निवेश के लिए आप यहां कुछ बेहतर विकल्‍प के बारे में जान सकते हैं। (फोटो- Freepik)

SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने के फायदे और नुकसान से जुड़ी 12 बड़ी बातें

नई दिल्ली. एसआईपी (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना काफी आसान होता है। यह मंथली बचत होती है जो आप हर महीने करते हैं। SIP के जरिए म्यूचुअल फंड पर पैसे लगाने को लेकर लोगों के मन में इससे जुड़ी कुछ गलतफहमियां हैं। एसआईपी से जुड़ी बारीकियों के बारे में कुछ सवाल-जवाब के जरिए बता रहे हैं रेलिगर ब्रोकिंग लिमिटेड भोपाल के डिप्टी मैनेजर जितेंद्र सोनी:

SIP एक निवेश है ?
जवाब -
लोग SIP में निवेश करने की सलाह देते हैं। आपको बता दें कि SIP अपने आप में निवेश नहीं है। यह केवल निवेश की विधि है। वास्तविक निवेश म्यूचुअल फंड योजना है। जिसमें आप हर माह एक निश्चित राशि निवेश करते हैं। कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि SIP में निवेश क्या होता हैं दो अलग- अलग फंड होते हैं। एक SIP और दूसरा म्यूचुअल फंड के लिए, जबकि ऐसा नहीं है।

लंबे समय वाला SIP निवेश फायदे का सौदा होता है ?
जवाब - लंबे समय वाला SIP के म्यूचुअल फंड फायदे का सौदा माना जाता है। क्योंकि इसमें शेयर मार्केट के निचले स्तर और सबसे ऊंचे शेयर का एक औसत रिटर्न बनता है जो लगभग सभी घाटे की भरपाई कर देता है। इसके बाद आपको अच्छा रिटर्न मिल जाता है।

क्या SIP निवेश का सबसे अच्छा तरीका है ?
जवाब - इसे निवेश का सबसे अच्छा तरीका तो नहीं कहा जा सकता। यह नियमित आय वाले लोगों के लिए निवेश का अच्छा तरीका हो सकता है जैसे वेतनभोगी और छोटे कारोबारी जिनकी आय महीने में तय है।

SIP में फंड का चयन कितना महत्वपूर्ण है ?
जवाब - एसआईपी में निवेश करते समय फंड का ध्यान देना होता है। अगर निवेशक 500 रुपए माह निवेश करना चाहता है तो यह बहुत कम राशि होगी। इसमें मिलने वाले रिटर्न भी संतोषजनक नहीं लगता। इसलिए कम से कम 2000 रुपए माह निवेश करना चाहिए।

SIP के जरिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए ?
जवाब - इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने का SIP अच्छा तरीका है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में रिस्क भी ज्यादा होता है, लेकिन यहां लाभ की संभावना भी उसी औसत में बढ़ जाती है।

SIP में पैसा कब लगाना चाहिए ?
जवाब - एसआईपी निवेश का एक तरीका है। बाजार का स्तर कुछ भी हो आप इसको जारी रख सकते हैं। अगर मंदी का दौर है उस समय SIP में पैसे लगा रहे हैं तो यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

डेली SIP में पैसा लगाना सही है या मंथली ?
जवाब - SIP में जरिए म्यूचुअल फंड्स में डेली, मंथली, क्वाटरली निवेश करने का ऑप्शन है। पिछले कुछ वर्षों में जो फैक्ट्स सामने आए हैं उससे पता चलता है कि मंथली SIP के जरिए इन्वेस्ट करना अधिक अच्छा है।

SIP में किस समय पैसा लगाएं कि लाभ अधिक मिले ?
जवाब - किस तारीख में एसआईपी तिथि में पैसा लगाना है, यह कोई महत्वपूर्ण बात नहीं है। आप अपनी वेतन तिथि के करीब निवेश कर सकते हैं। ऐसे समय में पैसे देने में आपको आसानी होगी।

क्या SIP को बीच में छोड़ सकते हैं, किसी जमा नहीं किया तो क्या होगा ?
जवाब - कानूनी तौर पर फंड देकर SIP को पूरा करना होता है, लेकिन आप चाहें तो कंपनी को लिखित पत्र देकर बीच में रोक सकते हैं। किसी महीने जमा नहीं किया तो अगले महीने से SIP जाएगी। अगर SIP की डेट पर आपके खाते में उपयुक्त बैंलेस नहीं है तो बैंक चार्ज काट लेगी।

पहले से चल रहे SIP में एकमुश्त राशि निवेश कर सकता हूं क्या ?
जवाब - शेयर बाजार के नीचे होने पर एसआईपी निवेश के लाभ को ऊपर उठाने के लिए हम ऐसा कर सकते हैं। आप एकमुश्त निवेश के लिए एक ही एसआईपी फोलिओ नंबर का उपयोग कर सकते हैं।

इनकम टैक्स में लाभ लेने के लिए SIP कर सकते हैं ?
जवाब - SIP में निवेश की गई राशि पर इनकम टैक्स में छूट मिलती है। इसमें आप सालाना एक लाख की राशि पर छूट पा सकते हैं।

क्या मैं SIP से 3 साल बाद पैसा निकाल सकता हूं ?
जवाब - ईएलएसएस फंड या टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड में 3 साल के लिए लॉक-इन है। जब आप ईएलएसएस में एसआईपी करते हैं, तो प्रत्येक किस्त को 3 साल तक बंद कर दिया जाना चाहिए।

क्या SIP छोटे निवेशकों के लिए है ?
जवाब - ज्यादातर लोग सोचते हैं कि एसआईपी छोटे निवेशकों के लिए है, यह सच नहीं है। अधिकांश म्यूचुअल फंड एसआईपी किश्त के लिए ऊपरी सीमा नहीं रखते हैं। इसलिए यदि आप चाहते हैं तो 5 या 10 लाख रुपये का मासिक एसआईपी शुरू कर सकते हैं। एसआईपी किस्त के लिए न्यूनतम राशि 500 रुपये से 5,000 रुपये प्रति माह के बीच बदलती है।

शेयर बाजार में निवेश करने के लिए क्या करना होता है? 8 बुनियादी सवालों के जवाब

Share Market Guide: शेयर खरीदने के लिए क्या करना होगा, किस कंपनी का शेयर खरीदे?

शेयर बाजार में निवेश करने के लिए क्या करना होता है? 8 बुनियादी सवालों के जवाब

महंगाई (Inflation) बढ़ रही है और रुपये (Rupee) का मूल्य घट रहा है. यानी सिर्फ पैसा बचाने से काम नहीं चलेगा, पैसा बढ़ाना भी पड़ेगा. ऐसे में शेयर बाजार (Share Market) में निवेश अच्छा विकल्प हो सकता है. लेकिन शेयर मार्केट (Stock Market) में पहली बार निवेश करने वालों के लिए क्या जानना जरूरी है? शेयर बाजार में निवेश करने के लिए क्या करना होता है?

कब कर सकते हैं? किस शेयर में पैसा लगाएं? ये सारी बातें यहां हम आपको बता रहे हैं.

शेयर बाजार में निवेश करने के लिए क्या करना होता है? 8 बुनियादी सवालों के जवाब

1. शेयर क्या है?

किसी कंपनी को चलाने के लिए पूंजी यानी कैपिटल की जरूरत पड़ती है. अब कंपनी को चलाने के लिए मालिक बाजार से पैसा उठाना चाहता है तो वह कैपिटल को हिस्सों में बांट देता है यही हिस्से कहलाते हैं शेयर. जैसे किसी कंपनी की कैपिटल 100 रुपये है. अब कंपनी निवेश क्या होता हैं इसे 100 हिस्सों में बांट दें तो वे 100 हिस्से शेयर्स कहलाएंगे और एक शेयर एक रुपये का होगा. अब इसी कैपिटल को दो या 5 हिस्सों में भी बांटा जा सकता है. यानी कंपनी की एक यूनिट एक शेयर के बराबर होती है.

अब आप किसी कंपनी का हिस्सा बनना चाहते हैं तो उसके शेयर खरीद सकते हैं. इन्हीं शेयर्स की जब आप खरीदी बिक्री करने जिस बाजार में जाएंगे उसे कहते हैं शेयर बाजार.

2. शेयर खरीदने के लिए क्या करना होगा?

शेयर बाजार में पांव रखने से पहले आपको चाहिए डिमैट अकाउंट. जैसे बैंक में बचत, एफडी में निवेश के लिए बैंक अकाउंट चाहिए वैसे ही शेयर मार्केट में निवेश के लिए डिमैट अकाउंट होना जरूरी है. डीमैट के जरिए ही शेयर्स को खरीदा-बेचा जाता है, होल्ड किया जाता है. यह एक तरह से शेयर्स का डिजिटल अकाउंट है.

3. डीमैट अकाउंट क्या है

डीमैट अकाउंट मतलब- डीमटेरियलाइज्ड यानी किसी भी फिजिकल चीज का डिजिटलाइज होना. डिमैट अकाउंट आप चंद सैकेंड में खोल सकते हैं. आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसी केवाईसी डॉक्यूमेंट लगती हैं. इसके लिए ब्रोकर की जरूरत होती है. अब ब्रोकर कोई व्यक्ति भी हो सकता है और कंपनी भी. ब्रोकर की वेबसाइट या एप पर जाकर डिमैट अकाउंट आसानी से खोला जा सकता है. अगर आप नेटबैंकिंग करते हैं तो आपके बैंक की वेबसाइट या एप पर भी डिमैट अकाउंट खोल सकते हैं. आमतौर पर इसकी लिए कोई फीस नहीं देनी होती लेकिन यह कंपनी पर निर्भर करता है कि वे डिमैट के लिए कितना वसूलना चाहते हैं.

4. किस कंपनी का शेयर खरीदें?

जवाब है किसी अच्छी कंपनी है, क्योंकि अच्छी कंपनी के शेयर्स अच्छा रिटर्न देते हैं. अच्छी कंपनी मतलब जिसका प्रॉफिट, प्रोडक्ट, भविष्य अच्छा हो. शेयर मार्केट की भाषा में इसे कंपनी के फंडामेंटल्स यानी बुनियादी बातें कहते हैं, कंपनी के फंडामेंटल्स अच्छे हैं तो कंपनी का भविष्य अच्छा माना जाता है. इसके लिए आपको कंपनी की सालाना बैलेंस शीट पर नजर रखनी होती है. यानी कंपनी कितना कमा रही है, कितना कर्ज है, कितना मुनाफा हो रहा है? कंपनी के शेयर्स ने पहले कैसा प्रदर्शन किया है. ये सब देखना होता है. कई बार खबरें भी कंपनी के शेयर्स को प्रभावित करती हैं. जैसे कि जब दुनिया के सबसे अमीर आदमी ईलॉन मस्क ने ट्विटर को खरीदने का ऐलान किया तो निवेशकों में ट्विटर के शेयर्स को खरीदने की होड़ लग गई. लेकिन निवेशक केवल कंपनी के फंडामेंटल्स पर ध्यान दें तो भी काम बन सकता है. सबसे पहले ऐसे शेयर में निवेश करें जो सुरक्षित हैं. यानी उन बड़ी कंपनियों के शेयर्स खरीदें जो दशकों पुरानी हैं, प्रॉफिट में रहती है और आगे भी रहेंगी. इससे आप नुकसान में नहीं रहेंगे. जब इसमें निवेश कर लें तो शेयर्स को स्टडी करना सीखें, कंपनी की बैलेंस शीट पढ़ना सीखें.

5. प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट क्या है?

जब आप कोई शेयर सीधे कंपनी से खरीदते हैं जैसे की आईपीओ के जरिए.. यह प्राइमरी मार्केट है. यानी कंपनियां जो शेयर्स बाजार में इश्यू करती है. लेकिन जब सीधे कंपनी से खरीदे हुए शेयर्स को आप अन्य खरीदारों में बेचने जाते हैं तो वो सेकेंड्री मार्केट है. यानी इश्यू किए हुए शेयर्स की जब खरीद बिक्री होती है.

6. ट्रेडिंग या निवेश?

एक्सपर्ट कहते हैं कि 5 साल, 10 साल या उससे भी ज्यादा समय के लिए निवेश करने वाले फायदे में रहते हैं. यानी लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट. अब शेयर बाजार को गहनता से समझने वाले और रिस्क उठा सकने वाले ही शॉर्ट टर्म या हर रोज शेयर बाजार में निवेश कर सकते हैं. कितना और कितने समय के लिए निवेश? अब सबसे पहले आप ये तय करें कि निवेश कितना करना है और कितने समय के लिए. फिर तय करें कि आप निवेश करना क्यों चाहते हैं यानी कि आपका उद्देश्य क्या है. जैसे, शिक्षा, शादी या घर खरीदने जैसे गोल्स. इसी अनुसार आप आगे बढ़ते हैं और तभी आप फैसला ले पाएंगे कि आपको किस शेयर में निवेश करना है. शेयर मार्केट में शुरुआत धीमी रखें.

7. शेयर बाजार नहीं समझते हैं तो कैसे निवेश करें?

अगर आपके पास इन सब के लिए समय नहीं है या समझ नहीं है तो ऐसी स्थिति में आप किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट से ही सलाह लें, एक्सपर्ट को बताएं कि आप कितना खर्च करना चाहते हैं और कितने समय के लिए. आपका निवेश का उद्दश्य क्या है और आप निवेश से कितने रिटर्न की अपेक्षा रखते हैं. एक उपाय म्यूचुअल फंड भी हैं. जिसमें कुछ एक्सपर्ट आपके जैसे कई निवशकों के पैसे को कहां लगाना है ये तय करते हैं.

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निवेश किसे कहते हैं? | सकल निवेश क्या होता है (Sakal nivesh kya hota hai, viniyog ke prakar)

sakal viniyog ka kya aashay hai, sakal nivesh kya hota hai?😊

सामान्य तौर पर विनियोग अथवा निवेश को हम इस तरह से परिभाषित कर सकते हैं जिसमें मुद्रा के द्वारा भौतिक तथा वित्तीय परिसंपत्तियों को ख़रीदा जाता है। अर्थात विनियोग का अर्थ (viniyog ka arth) शेयरों अथवा परिसंपत्तियों की ख़रीद से लगाया जाता है। विनियोग क्या है? (viniyog kya hai?) इसे सरल शब्दों में जानें तो प्रतिभूतियों, बांडों व शेयरों, मौजूदा पूंजी या भूमि को ख़रीदना विनियोग (viniyog) या निवेश (nivesh) कहलाता है।

किन्तु अर्थशास्त्र की भाषा में यह विनियोग न होकर केवल धन का हस्तांतरण है क्योंकि इस क्रिया में पूंजी के स्टॉक में कोई वृद्धि नहीं होती है। यह ख़रीद केवल व्यक्तिगत वित्तीय विनियोग है न कि वास्तविक विनियोग। इसलिए विनियोग के अन्तर्गत नए प्लॉट, बांध, सड़कों, भवनों आदि जैसे सार्वजनिक निर्माण कार्य, नई कंपनियों के शेयर व स्टॉक शामिल किए जाते हैं।

जॉन राबिंसन के अनुसार - "पूंजी विनियोग से तात्पर्य, पूंजी वृद्धि से है, वह तब होती है जब कोई नया मकान बनाया जाए अथवा किसी नई फैक्ट्री की शुरुआत की जाए। विनियोग से आशय, वस्तुओं के वर्तमान स्टॉक में वृद्धि से है।"

अर्थात विनियोग नई पूंजीगत वस्तुओं या संपत्तियों को ख़रीदने के लिए किसी समय अवधि में किए गए व्यय का एक प्रवाह होता है। अतः समय की एक अवधि के दौरान वास्तविक पूंजीगत वस्तुओं या पूंजीगत संपत्तियों का उत्पादन ही विनियोग (viniyog) कहलाता है।

विनियोग के प्रकार (Viniyog ke prakar)

चूंकि निवेश अथवा विनियोग से आशय विनिमय निवेश अर्थात स्टॉक, शेयर्स, ऋणपत्रों तथा पुराने घरों में निवेश से नहीं होता बल्कि वास्तविक निवेश या वास्तविक विनियोग का अर्थ राष्ट्र की भौतिक संपत्तियों में वृद्धि से लिया जाता है। जिसमें नई फैक्ट्रियां, नई मशीनों तथा पूंजीगत पदार्थों और अंतिम पदार्थों के भंडारों में वृद्धि से लिया जाता है। जब वास्तविक निवेश में पूंजीगत पदार्थों के मूल्यह्रास को भी शामिल कर लिया जाए तो इसे सकल निवेश/कुल विनियोग कहा जाता है।

अन्य शब्दों में सकल निवेश अथवा सकल विनियोग का तात्पर्य नई उत्पादित पूंजीगत वस्तुओं से होता है जो एक समय अवधि जैसे एक वर्ष में प्राप्त की जाती है। सकल विनियोग (sakal viniyog) से मूल्यह्रास को घटाने के बाद जो शेष बचता है उसे शुद्ध विनियोग (shuddh viniyog) अथवा शुद्ध निवेश (shuddh nivesh) कहा जाता है।

Investment Tips : रियल एस्टेट में अपने छोटे निवेश को भी बड़ी रकम में बदल सकते हैं आप, समझें कैसे?

रियल एस्टेट में कई तरह से निवेश कर आप अपनी संपत्ति बढ़ा सकते हैं.

रियल एस्टेट में कई तरह से निवेश कर आप अपनी संपत्ति बढ़ा सकते हैं.

वैसे तो रियल एस्टेट से पैसा कमाने के कई तरीके हो सकते हैं लेकिन हम आपको तीन ऐसे तरीकों के बारे में बताएंगे जिससे आप कम . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : June 27, 2022, 07:56 IST

नई दिल्ली. पैसा कमाने के कई तरीके हो सकते हैं. रियल एस्टेट भी उनमें से एक है. रियल एस्टेट में स्मार्ट टूल्स और इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए पैसा कमाना संभव है. इसके लिए आप सीधे भी संपत्ति खरीद-बेच सकते हैं. लेकिन बड़े स्तर पर मुनाफा कमाने के लिए आपको अपना निवेश पटल भी बड़ा होना चाहिए.

इसके भी कुछ तरीकें है जिनके बारे में हम आपको बताएंगे. रियल एस्टेट से पैसा कमाने के लिए आप रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी) इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स और रियल एस्टेट स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं. मिंट में छपे एक लेख के हवाले से हम इन्हीं तीनों निवेश विकल्पों के बारे में विस्तार से आपको बताएंगे.

रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी)
यह भारतीय उपमहाद्वीप में भले ही एक चलन हो लेकिन आरईआईटी लंबे समय से बाजार में हैं. आप इन आरईआईटी में एक छोटी राशि के साथ निवेश कर सकते हैं और इन्हें मैनेज करने वाले संस्थानों द्वारा उत्पन्न रेन्टल इनकम से कमा सकते हैं. यहां प्रत्येक निवेशक को उसके निवेश के आधार पर रिटर्न मिलता है. अवंता इंडिया के एमडी नकुल माथुर बताते हैं कि आरईआईटी आमतौर पर एक बड़ी कंपनी होती है जो बड़ी आय देने वाले रियल एस्टेट की मालिक होती हैं और उन्हें प्रबंधित करती हैं. ये संपत्तियां अस्पताल, गोदाम, बड़े कार्यालय स्थान, शॉपिंग मॉल, होटल और विभिन्न प्रकार की वाणिज्यिक संपत्तियां हो सकती हैं. इसके अलावा, कंपनी के हर दूसरे इक्विटी शेयर की तरह शेयर बाजार में आरईआईटी का कारोबार किया जा सकता है.

इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स
एआरईटीई समूह के वीरेंद्र कुमार कहते हैं कि आरईआईटी के समान ही, खुदरा निवेशक इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट या इनविट्स में भी निवेश कर सकते हैं. इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट बड़ी कंपनियां हैं जिनका ऑपरेशनल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर मालिकाना हक होता है और इनसे मिलने वाली आय उनकी कमाई होती है. सरल शब्दों में, इनविट्स म्यूचुअल फंड की तरह जमा निवेश वाहन हैं. वे अर्जित राशि को राजमार्ग परियोजनाओं, बिजली संयंत्रों, हवाई अड्डों, ट्रांसमिशन लाइनों और बड़े पैमाने की पाइपलाइन परियोजनाओं आदि में निवेश करते हैं. इसके अलावा, इनविट्स को इस तरह से डिज़ाइन और प्रबंधित किया जाता है कि निवेशकों के पैसे का 80 प्रतिशत हिस्सा ऐसे प्रोजेक्ट में लगाया जाता है जहां से आय मिल रही हो और प्रोजेक्ट पूरा हो चुका हो. इससे निर्माणाधीन परियोजनाओं से जुड़ा जोखिम कम होता है.

रियल एस्टेट स्टॉक में निवेश
इस क्षेत्र में लाभ कमाने के सबसे प्रसिद्ध तरीकों में से एक है रियल एस्टेट स्टॉक्स में निवेश करना. हालांकि, स्टॉक में निवेश उच्च जोखिम वाला सौदा है लेकिन एक बढ़ते बाजार में इससे मोटी कमाई भी की जा सकती है. गोयल गंगा समूह के एमडी अतुल गोयल के अनुसार, यदि आप सीधे शेयरों में निवेश नहीं करना चाहते तो एक ऐसा म्यूचुअल फंड चुन सकते हैं जो रियल एस्टेट बाजार पर केंद्रित हो. वह कहते हैं कि यहां बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों के एक पूल में आपका पास लगाया जाएगा. म्यूचुअल फंड में निवेश आपके वित्तीय जोखिम को थोड़ा कम कर देता हैं क्योंकि कई शेयरों में पैसा लगा होने के कारण अगर कोई स्टॉक खराब प्रदर्शन भी करता है तो दूसरा स्टॉक बेहतर प्रदर्शन कर उसकी भरपाई कर देता है.

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Investment Options: 5 लाख रुपये के साथ कहां करें निवेश, क्‍या होगा बेहतर विकल्‍प?

आपके पास 5 लाख की राशि है, जिसे आप अच्‍छे फंड में बदलना चाहते हैं तो यहां एक्‍सपर्ट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सरकारी योजनाओं से लेकर SIP, शेयर बाजार आदि में निवेश कर सकते हैं।

Investment Options: 5 लाख रुपये के साथ कहां करें निवेश, क्‍या होगा बेहतर विकल्‍प?

निवेश के लिए आप यहां कुछ बेहतर विकल्‍प के बारे में जान सकते हैं। (फोटो- Freepik)

आधुनिक समय में लोग निवेश की ओर अधिक गौर कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं से लेकर बैंक एफडी और अधिक रिस्‍क के लिए शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसी जगहों पर पैसा लगा रहे हैं। सरकारी योजनाओं और बैंक एफडी में रिस्‍क कम होता है और इसमें पैसा लगाने सेफ माना जाता है। साथ ही निवेश क्या होता हैं अच्‍छा रिटर्न भी दिया जा रहा है। वहीं मार्केट और म्यूचुअल फंड में निवेश करना रिस्‍की माना जाता है, लेकिन आपको कम समय में अधिक रिटर्न मिल सकता है।

अगर आप भी निवेश की प्‍लानिंग कर रहे हैं और आपके पास 5 लाख की राशि है, जिसे आप अच्‍छे फंड में बदलना चाहते हैं तो यहां एक्‍सपर्ट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सरकारी योजनाओं से लेकर SIP, शेयर बाजार आदि में निवेश कर सकते हैं।

अगर कोई व्‍यक्ति रिटायर हो रहा है और उसके पास पांच लाख की राशि है तो वह अधिक रिस्‍क लेने के बजाय रेगुलर इनकम जैसी योजनाओं में निवेश कर सकता है। फिक्‍स डिपॉजिट पर अपने सुविधाजन टेन्‍योर के लिए, सीनियर सिटीजन सेविंग स्‍कीम और पेंशन प्‍लान आदि जैसी योजनाओं में निवेश कर सकते निवेश क्या होता हैं हैं।

Gadkari At Chinese Restaurant: चाइनीज रेस्टोरेंट में खाने गए थे नितिन गडकरी, शेफ की सैलरी सुन रह गए थे दंग

इंदिरा गांधी के ल‍िए मास्‍को से भ‍िजवाए गए थे मछली के अंडे, नर‍स‍िम्‍हा राव और वाजपेयी व‍िदेश दौरे पर साथ ले जाते थे शेफ

2023 में इन 3 राशि वालों की धन- दौलत में अपार बढ़ोतरी के आसार, वैभव के दाता शुक्र ग्रह करेंगे मीन राशि में प्रवेश

हालांकि अगर आपने अभी नौकरी करना शुरू किया है तो आप अपनी क्षमता के अनुसार निवेश का विकल्‍प चुन सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए निवेश के बहुत से विकल्‍प उपब्‍ध हैं। कम जोखिम वाला व्‍यक्ति निवेश से दूर रहने का विकल्‍प चुनेगा तो वहीं रिस्‍क लेना वाला व्‍यक्ति शेयर मार्केट में निवेश का विकल्‍प चुन सकता है।

ग्रिप के संस्थापक और सीईओ निखिल अग्रवाल ने कहा कि एक युवा निवेशक के रूप में आपके पास समय है और यदि आपके पास आय का एक स्थिर स्रोत है, तो आप अधिक जोखिम उठा सकते हैं। हालांकि निवेश शुरू करने से पहले आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए आपका निवेश बाधित न हो।

आप स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा जैसी बुनियादी चीजों में निवेश कर सकते हैं और एक लिक्विड फंड बना सकते हैं, जिसे आप आपात स्थिति में उपयोग कर सकते हैं। वहीं मार्केट के तहत आप एकमुश्त के बजाय व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) में निवेश कर सकते हैं। अधिक फंड के लिए आप म्यूचुअल फंड में भी निवेश कर सकते हैं।

एक्‍सपर्ट के अनुसार आप इससे थोड़ा अधिक रिस्‍क लेते हुए कॉरपोरेट बॉन्ड, एसेट लीजिंग, इन्वेंट्री फाइनेंस, कमर्शियल रियल एस्टेट और स्टार्ट-अप इक्विटी में भी निवेश शुरू कर सकते हैं।

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