहीं रहा है।

सरकार लगातार यह कोशिश कर ही है कि लोग बाजार में निवेश के लिए उतरें। छोटे खुदरा निवेशकों को शेयर बाजार की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार ने कुछ लुभावनी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें आयकर में छूट के अलावा मुफ्त डीमैट खाता खोलना शामिल है। 50 हजार रुपये के शेयरों में निवेश पर आयकर में छूट की सुविधा होगी, तो डीमैट खाते पर सालाना शुल्क नहीं लगेगा।

50 हजार तक डीमैट अकाउंट में लगने वाले शुल्क के शेयरों के डीमैट पर शुल्क नहीं
निवेश संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए छोटे निवेशकों के डीमैट खाते में 50 हजार रुपये तक के शेयर रखने पर कोई सालाना शुल्क नहीं लिया जाएगा। 50 हजार से दो लाख रुपये तक की शेयर होल्डिंग पर अधिकतम 100 रुपये लिए जाएंगे। दो लाख रुपये से अधिक की होल्डिंग पर शुल्क सामान्य लगेगा। बिना शुल्क वाले डीमैट खाते का नाम बेसिक सर्विस डीमैट एकाएंट (बीएसडीए) रखा गया है।

50 हजार के निवेश पर कर कटौती का लाभ
दस लाख रुपये तक के सालाना आय वाले शेयर बाजार के नए निवेशकों के लिए सरकार ने राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम (आरजीईएसएस) की शुरुआत की है। इसमें शेयर बाजार के नए निवेशकों को 50 हजार रुपये तक की इक्विटी, ईटीएफ, म्यूचुअल फंड में निवेश पर निवेश की आधी राशि पर कर कटौती का लाभ मिलेगा। इसके लिए डीमैट अकाउंट में लगने वाले शुल्क जरूरी है कि निवेशक स्कीम में शामिल शेयर, म्यूचुअल फंड, ईटीएफ समूह में खरीदारी करें।

देश में आर्थिक उदारवाद के शुरू होने के दशकों बाद भी आम लोगों ने शेयर बाजार को अपने से दूर ही रखा है। बाजार के कारोबारी पैटर्न को देखें तो देश भर के शेयर कारोबार का लगभग आधा हिस्सा सिर्फ मुंबई के नाम है।

इसमें दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, बंगलूरू को शामिल कर लिया जाए तो कारोबार का करीब 80 फीसदी हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों में सिमट जाएगा। शेष 20 फीसदी में समूचा देश है। ऐसे में सरकार चाहती है कि लोग शेयर बाजार के प्रति आकर्षित हों और इसे अपने निवेश का जरिया बनाएं, लेकिन बीते सालों में शेयर बाजार एक आम हिंदुस्तानी के दिल में जगह बनाने में बहुत सफल नहीं रहा है।

सरकार लगातार यह कोशिश कर ही है कि लोग बाजार में निवेश के लिए उतरें। छोटे डीमैट अकाउंट में लगने वाले शुल्क खुदरा निवेशकों को शेयर बाजार की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार ने कुछ लुभावनी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें आयकर में छूट के अलावा मुफ्त डीमैट खाता खोलना शामिल है। 50 हजार रुपये के शेयरों में निवेश पर आयकर में छूट की सुविधा होगी, तो डीमैट खाते पर सालाना शुल्क नहीं लगेगा।

50 हजार तक के शेयरों के डीमैट पर शुल्क नहीं
निवेश संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए छोटे निवेशकों के डीमैट खाते में 50 हजार रुपये तक के शेयर रखने पर कोई सालाना शुल्क नहीं लिया जाएगा। 50 हजार से दो लाख रुपये तक की शेयर होल्डिंग पर अधिकतम 100 रुपये लिए जाएंगे। दो लाख रुपये से अधिक की होल्डिंग पर शुल्क सामान्य लगेगा। बिना शुल्क वाले डीमैट खाते का नाम बेसिक सर्विस डीमैट एकाएंट (बीएसडीए) रखा गया है।


50 हजार के निवेश पर कर कटौती का लाभ
दस डीमैट अकाउंट में लगने वाले शुल्क लाख रुपये तक के सालाना आय वाले शेयर बाजार के नए निवेशकों के लिए सरकार ने राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम (आरजीईएसएस) की शुरुआत की है। इसमें शेयर बाजार के नए निवेशकों को 50 हजार रुपये तक की इक्विटी, ईटीएफ, म्यूचुअल फंड में निवेश पर निवेश की आधी राशि पर कर कटौती का लाभ मिलेगा। इसके लिए जरूरी है कि निवेशक स्कीम में शामिल शेयर, म्यूचुअल फंड, ईटीएफ समूह में खरीदारी करें।

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