आइसक्रीम कोन बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें | Ice cream Cone Making Business Plan in hindi

जिस एरिया मे आप आइसक्रीम कोन स्वचालित व्यापार क्या है का बिजनेस शुरू करना चाहते है वहाँ के मार्केट का रिसर्च करना होगा। इसमे आपको आइसक्रीम कोन बनाने के बिजनेस मे कंपटीशन , आइसक्रीम कोन की डीमांड वगैरा की जांच-पड़ताल करनी होगी

2 कच्चा माल

आइसक्रीम कोन बनाने के लिए निम्न कच्चा माल की जरूरत होती है-

गेहूं का आटा : रू 2,200 प्रति क्विंटल.

मक्के का आटा : रू 1700 प्रति क्विंटल

सोडा: रू 60 प्रति किलोग्राम

बेकिंग पाउडर : रू 290 प्रति किलोग्राम

चीनी : रू 4500 प्रति क्विंटल

रंग : रू 70 प्रति सौ ग्राम

अरारोट पाउडर : रू 130 प्रति किलोग्राम

कहाँ से खरीदे

आइसक्रीम कोन बनाने का बिजनेस करने के लिए आप कच्चा माल ऑनलाइन या ऑफलाइन कहीं से भी खरीद सकते हैं। ऑनलाइन के लिए इस साइट मे जा सकते हैं-

  • bigbasket.com/
  • indiamart.com/

2 मशीन

आइसक्रीम कोन बनाने के बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको मशीन की आवश्यकता होगी यह मशीन पूरी तरह से स्वचालित होते हैं।

कहाँ से खरीदे

यह मशीन आपको 2 से 3 लाख के बीच मिल जाएगी।

इन मशीन को खरीदेने के लिए bigbasket.com/ या indiamart.com/ साइट मे विजिट कर स्वचालित व्यापार क्या है सकते हैं।

4 आवश्यक जगह

कोन बनाने के मशीन को रखने के लिए आपको 200 वर्ग मीटर स्थान के जरूरत होगी।

5 आइसक्रीम कोन बनाने की विधि

  • आटा, सोडा, चीनी, बेकिंग पाउडर आदि को अच्छे से मिलाए
  • मिश्रण को मशीन के सांचे में डालें।
  • 25- 30 मिनट के लिए ढँक दें
  • मशीन मे कोन बनाने का साँचा दिया होता है। इसे चालू करके गर्म करें।
  • साँचे मे मिश्रण को डालकर 12-15 मिनट के लिए बंद कर दें।
  • 12-15 मिनट के बाद कोन बनकर तैयार हो जाएगी। इसे पैक कर आप बाजार मे भेज सकते है।

6 पैकेजिंग

कोन बहुत नाजुक होते है। पैकेजिंग करते समय इनको टूटने से बचाए। इसलिए कोन के आकार के पैकेट मे पंक्ति बद्धकर सावधानीपूर्वक इनकी पैकिंग करे।

7 कुल लागत

आइसक्रीम कोन बनाने के लिए कच्चा माल ,आवश्यक मशीन ,मशीन को रखने के लिए जगह तथा कर्मचारियों के शुरुआती वेतन एवं अन्य खर्चों को मिलाकर कर 7.5 लाख रूपये की लागत आ सकती है।

8 लाइसेन्स

आइसक्रीम कोन बिजनेस के लिए FSSAI ,Treadmark number,GST number , ROC और SSI यूनिट के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करना होगा। ताकि बिजनेस के बीच मे किसी तरह का कोई कानूनी अड़चन न आए।

9 मार्केटिंग करें

अगर आप आइसक्रीम कोन बनाने के बिजनेस में जल्दी सफलता पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको बैनर/पोस्टर वगैरा लगवाकर इसकी मार्केटिंग करनी पड़ेगी। अपने कोन को आप शहर के वेडर्स को बेच सकते हैं जो घूम-घूम कर आइसक्रीम बेचते है।

10 लाभ ( Profit)

यदि आप इस बिजनेस की अच्छी तरह से मार्केटिंग करते हैं तो इससे महीने का 1 लाख रूपये तक आराम से कमा सकते हैं।

11 लोन (Loan)

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए यदि आपके पास पैसे नहीं है तो आप सरकार के MSME के तरफ से कुल पूंजी का 80% तक लोन प्राप्त कर सकते हैं।

इस व्यापार के जरिये मोटी कमाई करने के साथ कम से कम 5-6 लोग को आप रोजगार भी दे सकते हैं।

स्वचालित सोया दूध संयंत्र की मदद से अपना उद्योग लगाकर किसान कर सकते हैं लाखों की कमाई

soyabean dudh avam paneer tofu banane ki mashin

सिर्फ कृषि कार्यों से किसानों का गुजारा अब नहीं स्वचालित व्यापार क्या है चल रहा है अब किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए कुछ नया करने की आवश्यकता है | खेती से आय कम होने के कारण युवाओं का ध्यान खेती से हट रहा है या तो ग्रामीण युवा वर्ग शहरों की और काम की तलाश में शहरों की और पलायन कर रहे हैं या किसी नए बिज़नस (जिसकी लागत कम हो) की शुरुआत करना चाहते हैं | सरकार भी कृषि उद्यम बढ़ाने के स्वचालित व्यापार क्या है लिए प्रयासरत हैं इसके लिए कृषि अनुसन्धान परिषद् के द्वारा नई-नई टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है जिसका उपयोग कर युवा वर्ग आसानी से अपना उद्योग स्थापित कर आय कर सकता है | इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है किसी तरह से किसान जो कच्चा माल खेतों से उत्पादित करता है उसे प्रोडक्ट बना कर बेचना |

इसी श्रंखला में भाकृअनुप-केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल और मैसर्स रॉयल प्लांट सर्विसेज, दिल्ली ने 100 लीटर/घंटे की क्षमता वाला एक स्वचालित सोयामिल्क प्लांट विकसित किया है। इस संयंत्र की विशेषताओं में भरण और पिसाई इकाई, भंडारण स्टोरेज टैंक, बॉयलर यूनिट, कुकर, विभाजक, न्यूमेटिक टोफू प्रेस और कंट्रोल पैनल आदि शामिल हैं। ग्राइंडिंग सिस्टम में टॉप हॉपर, फीडर कंट्रोल प्लेट, बॉटम हॉपर और ग्राइंडर शामिल हैं।

क्या है स्वचालित सोया दूध संयंत्र ?

स्वचालित सोया दूध संयंत्र एक ऐसी मशीन है जिसकी मदद से सोयाबीन का दूध और टोफू बनाया जा सकता है | यह दोनों ही बाजार में आसानी से बेचे जा सकने वाले उत्पाद हैं | सोयाबीन दूध सयंत्र से लगभग हर दूसरे दिन लगभग 70 लीटर सोया दूध और 10 किलोग्राम टोफू का उत्पादन किया जा सकता हैं। सोया दूध मूलतः सोयाबीन का स्वचालित व्यापार क्या है निचोड़ (रस) होता है। तैयारी के मूल चरणों में सोयाबीन का चयन, पानी में मिलाना, पीसना और फाइबर (ओकरा) से सोया दूध को अलग करना, लिपोऑक्सीजिनेज और ट्रिप्सिन अवरोधकों को निष्क्रिय करने के लिए पकाना, सूत्रीकरण करना, गढ़ बनाना और सोया दूध की पैकेजिंग करना शामिल है। इस मशीन से लगभग प्रतिवर्ष लगभग 20 टन सोया दूध पाउडर और 3-4 टन टोफू का उत्पादन किया जा सकता है |

स्वचालित सोया दूध संयंत्र किस प्रकार कार्य करता है ?

इस सयंत्र में भरण और पिसाई इकाई, भंडारण स्टोरेज टैंक, बॉयलर यूनिट, कुकर, विभाजक, न्यूमेटिक टोफू प्रेस और कंट्रोल पैनल आदि शामिल हैं। ग्राइंडिंग सिस्टम में टॉप हॉपर, फीडर कंट्रोल प्लेट, बॉटम हॉपर और ग्राइंडर शामिल हैं। चक्की से आने वाली सोया घोल को स्टोरेज टैंक में इकट्ठा किया जाता है और स्क्रू पंप असेंबली द्वारा कुकर में पंप किया जाता है। 12 किलोवाट हीटर और कुकर के बॉयलर स्वचालित दबाव वाल्व द्वारा जुड़े होते हैं और वांछित दबाव और तापमान पर कुकर को आसानी से भाप जारी करते हैं। फीड दर को 20 किग्रा/घंटा पर नियंत्रित किया जाता है।

कुकर में 490 केपीए का भाप दाब तथा 150 डिग्री सेल्सियस का तापमान जारी किया जाता है। जब कुकर का दबाव और तापमान क्रमशः 2.5 किलो और 120 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है और इस स्थिति को 3 मिनट तक बनाए रखा जाता है तब स्वचालन वाल्व खुल जाता है और सोया घोल विभाजक को पंप करता है। विभाजक वांछित सोया दूध और ओकारा को अलग कर देता है। विकसित स्वचालित सोया दूध संयंत्र बहुत अच्छी गुणवत्ता वाले दूध का उत्पादन करता है।

स्वचालित सोया दूध संयंत्र से दूध बनाने में लागत और आय

सोया दूध और टोफू की बिक्री की लागत क्रमशः 40 रुपए प्रति लीटर और 150-200 रुपए स्वचालित व्यापार क्या है प्रति किलो है। सोया दूध और टोफू के उत्पादन की लागत को क्रमशः 15 रुपए प्रति लीटर और 50 रुपए प्रति किलोग्राम है | स्वचालित व्यापार क्या है इस तरह से देखा जाए तो इस यंत्र की मदद से लाखों रुपये की कमाई की जा सकती है | इस मशीन की कीमत लगभग 2 लाख रुपये है जिसे किसान भाई से प्राप्त कर सकते हैं |

किसान कहाँ से ले सकते हैं ?

यह यंत्र उत्पाद प्रसंस्करण प्रभाग, केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल के द्वारा विकसित किया गया है जो भी इच्छुक किसान भाई इसके बारे में अन्य जानकारी चाहते हैं यहाँ से ले सकते हैं साथ ही यहाँ से मशीन भी प्राप्त कर सकते हैं | इतना ही नहीं केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल द्वारा सोयाबीन से अन्य उत्पाद जैसे सोया बिस्किट, सोया आटा आदि उत्पाद बनाने की मशीने भी विकसित की गई है साथ ही यहाँ किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है | इसका लाभ लेकर किसान सोयाबीन आधारित अपना उद्योग स्थापित कर सकते हैं |

टेलीकॉम इंडस्ट्री में अब 100 फीसदी FDI, चीन जैसे देशों के लिए है ये बड़ी शर्त

बीते दिनों केंद्र सरकार ने टेलीकॉम इंडस्ट्री में स्वत: मंजूर मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत देने का ऐलान किया था। अब इस फैसले का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। इस.

टेलीकॉम इंडस्ट्री में अब 100 फीसदी FDI, चीन जैसे देशों के लिए है ये बड़ी शर्त

बीते दिनों केंद्र सरकार ने टेलीकॉम इंडस्ट्री में स्वत: मंजूर मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत देने का ऐलान किया था। अब इस फैसले का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। इस नोटिफिकेशन में चीन जैसे देशों के लिए कुछ शर्तें भी हैं।

क्या है शर्तें: उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने एक प्रेस नोट में कहा कि टेलीकॉम सर्विसेज में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पूरी तरह से 2020 के प्रेस नोट-3 की स्थिति पर निर्भर करेगा।

दरअसल, प्रेस नोट-3 के तहत किसी ऐसे देश की एक इकाई, जिसकी भूमि सीमा भारत के साथ लगती है या भारत में होने वाले निवेश से जुड़ा लाभार्थी वहां रहता है अथवा ऐसे किसी देश का नागरिक है, वह केवल सरकारी मार्ग के तहत निवेश कर सकता है। मतलब ये कि चीन, श्रीलंका जैसे पड़ोसी देश के निवेशकों को निवेश से पहले सरकार की मंजूरी जरूरी है।

अब तक क्या थे नियम: अभी तक टेलीकॉम इंडस्ट्री में केवल 49 फीसदी एफडीआई को स्वत: मार्ग से अनुमति दी गई थी और इससे आगे की किसी भी चीज को अनिवार्य रूप से सरकारी मार्ग से जाना पड़ता था।

आपको बता दें कि स्वचालित व्यापार क्या है हाल ही में केंद्र सरकार ने एडजस्ट ग्रॉस रेवेन्यू के बकाये के बोझ तले दबी टेलीकॉम कंपनियों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इसमें एजीआर चुकाने के लिए मोरेटोरियम के अलावा पेनल्टी पर राहत समेत अन्य फैसले शामिल हैं। सरकार के इन फैसलों से सबसे बड़ा फायदा वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल को मिलने की उम्मीदी की जा रही है।

Small Business Ideas- 5 से 25 लाख साल तक कमा सकते हैं, यह सस्ती 4-5 मशीन खरीद लीजिए

शादी-पार्टियों साल भर चलती है। अब तो चतुर्मास में भंडारे भी बड़ी संख्या में होने लगे हैं। हर आयोजक अपने मेहमानों को स्वादिष्ट खाना खिलाना चाहता है। इसके साथ लोग हमेशा यह भी चाहते हैं कि किसी मेहमान को किसी चीज की कमी ना पड़े लेकिन जब मेहमानों की भीड़ लगती है तो कुछ ना कुछ कम जरूर पड़ जाता है। आज अपन कुछ ऐसी मशीनों के बारे में बात करेंगे जिनके कारण कभी कुछ भी कम नहीं पड़ेगा।

शादी पार्टियों के लिए बहुत काम की मशीनें

  • Vegetable cutter automatic machine
  • spice grinding machine
  • Laddu peda making automatic machine
  • Puri Roti papad making automatic machine
  • Jalebi making automatic machine
  • Coffee machine
  • Panipuri making machine
  • Pani puri filling machine
  • Dosa making machine

इसके अलावा भी लिस्ट बहुत लंबी है। आप अपने क्षेत्र के हिसाब से सर्वे करके अपने लिए मशीनों का चुनाव कर सकते हैं। मार्केट सर्वे के दौरान आपको उन लोगों से मिलना है जो शादी पार्टियों में खाना बनाते हैं। कई शहरों में इस प्रकार के कुक को हलवाई या महाराज भी कहते हैं। खाना बनाने के ऑर्डर इन्हीं के पास आते हैं। ज्यादातर यह लोग अपनी पूंजी नहीं लगाते। बर्तन भी किराए पर ही लाते हैं।

आप इनसे चर्चा करें और डील फाइनल करें कि जरूरत पड़ने पर आपसे मशीन किराए पर ली जाएंगी। इन मशीनों के माध्यम से ना केवल फटाफट खाना बना पाएंगे बल्कि वह अच्छा स्वाद भी दे पाएंगे। आप चाहे तो मशीनों स्वचालित व्यापार क्या है के साथ मशीन ऑपरेटर भी भेज सकते हैं। इस बिजनेस में वन टाइम इन्वेस्टमेंट है। आपको हर रोज दुकान नहीं खोलनी पड़ेगी और 5 से लेकर 25 लाख रुपए साल तक कमा सकते हैं।

ब्लैक बॉक्स मॉडल बिजनेस क्या है? क्यों इसके खिलाफ है सेबी?

ब्लैक बॉक्स मॉडल बिजनेस क्या है? क्यों इसके खिलाफ है सेबी?

भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) की चेयरमैन माधवी पुरी बुच ने बुधवार को कहा कि कोई भी ऐसा तरीका जो ‘ब्लैक बॉक्स’ पर आधारित है और जिसका न तो लेखा परीक्षण किया जा सकता है और न ही सत्यापन किया जा सके, उसकी इजाजत नहीं दी जाएगी.

भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) की चेयरमैन माधवी पुरी बुच ने बुधवार को कहा कि कारोबार करने का कोई भी ऐसा तरीका जो ‘ब्लैक बॉक्स’ पर आधारित है और जिसका न तो लेखा परीक्षण किया जा सकता है और न ही सत्यापन किया जा सके, उसकी इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि ‘डेटा’ पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है और इसे अपने अधिकार में लेने का किसी भी निजी इकाई या व्यक्ति का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बुच ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम एल्गो (एल्गोरिदम) ट्रेडिंग के समर्थन में या विरोध में नहीं हैं, बशर्ते पर्याप्त पारदर्शिता और खुलासे हों. कारोबारी मॉडल ‘ब्लैक बॉक्स’ पर आधारित नहीं हो सकते हैं. इसलिए ऐसा कोई भी दावा जिसका लेखा परीक्षण या सत्यापन नहीं हो सके उसकी इजाजत नहीं दी जाएगी.’’

ऐसी खबरें आई थीं कि सेबी एल्गो ट्रेडिंग के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. वहीं, कुछ ब्रोकरों ने एनएसई के शीर्ष अधिकारियों के साथ मिलीभगत में एल्गो ट्रेडिंग का दुरुपयोग भी किया था.

क्या है ‘ब्लैक बॉक्स’?

‘ब्लैक बॉक्स’ एक उपकरण या प्रणाली है, जो अपने आतंरिक कामकाज के बारे में कोई खुलासा किए बिना उपयोगी जानकारी देता है. इसके निष्कर्षों के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं रहता है.

एल्गो ट्रेडिंग में एल्गोरिद्म के आधार पर शेयरों की खरीद या बिक्री का ऑर्डर अपने-आप सक्रिय हो जाता है। इस प्रणाली में शेयरों के भाव पर स्वचालित ढंग से नजर रखी जाती है और पहले से तय मानक पूरा होने पर एक ऑर्डर सक्रिय हो जाता है। इस प्रणाली के होने पर शेयर कारोबारी चढ़ते-उतरते भाव पर लगातार नजर रखने से मुक्त रहता है.

सेबी ने जारी किए थे दिशानिर्देश

इस महीने की शुरुआत में पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों को एल्गो ट्रेडिंग से संबंधित सेवाएं देने वाले ब्रोकरों के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे. दरअसल, सेबी ने पाया था कि कुछ शेयर ब्रोकर नियमन के दायरे से बाहर मंचों के जरिये एल्गोरिदम (एल्गो) आधारित कारोबार की सुविधा निवेशकों को दे रहे हैं.

सेबी ने एक सर्कुलर में कहा था कि ये मंच निवेशकों को कारोबार के स्वचालित निष्पादन के लिए एल्गोरिदम ट्रेडिंग सेवाएं या रणनीति उपलब्ध करा रहे हैं. ऐसी सेवाओं और रणनीतियों का निवेश पर उच्च रिटर्न के ‘दावों’ के साथ विपणन किया जा रहा है. इसको देखते हुए सेबी ने ऐसे शेयर ब्रोकरों के लिए कुछ जिम्मेदारी तय की है.

एल्गोरिदम ट्रेडिंग सेवाएं देने वाले ब्रोकरों को पूर्व के या भविष्य के रिटर्न को लेकर कोई भी संदर्भ देने से मना किया गया है. साथ ही ऐसे किसी भी मंच से संबद्ध होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है जो एल्गोरिदम के पहले के या भविष्य के लाभ के बारे में कोई संदर्भ देता है.

इसमें कहा गया है, ‘‘जो शेयर ब्रोकर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से एल्गोरिदम के पिछले या भविष्य के रिटर्न या प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते हैं या इस प्रकार की जानकारी देने वाले मंच से जुड़े हैं, वे सात दिन के भीतर उसे वेबसाइट से हटा देंगे और इस तरह के संदर्भ प्रदान करने वाले मंच से खुद को अलग कर लेंगे.

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