सोमनाथ ने कहा, हम अगले फरवरी में एक एनएवीआईसी ऑर्डर के प्रकार क्या हैं? उपग्रह लॉन्च करने के लिए भारत सरकार की अनुमति प्राप्त ऑर्डर के प्रकार क्या हैं? करने के लिए काम कर रहे हैं। हम पांच और ऑर्डर के प्रकार क्या हैं? एनएवीआईसी उपग्रहों का निर्माण कर रहे हैं।

Increase in Minimum Pension under EPF ईपीएफ के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन में वृद्धि – Action taken on recommendation of Parliamentary Standing Committee

Will the Minister of LABOUR AND EMPLOYMENT be pleased to state:

(a)whether it is true that the Parliamentary Standing Committee on Labour has recommended increase in minimum pension under EPF;

(b)whether the Government had any discussion in regard with the ऑर्डर के प्रकार क्या हैं? Finance Ministry and other stakeholders; and

(c)whether the Government has taken any steps to increase such minimum pension and if not, the reasons therefor?

ANSWER

MINISTER OF STATE FOR LABOUR AND EMPLOYMENT
(SHRI RAMESWAR TELI)

(a) to (c): Yes, Sir. The Government, for the first time, in the year 2014, provided a minimum pension of Rs.1,000/- per month to the pensioners under the Employees’ Pension Scheme (EPS), 1995 by providing budgetary support, which was in addition to the budgetary support of 1.16% of wages provided annually towards EPS to Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO).

ईपीएफ के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन में वृद्धि

1965. श्रीमती चिंता अनुराधा

क्या श्रम और रोजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्या यह सच है कि श्रम संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने ईपीएफ के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन में वृद्धि की सिफारिश की है;

(ख) क्या सरकार ने वित्त मंत्रालय और अन्य हितधारकों के साथ इस संबंध में कोई चर्चा की है; और

(ग) क्या सरकार ने इस प्रकार की न्यूनतम पेंशन में वृद्धि करने के लिए कोई कदम उठाए हैं और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?

उत्तर

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री ऑर्डर के प्रकार क्या हैं?
(श्री रामेश्वर तेली)

(क) से (ग): जी, हाँ। सरकार ने पहली बार, वर्ष 2014 में, कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995 के तहत बजटीय सहायता देते हुए पेंशनभोगियों को ऑर्डर के प्रकार क्या हैं? 1,000 रु. प्रति माह का न्यूनतम पेंशन प्रदान किया, जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को ईपीएस के लिए वार्षिक रूप से प्रदान किए गए वेतन के 1.16 प्रतिशत की बजटीय सहायता के अतिरिक्त था।

Delhi Nursery Admission 2023: आवेदन के लिए बचे हैं केवल 3 दिन, जानिए किस क्लास के लिए क्या है एज लिमिट

By: ABP Live | Updated at : 20 Dec 2022 12:15 PM (IST)

दिल्ली नर्सरी एडमिशन 2023 के लिए आवेदन के बचे हैं केवल 3 दिन

Delhi Nursery School Admission 2023: दिल्ली के नर्सरी स्कूलों में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन ​प्रोसेस 01 दिसंबर 2022 से शुरू हो गया था. अगले तीन दिन में आवेदन की लास्ट डेट भी आने वाली है. यानी दिल्ली नर्सरी स्कूल एडमिशन के ऑर्डर के प्रकार क्या हैं? लिए अप्लाई करने की लास्ट डेट 23 दिसंबर 2022 है. वे अभिभावक जिन्होंने अब तक अपने बच्चे के एडमिशन के लिए अप्लाई न किया हो जल्द से जल्द फॉर्म भर दें. एडमिशन का पहला चरण पूरा होने के बाद स्टूडेंट्स के डिटेल 06 जनवरी 2023 तक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे.

कब जारी होगी लिस्ट

दिल्ली नर्सरी एडमिशन के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट 23 जनवरी 2023 के दिन रिलीज होगी. इसके बाद अगली सूची जारी होगी 02 फरवरी 2023 के दिन. जानते हैं नर्सरी से लेकर क्लास वन तक किस क्लास में एडमिशन के लिए एज लिमिट क्या है.

इसरो ने इस साल हासिल किया एक हजार करोड़ से अधिक का ऑर्डर: इसरो प्रमुख

चेन्नई (आईएएनएस)| सरकारी और निजी क्षेत्र सहित भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 2022 एक घटनापूर्ण वर्ष था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो)के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इसरो और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) ने ऑर्डर के प्रकार क्या हैं? उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर के साथ एक भारी रॉकेट और कुछ उपग्रहों ऑर्डर के प्रकार क्या हैं? को लॉन्च किया।

इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव एस. सोमनाथ ने आईएएनएस को बताया कि समीक्षाधीन वर्ष के दौरान निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप ने भी अपने उपग्रह और रॉकेट लॉन्च किए।

हालांकि सरकार के स्वामित्व वाले अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए वर्ष 2022 की बड़ी खबर यूके स्थित वनवेब के 36 उपग्रहों का इसरो के एलएमवी-3 राकेट के साथ सफल प्रक्षेपण है, जिसे पहले जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-एमके-3 के रूप में जाना जाता था।

पटना के IGIMS में कोरोना के लिए 15 बेड रिजर्व: चीन के हालात ने डराया; यहां ऐसी स्थिति हुई तो नहीं मिलेगा तैयारी का मौका

चीन के भयावह हालात को लेकर बिहार सरकार अब पूरी तरह से अलर्ट मोड पर जा रही है। बिहार में नए संक्रमण की दर कम है, लेकिन चीन की संक्रमण दर ने डरा दिया है। संक्रमण के खतरे को लेकर इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में कोरोना के लिए 15 बेड रिजर्व किए गए हैं।

नए वैरियंट को लेकर अलर्ट जारी होने के बाद बिहार में पहली बार 15 बेड एलॉट किया गया है। संक्रमण की रफ्तार देखकर सरकार को भी लग रहा है, अगर बिहार में इतनी तेजी से संक्रमण बढ़ा तो चुनौती बढ़ जाएगी।

ऐसे में सरकार अब कोरोना से लड़ाई के लिए हर स्तर पर योजना बनाने में जुटी है। इसी कड़ी में युद्ध स्तर पर हॉस्पिटल को तैयार किया जा रहा है। जांच और जीनोम सीक्वेंसिंग के साथ इलाज को लेकर भी पूरी तैयारी है।

IGIMS के साथ आला अफसरों की बैठक

इन कंबलों में है कुछ खास

डूंगरपुर में लुधियाना के प्रसिद्ध कंबलों की दुकानें लग गई हैं. इस बार डबल लेयर की कंबल विशेष रूप से लोगों को पसंद आ सकते हैं क्योंकि इस कंबल के धागे महीन वह पूर्ण रूप से प्राकृतिक ऊन से बने हुए होंगे. इस बार सर्दी के मौसम में विशेष तौर से चार से पाँच कंबलों की चर्चा हो रही है. दुकानदार ईश्वर लाल बंजारा ने बताया कि शिशु कंबल, एकल, दोहरा और यूरो आकार के विशेष कंबल बाजार में उपलब्ध हैं. उन्होंने बताया कि ये कंबल विशेष प्रकार के धागों से बने हैं.

चित्तौड़ से कंबलों का व्यापार करने के आए ईश्वर लाल बंजारा ने बताया कि डूंगरपुर उन्हों एक महीने से दुकान लगा रखी है. लेकिन, पिछले दिनों से सर्दी बढ़ी है. कंबलों की बिक्री भी बढ़ी है. बढ़ी सर्दी को देखते हुए और भी कंबलों का ऑर्डर दे दिया हैं. यही रहा तो उनके स्टाक तो खत्म होंगे ही साथ ही मुनाफा भी अच्छा-खास होगा.

रेटिंग: 4.58
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 296