New Interest Rate of SBI Fixed Deposit (FD) 2020 – फिक्स्ड डिपाजिट की नई ब्याज दरें।

आज के दौर में लोग शेयर बाजार, म्युचुअल फंड, बॉन्ड्स या फिर गोल्ड में निवेश करते हैं इसके बावजूद देश के लोगों में फिक्स्ड डिपॉजिट के प्रति भरोसा कम नहीं हुआ है। आज भी देश में सबसे सुरक्षित निवेश फिक्स्ड डिपॉजिट को ही माना जाता है। कम समयावधि, बेहतर रिटर्न और अच्छी ब्याज दर के कारण फिक्स्ड डिपॉजिट लोगों के बीच लोकप्रिय है। हालांकि फिक्स्ड डिपॉजिट में म्युचुअल फंड जितना अच्छा रिटर्न नहीं मिलता है फिर भी एफडी सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। नई पीढ़ी में एफडी को लेकर तमाम शंकाएं हैं, मसलन एफडी की सुविधा सिर्फ बैंक में ही है, क्या एफडी के ब्याज रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश पर टैक्स लगता है आदि। तो इन सभी शंकाओं के समाधान की जानकारी आगे दी गई है जिसमें हर बात को विस्तार से समझाया गया है।

What is Fixed Deposit Account - फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट क्या है?

सबसे पहले हमें जान लेना आवश्यक है, कि Fixed Deposit Account (FD) क्या होता है? जब कोई व्यक्ति किसी बैंक में किसी निश्चित धनराशी को किसी निश्चित समय के लिए फिक्स या जमा कर देता है, तो उसे हम Fixed Deposit Account (FD) कहते हैं। आमतौर पर आपके बचत खाता और चालू खाता में जमा धनराशि की अपेक्षा Fixed Deposit Account (FD) में जमा की गई धनराशि पर बैंक Interest Rate अधिक होता है।

आजकल भारत में लगभग सभी बैंक Fixed Deposit (FD) सुविधा प्रदान करते हैं | इन बैंकों में प्रमुख स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया , पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा , बैंक ऑफ इंडिया , केनरा बैंक , यूनियन बैंक , आई सी आई बैंक , एचडीएफसी बैंक , यस बैंक आदि सभी बैंक शामिल है। इन बैंकों के माध्यम से आप 7 दिन से लेकर 10 साल तक का Fixed Deposit (FD) करा सकते हैं। फिक्स डिपोजिट को शॉर्ट में FD अकाउंट भी कहते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ देशों में Term Deposit या Bond के नाम से भी जाना जाता है।

How much Interest is receive on the Fixed Deposit Account (FD) - एफ डी अकाउंट पर कितना ब्याज मिलता है ?

जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं। कि Fixed Deposit (FD) अकाउंट पर आपको साधारण बचत खाता या चालू खाता की तुलना में अधिक ब्याज प्रदान किया जाता है। बात करें ब्याज की तो कुछ समय पहले की फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट पर आपको करीब 15% ब्याज प्राप्त प्रदान किया जाता था। लेकिन मौजूदा समय में यह Interest Rate घटकर 3.5 % से 6 % रह गई है। पहले जहां अपने सेविंग अकाउंट का फिक्स डिपोजिट करवाने पर आपके पैसे 5 से 7 साल में दोगुने हो जाते थे। वही अब अपने सेविंग अकाउंट का FD करवाने में आपके पैसों को दुगना होने में कम से कम 12 से 14 साल का समय लग जाता है |
फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट पर Interest Rate में कटौती इसलिए होती है क्योंकि रिज़र्वे बैंक प्रतिवर्ष मुद्रास्फीति समायोजन करता है। जिसके कारण मुद्रा की कीमत में भी बदलाब आता है। महंगाई की वजह से सामान्यता सभी देशों में प्रतिवर्ष मुद्राओं की कीमत में लगातार कमी होती है। इसलिए सभी देशों में समय समय पर वहाँ की रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक अकाउंट में जमा धनराशि पर दिए जाने वाले Interest Rate में कटौती की जाती है।
बात करें अमेरिका जैसे विकसित देश की तो अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी यही हुआ है। अमेरिका मैं अब सेविंग अकाउंट में जमा धनराशि पर कोई भी ब्याज नहीं दिया जाता है। बल्कि बैंकों द्वारा ग्राहकों के धन की सुरक्षा के बदले सेविंग अकाउंट में जमा धन लाभ पर ब्याज वसूला जाता है।

How many days will be Doubled Deposits Amount - FD अकाउंट में जमा धनराशि कितने दिनों में Double हो जाएगी ?

पहले जहां फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट में जमा धनराशि को Double होने में 3 से 4 साल का समय लगता था | वही अब वर्तमान समय में Fixed Deposit Account (FD) में जमा धनराशि को दोगुना होने में 12 से 14 साल तक का समय लग जाता है। और आने वाले समय में फिक्स डिपोजिट में जमा धनराशि को दोगुना होने में और अधिक समय लग सकता है। लेकिन फिर भी आप यदि जानना चाहते हैं कि आपके फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट में जमा धनराशि कितने साल में दोगुनी हो जाएगी तो इसके लिए आपको बैंक द्वारा फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट में जमा धन पर जो Interest Rate दिया जा रहा है | उस को 72 से भाग दें | इसके पश्चात जो परिणाम आएगा आपका Fixed Deposit (FD) अकाउंट में जमा धनराशि उतने वर्षों में दोगुनी हो जाएगी।

आप इसे इस तरह से समझ सकते हैं। मान लीजिए आपके अकाउंट में जमा FD पर आपका बैंक 7.3% प्रतिशत का ब्याज देता है तो आप की जमा धनराशि 72 / 9 = लगभग 10 साल में दोगुनी हो जाएगी।

Required Documents - FD अकाउंट ओपन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज ?

यदि आप अपना Fixed Deposit Account (FD) अकाउंट ओपन करवाना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी –

  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • ID प्रूफ
  • पते का प्रमाण पत्र
  • पैन कार्ड कॉपी
  • कैश अमाउंट या जितने रुपयों की FD करानी है उसकी चेक
  • Fixed Deposit (FD) फॉर्म (बैंक द्वारा प्राप्त करें)

Where should open an FD account? - FD कहाँ पर खुलवाना चाहिए ?

एफडी की सुविधा एफडी को लेकर एक रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश बड़ा संशय ये है कि ये सुविधा सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंक, प्राइवेट सेक्टर के बैंक या फिर एनबीएफसी यानि नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनिया ही जारी कर सकती हैं। पर ऐसा नहीं है, एफडी की सुविधा आपको पोस्ट ऑफिस में भी मिल जाएगी। इसके अलावा आप कॉर्पोरेट एफडी ले सकते हैं जिसमें डिपॉजिट पर सबसे ज्यादा ब्याज मिलता है। हां यहां एक बात का ध्यान जरूर रखें कि कॉर्पोरेट एफडी को ज्यादा सुरक्षित नहीं माना जाता है। ऐसे में सुरक्षित एफडी कराने के लिए बैंक या फिर पोस्ट ऑफिस ज्यादा बेहतर हैं।

Does Interest be Taxable ? -क्या ब्याज पर टैक्स लगता है ?

क्या ब्याज पर टैक्स लगता है ? जी हां, एफडी पर मिले ब्याज पर कर देना होता है लेकिन अगर यह आपकी कुल आय में इनकम फ्रॉम अदर सोर्स के अंतर्गत आती है। पर एफडी ब्याज कैलकुलेटर के जरिए हमें पता चलता है कि किसी विशेष स्कीम पर आप कितना ब्याज कमा सकते हैं। यदि आपके पास किसी भी वित्तीय वर्ष में ब्याज की रकम 10,000 रुपए से अधिक हो जाती है तो इस राशि पर 10 फीसदी टीडीएस कटता है, हालांकि आयकर का मार्जिनल रेट 20 से 30 फीसदी के बीच रहता है लेकिन अतिरिक्त टैक्स लाइबिलटी होने पर रिटर्न फाइल करते समय टैक्स का भुगतान करना पड़ता है।

पीपीएफ-आरडी में निवेश से जमा करें पैसा

आजकल महंगाई के जमाने में लोगों के लिए एकमुश्त निवेश कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे लोगों के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) और रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) योजना काफी काम की साबित हो सकती हैं। इन योजनाओं में हर महीने निवेश कर आप बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। हम आपको इन योजनाओं के बारे में बता रहे हैं ताकि आप अपनी जरूरत के हिसाब से इनमें निवेश कर सकें।

पीपीएफ पर मिल रहा 7.1% ब्याज:

इस योजना को बैंक या पोस्ट ऑफिस में कहीं भी खोला जा सकता है। इसके अलावा इसे किसी भी बैंक में या किसी भी पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर भी किया जा सकता है। यहां आप केवल 500 रुपए से अकाउंट खोल सकते हैं। इस अकाउंट में हर साल अधिकतम डेढ़ लाख रुपए ही जमा किए जा सकते हैं। यह योजना 15 साल के लिए है, जिससे बीच में नहीं निकला जा सकता है। लेकिन इसे 15 साल के बाद 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसे 15 साल के पहले बंद नहीं किया जा सकता है, लेकिन तीन साल बाद से इस अकाउंट के बदले लोन लिया जा सकता है। यदि कोई चाहे तो इस अकाउंट से 7वें साल से नियमों के तहत पैसा निकाला जा सकता है। ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन माह में सरकार करती है। यह ब्याज दरें कम या ज्यादा हो सकती है। फिलहाल इस अकाउंट पर 7.1% ब्याज मिल रहा है। इस योजना में निवेश के जरिए 80उ के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्स रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश की छूट का लाभ लिया जा सकता है।

15 साल के लिए निवेश करने पर मिलेगा कितना रिटर्न?

इस योजना के तहत यदि आप हर महीने एक हजार रुपए 15 साल के लिए निवेश करते हैं तो आपको 15 साल बाद करीब 3.20 लाख रुपए मिलेंगे। यानी आपको 1.40 लाख रुपए से ज्यादा ब्याज मिलेगा।

आरडी पर मिल रहा 5.8% ब्याज

पोस्ट ऑफिस आरडी पर फिलहाल 5.8% सालाना ब्याज मिल रहा है। आरडी एक तरह की स्मॉल सेविंग योजना है। कोई भी व्यक्ति इसका खाता आप पोस्ट ऑफिस के अलावा बैंकों में भी खुलवा सकते हैं।

आरडी योजना में आप मिनिमम 100 रुपए हर महीने निवेश कर सकते हैं। इससे ज्यादा 10 के मल्टीपल में आप कोई भी रकम जमा करा सकते हैं। अधिकतम जमा राशि की कोई सीमा नहीं है।

आप एक या एक से अधिक आरडी अकाउंट भी खोल सकते हैं। छोटे बच्चों के नाम पर भी यह अकाउंट खोला जा सकता है। 10 साल या उससे अधिक आयु होने पर आप इसे खुद ऑपरेटर कर सकते हैं। 3 लोग मिलकर ज्वाइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं।

आरडी बड़ी बचत में आपकी मदद कर सकती है। आप इसका इस्?तेमाल गुल्लक की तरह कर सकते हैं। मतलब आप इसमें हर महीने सैलरी आने पर एक निश्चित रकम डालते रहें और 5 साल बाद मेच्योर होने पर आपके हाथ में बड़ी रकम होगी।

15 साल तक हर महीने 1 हजार निवेश करने पर कितना रिटर्न मिलेगा?

इस योजना के तहत अगर आप हर महीने 1 हजार रुपए 15 साल तक निवेश करते हैं तो आपको करीब 2.86 लाख रुपए मिलेंगे। यानी आपको 1.06 लाख रुपए से ज्यादा ब्याज मिलेगा।

कहां करें निवेश?

अगर आप अपने पैसे को 15 साल के लिए निवेश कर सकते हैं तो पीपीएफ योजना ठीक रहेगी। इसमें 7.1% ब्याज मिल रहा है। वहीं आरडी पर 5.8% ब्याज दिया जा रहा है। हालांकि इसमें लॉक इन पीरियड भी 5 साल का है जो पीपीएफ से काफी कम है। आप अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से अपने लिए सही योजना चुन सकते हैं।

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शेयरों में निवेश का सुनहरा अवसर, एक साल में दोगुणा होने का अनुमान

नयी दिल्‍ली : ज्‍यादा नहीं महज एक दशक पूर्व ही आम लोगों को शेयर बाजार में निवेश के लिए विभिन्‍न कंपनियों कई प्रकार के वादों का सहारा लेती थीं.इतना ही नहीं कंपनी के एजेंट लोगों को अपनी ओर से कई रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश लुभावने ऑफरों और जोरदार बढ़त का आश्‍वासन देने से भी नहीं चुकते थे. लेकिन इनदस सालों में काफी बदलाव आया है और शेयर बाजार में जोखिमों को जानने के बाद भी आम लोगों ने निवेश में दिलचस्‍पी दिखायी है. मीडिया रिपोर्टो के अनुसार, पिछले डेढ़ साल में हर दूसरे शेयर की कीमत दोगुणी हुई है.

जब से नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में भाजपा ने केंद्र में सरकार बनायी है, निवेशकों के उत्‍साह के कारण बाजार कई रिकार्ड स्‍थापित कर चुका है. ऐसे में बाजार के जानकारों की ओर से लगातार ये बयान आ रहे हैं कि 2016 तक भारतीय शेयर बाजार अपनी तेजी बरकरार रखते हुए दोगुण तक हो सकता है.

एक न्‍यूज चैनल से बात करते हुए एक विशेषज्ञ ने तीन-चार दिनों पूर्व रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश ही कहा था कि 2016 तक सेंसेक्‍स 50 हजारी हो जायेगा. अभी गिरावट और बढ़त के बीच सेंसेक्‍स 28000 के ऊपर कारोबार कर रहा है. पिछले दो-तीन माह में सेंसेक्‍स ने कई नये कीर्तिमान स्‍थापित किये हैं.

यहां की दो प्रमुख बाजारें बंबई स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) लगातार बुलंदी की ओर अग्रसर है. इतना ही नहीं मिडकैप और स्‍मॉलकैप के शेयरों में भी कई गुणा की बढ़ोतरी हुई है. बीएसई में 30 बड़े कंपनियों का शेयर है तो एनएसई में 50 बड़ी कंपनियों ने अपना पैसा लगाया है.

सरकार की नीति का सकारात्‍मक प्रभाव

मोदी सरकार की ओर से विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की नीति और घोषणाओं के कारण शेयर बाजार में उत्‍साह बना हुआ है. इसका भरपूर फायदा निवेशकों को मिल रहा है और नये निवेशक भी आकर्षित हो रहे हैं. विदेशी निवेशकों की दिलचस्‍पी से भी बाजार को खासा फायदा हुआ है. इसके अलावे भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के सुधरने से भी बाजार की रौनक वापस लौटी है. केंद्र सरकार के सभी बड़े फैसलों का असर परोक्ष या अपरोक्ष रूप से बाजार पर पड़ता नजर आ रहा है.

शेयरों में निवेश के सरल माध्‍यम हैं उपलब्‍ध

एक समय था जब शेयर बाजार में निवेश को काफी पेचिदा माना जाता था. आम लोगों को यह भी पता नहीं होता था कि शेयर बाजार में निवेश का माध्‍यम क्‍या है और कैसे अपने पैसों को सही कंपनियों में निवेश किया जाये. वहीं अब सरकारीऔर गैरसरकारी बैंकों की ओर से एसआईपी के माध्‍यम से आम लोगों का पैसा विभिन्‍न कंपनियों के शेयरों में लगाया जा रहा है और ग्राहकों को खासा लाभ भी मिल रहा है. बैंकों की ओर से तमाम जोखिमों के बावजूद ग्राहकों को शेयर रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश बाजार में निवेश के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है. साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि निवेश के विभिन्‍न माध्‍यमों में शेयर बाजार में पैसों की बढ़ोतरी की संभावनाएं कहीं ज्‍यादा हैं. कई बैंकों ने तो एसआईपी के लिए कई प्रकार के स्‍कीम भी निकाल रखे हैं और ग्राहक इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं.

शेयर बाजार मौजूदा समय में निवेश का सही क्षेत्र

विशेषज्ञों की मानें तो शेयर बाजार को मौजूदा समय में निवेश का सबसे सही क्षेत्र माना जा रहा है. उनकी राय में अगले एक साल में ही भारतीय शेयर बाजार दोगुणा हो जायेगा. इसका प्रत्‍यक्ष लाभ निवेशकों को मिलेगा. इतने कम समय में किसी भी अन्‍य क्षेत्र में निवेश कर इतना लाभ नहीं कमाया जा सकता है. देखा जाये तो प्रॉपर्टी, सोना, एफडी, रेकरिंग डिपॉजिट, म्‍यूचुअल फंड, एनएससी आदि निवेश के विभिन्‍न क्षेत्र हैं.

इससे पहले सोने में निवेश को सबसे अच्‍छा माना जा रहा था. लेकिन काफी तेजी के बाद सोने की कीमतों में आयी भारी गिरावट ने निवेशकों को भरोसा तोड़ दिया है. उक्‍त क्षेत्रों की बात की जाये तो मौजूदा समय में म्‍यूचुअल फंड को ज्‍यादा पसंद किया जा रहा है. इसकों देखते हुए ही सभी बैंकों ने अपने यहां एसआईपी को मान्‍यता दे रखी है. इन सब के बीच सबसे ज्‍यादा तेजी से फायदा मिलने वाला क्षेत्र भी शेयर बाजार ही है. अब आपको फैसला करना है कि आप अपना पैसा किस क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं. आप डिमेट एकाउंट खुलवा कर सीधे शेयर में निवेश रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश कर सकते हैं या फिर म्यूचुअल फंड व एसआइपी के जरिये अप्रत्यक्ष तौर पर भी शेयरों में निवेश कर सकते हैं.

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RD(Recurring Deposit) क्या है ?

Recurring Deposit (RD) बचत का लोकप्रिय तरीका है. इसे फिक्स्ड डिपॉजिट और लंबी अवधि की डाकघर स्कीमों का अच्छा विकल्प मानते हैं. Recurring Deposit (RD) में किसी को निश्चित अवधि के लिए हर महीने एक तय राशि जमा करनी पड़ती है. अवधि खत्म होने पर मैच्योरिटी की राशि व्यक्ति को वापस दी जाती है. इसमें निवेश की मूल राशि और उस पर कमाया गया ब्याज शामिल होता है. इस तरह के भी Recurring Deposit (RD) हैं जिनमें अलग-अलग राशि जमा की जा सकती है. लेकिन, ज्यादातर मामलों में हर महीने एक निश्चित राशि जमा की जाती है.

Recurring Deposit (RD) एक ऐसी बचत होती है जिसके माध्यम से हम बैंक या पोस्ट ऑफिस में जितना पैसा जमा करेंगे हमें उस पर एक निश्चित ब्याज दर से निश्चित समय पर रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश मिलता है .इस RD खाते को आप कहीं भी खुलवा सकते है परन्तु पोस्ट ऑफिस में खुलवाया जाय तो काफी बेहतर होता है. क्योकि पोस्ट ऑफिस में बैंको की तुलना में रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश अधिक ब्याज दर मिलता है. सरकार के द्वारा हाल ही में छोटी छोटी बचत योजनाओं पर पर ब्याज घटाने का फैसला लिया गया है लेकिन इससे इस पर कोई प्रभाव नहीं पडेगा , पहले Recurring Deposit (RD)पर आपको 7.30 फीसदी के दर पर ब्याज मिलता था जो की अब 7.20 फीसदी मिलेगा .

RD एक पैसे जमा करने की योजना है जिसमे आप Bank और Post ओ|Office में आप हर महीने एक निश्चित Amount जमा करवा सकते हैं और Bank आपको इस पर निश्चित दर से ब्याज देता है. कुछ Bank दस साल तक का RD जमा भी करने देते हैं. यदि आप नौकरी पेशा हैं तो आप अपने Salery Account के साथ RD खाता खोल सकते हैं. वहीं यदि आप Saving के लिए अलग खाता Maintain करते हैं, तो आप 3,6,9 या 12 महीने या उससे अधिक समय के लिए RD शुरू कर सकते हैं. Saving Account के साथ RD खोलने पर आपको हर महीने पैसा जमा करने की जरूरत नहीं होती. आपके Account से Automatic पैसा कट जाता है.

अवधि खत्म होने पर मैच्योरिटी की रकम व्यक्ति को वापस दी जाती है. इसमें निवेश की मूल रकम और उस पर कमाया गया ब्याज शामिल होता है. इस तरह के भी रेकरिंग डिपॉजिट हैं जिनमें अलग-अलग राशि जमा की जा सकती है. लेकिन, ज्यादातर मामलों में हर महीने एक निश्चित राशि जमा की जाती है.

अगर आप SBI में RD अकाउंट खोलना चाहते है तो आओ howtohindi.in वेबसाइट पर जाये.

Recurring Deposit (RD) की अवधि -

Recurring Deposit (RD) को आप कम से कम 6 months or ज्यादा से ज्यादा 10 साल क लिए कर सकते है.आप इसमें 100 रुपया से लेकर जितने आप करना चाहते है कर सकते है.

Recurring Deposit (RD) में आप कम से कम 1 साल और अधिक से अधिक 10 साल तक के लिए खाता खोल सकते हैं. अगर आपको रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश 1 साल के अंदर ही पैसे की जरुरत है तो आपको 1 साल का ही खाता खुलवाना होगा क्‍योंकि बीच में आप खाते से पैसे नहीं निकाल सकते हैं. तो वहीं कुछ बैंक 6 महीने तो कुछ 12 महीने के लिए भी खाता खोलने की सुविधा देते हैं.

Online RD Account खोलने का फायदा -

आप RD Account Online भी खोल सकते है. आप Recurring Deposit (RD) जमा खाता Online Internet पर खोल सकते हैं इसके लिए आपको बैंक जाने की आवश्‍यकता नहीं है. इसके अलावा खाता खोलने के लिए केवायसी डाक्‍यूमेंट्स, पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज की फोटो की जरुरत फॉर्म भरते समय होगी.

Recurring Deposit (RD) की ब्याज दर -

RD की ब्याज दर Saving Account की ब्याज दर से ज्यादा होती है.Normally इसकी ब्याज दर 6% से लेकर 9% तक के बीच में होती है. Recurring Deposit (RD) की ब्याज दर अवधि के साथ बदलती रहती है इसीलिए जब आप लोग RD करवाए रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश तो इस बात पर ध्यान दीजियेगा की किस time की ब्याज दर ज्यादा है. वैसे ज्यादातर RD की ब्याज दर FD(Fix Deposit) की ब्याज दर के बराबर ही होती है.

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