बेसल समिति ने सार्वजनिक परामर्श जारी किया
बैंकिंग पर्यवेक्षण पर बेसल समिति ने बैंकों के क्रिप्टोकरंसी एक्सपोजर के प्रूडेंशियल व्यवहार के लिए प्रारंभिक प्रस्तावों पर एक सार्वजनिक परामर्श जारी किया है. बेसल समिति ने गुरुवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा कि क्रिप्टोकरंसी के लिए बैंकों का एक्सपोजर वर्तमान में सीमित है, क्रिप्टोकरंसी और संबंधित सेवाओं में निरंतर वृद्धि और नवाचार, कुछ बैंकों के बढ़े हुए हित के साथ, वैश्विक वित्तीय स्थिरता की चिंताओं और बैंकिंग प्रणाली के लिए एक विशिष्ट प्रूडेंशियल ट्रीटमेंट के अभाव में जोखिम बढ़ा सकते हैं. समिति ने कहा कि इस परिसंपत्ति वर्ग की तेजी से विकसित प्रकृति को देखते हुए, समिति का मानना है कि क्रिप्टोकरंसी एक्सपोजर के लिए नीति विकास में एक से अधिक परामर्श शामिल होने की संभावना है.

Cryptocurrency- Characteristics Advantage Disadvantage in Hindi.

क्रिप्टो करेंसी क्या है इसके लाभ और नुकसान

Crypto Currency kya hai नोट एवं सिक्कों के अलावा अब धीरे-धीरे एक प्रकार की और करेंसी दुनिया में प्रचलित हो रही है, जिसे क्रिप्टो करेंसी कहते हैं। इसमें प्रत्येक लेन-देन का डिजि़टल हस्ताक्षर द्वारा सत्यापन किया जाता है और क्रिप्टोग्राफी (Cryptography) की मदद से उसका रिकॉर्ड रखा जाता है। इसका भौतिक अस्तित्व नहीं होता। यह सिर्फ ऑनलाइन रूप से डिजिट्स के रूप में उपलब्ध रहती है। इस करेंसी से आप सामान खरीद-बेच सकते हैं अथवा निवेश कर सकते हैं। कुछ क्रिप्टो करेंसी का मूल्य उनकी लोकप्रियता के कारण काफी अधिक है, लेकिन इसके साथ एक तथ्य यह भी है कि इसके मूल्य में स्थिरता नहीं क्रिप्टोकरंसी के नुकसान है। क्रिप्टो करेंसी के मूल्य में बहुत तेज़ी से उतार-चढाव होता रहता है, जिस कारण इसकी कीमतें दिन में बार बदलती रहती हैं।

इस करेंसी की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से विकेंद्रीकृत है अर्थात् इस पर किसी भी देश अथवा सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। इसी कारण शुरुआत में इसे अवैध करार दिया गया, लेकिन बाद में BITCOIN की लोकप्रियता को देखते हुए कई देशों ने इसे वैध कर दिया। कुछ देश तो अभी भी इसके विरुद्ध हैं।

क्रिप्टो करेंसी के प्रकार

प्रमुख क्रिप्टो करंसियों के प्रकार हैं- ETHERIUM, (ETH), RIPPLE (XRP), LITECOIN (LTC), COSMOS (ATOM), NAMECOIN (NMC) और BITCOIN] जोकि दुनिया की पहली क्रिप्टो करेंसी है। इसे वर्ष 2009 में जापान के सतोशी नाकामोतो ने बनाया था। इस करेंसी को शुरुआत में बहुत संघर्ष करना पड़ा, लेकिन आज यह दुनिया की सबसे महंगी डिजि़टल करेंसी है। इन क्रिप्टो करंसियों के आलवा वर्तमान में 1500 से अधिक क्रिप्टो करेंसी हैं।

  1. डिजि़टल करेंसी होने के कारण चोरी हो जाने का डर नहीं होता।
  2. इसे खरीदना-बेचना तथा निवेश करना बहुत आसान हो जाता है, क्योंकि इसमें कई डिजि़टल वॉलेट्स उपलब्ध हैं।
  3. इसकी कीमतों में बहुत तेज़ी से उछाल आता है, जिस कारण यह निवेश हेतु अच्छा विकल्प है।

क्रिप्टो करेंसी के नुकसान

  1. इस पर किसी भी सरकारी संस्था का कोई नियंत्रण नहीं है, जिस कारण इसकी कीमतों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव आता रहता है।
  2. इसे डिजि़टल होने के कारण हैक किया जा सकता है। ETHERIUM करेंसी के साथ ऐसा हो चुका है।

कई देशों ने क्रिप्टो करेंसी को वैध कर दिया है, लेकिन कुछ देश अभी भी इसके खिलाफ़ हैं। भारत में भी उच्चतम न्यायालय द्वारा 04 मार्च, 2020 को ही इस करेंसी में निवेश एवं व्यापार पर आरबीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया गया है। क्रिप्टो करेंसी व्यापार, निवेश, तकनीकी और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में तेज़ और कम खर्च वाली भविष्य की विनिमय प्रणाली की अवधारणा को प्रस्तुत करती है, लेकिन वर्तमान में इसके संदर्भ में गोपनीयता, मूल्य-अस्थिरता और विनियमन की नीति का अभाव आदि अनेक समस्याएं दिखाई पड़ती हैं। भारत सरकर ने हाल ही में यह अनिवार्य किया है कि सभी कम्पनियाँ क्रिप्टो करेंसी में किए गए निवेश की घोषणा करेंगी।

क्रिप्टो करेंसी क्या है :

Kya hoti hai Cryptocurrency : इसे डिजिटल करेंसी भी कह सकते हैं अर्थात यह एक ऐसी करेंसी या सम्पति है जिसे व्यक्ति छू नहीं सकता इसकी उत्पति के लिए Cryptography जो की कंप्यूटर एवं इन्टनेट की दुनिया से जुड़ी हुई एक तकनीक है का उपयोग हुआ होता है | इस करेंसी का उपयोग भी अन्य मुद्राओं की तरह विभिन्न तरह क्रिप्टोकरंसी के नुकसान क्रिप्टोकरंसी के नुकसान का सामान एवं सेवाएँ खरीदने के लिए किया जा सकता है लेकिन अभी इस तरह की यह करेंसी सभी देशों में वैध नहीं है इसलिए जिन देशों में यह वैध नहीं है वहां इनका उपयोग वर्जित है |

लेकिन फिर भी वर्तमान में बहुत सारे देशों में यह वैध मुद्रा की तरह क्रियाशील है इसलिए लोग इस डिजिटल मुद्रा का प्रयोग विदेशी यात्राओं के दौरान भी करते हैं | Cryptocurrency Decentralized अर्थात विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा होती है क्योंकि इसके उपयोग में लाये जाने की कोई क्षेत्रीय सीमा तय नहीं होती कहने का आशय यह है जैसे विभिन्न देशों की मुद्राएँ सिर्फ उसी देश तक सीमित रहती हैं, और उसको वह देश विशेष विनियमित करते रहता है |

क्रिप्टो करेंसी की विशेषताएं (Characteristics of Cryptocurrency ):

क्रिप्टो करेंसी की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं |

  • यह कोई प्रिंट की गई करेंसी नहीं होती है |
  • इसे cryptography नामक तकनीक से जारी किया जाता है इसलिए इसका नाम भी क्रिप्टोकरंसी के नुकसान इसी पर आधारित है |
  • ये बेहद जटिल अल्गोरिथम के माध्यम से माइन किये जाते हैं और जब इन्हें हल कर लिया जाता है तो एक CryptoCurrency बन जाती है |
  • इस प्रणाली में प्रत्येक क्रिप्टो करेंसी के लिए अलग अलग एक निश्चित परिणाम निर्धारित किये जाते हैं इसलिए इन्हें डुप्लीकेट या जाली तैयार नहीं किया जा सकता है |
  • इस प्रणाली में क्रिप्टो करेंसी कंप्यूटर पर संग्रहित अर्थात भंडारित किये जाते हैं इसलिए इन्हें दुबारा न तो भेजा जा सकता है और न ही लेन देन को बदला या रद्द किया जा सकता है |
  • इस प्रकार की करेंसी को माइनिंग एवं ऑनलाइन एक्सचेंज के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है |
  • इस प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक लेन देन को गोपनीय रखा जाता है किसी तीसरे पक्ष को इसकी कोई जानकारी नहीं होती है |
  • यदि किसी के द्वारा कोई परिवर्तन किये जाते हैं तो उन्हें पहचानने के लिए क्रिप्टोग्राफी की अखंडता, क्षमता की सुरक्षा विद्यमान है |
  • चूँकि यह दो लोगों के बीच जो एक दुसरे को जानते तक नहीं है के बीच लेन दें से जुड़ा हुआ है इसलिए इस लेन देन को प्रमाणिक बनाने के लिए सिस्टम द्वारा दोनों को सन्देश भेजा जाता है |

क्रिप्टो करेंसी के फायदे(Advantage of CryptoCurrency in Hindi):

Cryptocurrency ke fayde : चूँकि क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल मुद्रा होती है जिसे माइनिंग करके कंप्यूटर पर संग्रहित किया जाता है इसलिए इसके कुछ फायदे भी हैं जिनका वर्णन हम निम्नवत करेंगे |

  • जैसा की अब तक हम सबको विदित हो चूका है की CryptoCurrency Digital होती है इसलिए भेजने वाले व्यक्ति के द्वारा जालसाजी या उलट नहीं किये जा सकते हैं |
  • यदि व्यक्ति कुछ वास्तविक सम्पति खरीद रहा होता है तो उसमे तीसरे पक्ष इत्यादि या फीस का भुगतान न कर पाने के कारण देरी होती है लेकिन क्रिप्टोकरेंसी में तत्काल Settlement होता है |
  • CryptoCurrency Exchanges द्वारा साधारणतया इनका लेन देन करने पर कोई लेन देन शुल्क नहीं लिया जाता है, क्योंकि माइन करने वालों को नेटवर्क द्वारा मुआवजा दिया जाता है |
  • इस प्रणाली को इस आधार पर संरचित किया गया है की किसी तीसरे पक्ष को इसकी कोई भनक नहीं होती है की वह व्यक्ति कौन है अर्थात पहचान की चोरी का खतरा इस प्रणाली में बिलकुल नहीं है | क्रिप्टो करेंसी प्रणाली में ऐसे तंत्र का उपयोग हो रहा होता है जो क्रिप्टो धारक को इस बात की आज़ादी देता है की वह उतनी ही इनफार्मेशन व्यापारी को भेजे जितनी वह चाहता है |
  • क्रिप्टो करेंसी की यह विकेंद्रीकृत प्रणाली होती है जिसमे कंप्यूटरों का एक वैश्विक नेटवर्क ब्लाक चेन तकनिकी का उपयोग करके संयुक्त रूप से डेटाबेस को प्रबंधित करता है | इसमें विकेंद्रीकरण से अभिप्राय है कि नेटवर्क उपयोगकर्ता से उपयोगकर्ता (या सहकर्मी से सहकर्मी) आधार पर चल रहा होता है ।
  • सार्वभौमिक स्तर पर मान्यता प्राप्त |

Top Cryptocurrency Prices Today: मार्केट ने दिया भारी नुकसान, Bitcoin फिसलकर पहुंचा ₹17 लाख

Updated: June 14, 2022 4:57 PM IST

Crypto-Market-Today

Top Cryptocurrency Prices Today: क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में कल बहुत भारी गिरावट आई थी। Bitcoin और Ethereum समेत लगभग सभी पॉपुलर करेंसी की कीमत नीचे गिरी थी। इन दोनों कॉइन में 14 प्रतिशत से 16 प्रतिशत तक की गिरावट आई थी, जो आज, 14 जून को भी बरकरार रही।

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मंगलवार को ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप में 3.44 प्रतिशत की कमी हुई है। मौजूद वक्त पर इसकी वैल्यू 73.98T रुपये है। आज Bitcoin में 6.56 प्रतिशत की गिरावट हुई है, जिसके बाद यह क्रिप्टोकरंसी के नुकसान 17.48 लाख रुपये पर ट्रेड कर रहा है। यह करेंसी अब पिछले हफ्ते के मुकाबले 25.41 प्रतिशत नीचे है।

Top Cryptocurrency Prices Today

आज, 14 जून 2022 को Monero (XMR) की कीमत में 10.39 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले हफ्ते के मुकाबले यह करेंसी 34.52 प्रतिशत नीचे है। इसी तरह की गिरावट Klaytn (KLAY), Wrapped Bitcoin (WBTC) और Huibi Token (HT) में देखने को मिली है। Zcash (ZEC), TRON (TRX), FTX Token (FTT) और Tezos (XTZ) जैसे कॉइन भी 5 प्रतिशत के आस-पास लेवल क्रिप्टोकरंसी के नुकसान पर नीचे गिरे हैं।

मार्केट के नीचे के बावजूद भी आज कुछ Cryptocurrency की कीमत में उछाल भी देखने को मिली है। टॉप 100 कॉइन में सबसे ज्यादा बढ़त Helium (HNT) को मिली है। यह करेंसी पिछले 24 घंटों में 25.88 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। इसकी मौजूद कीमत 778.79 रुपये है।

आज Kadena (KDA), IoTeX, Fantom (FTM), Quant (QNT), Bitcoin SV (BSV), Gala और Elrond (EGLD) की कीमत ग्रीन कैन्डल पर सवार हैं। Chainlink (LINK), STEPN (GMT) और Axie Infinity (AXS) ने भी 10 प्रतिशत के आस-पास बढ़त हासिल की है।

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) से बैंकों को हो सकता है भारी नुकसान, बेसल समिति ने जताई आशंका

Bitcoin Cryptocurrency

बैंकिंग पर्यवेक्षण पर बेसल समिति (Basel Committee) ने कहा है कि बिटकॉइन (Bitcoin) जैसी क्रिप्टोकरंसी (Cryptocurrency) बैंकों के लिए अतिरिक्त और उच्च जोखिम पैदा करती है क्रिप्टोकरंसी के नुकसान और एक नए कंजरवेटिव प्रूडेंशियल ट्रीटमेंट के अधीन होगी. क्रिप्टोकरंसी को वित्तीय स्थिरता के लिए एक जोखिम के रूप में देखा जाता है, क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग और कीमतों में अस्थिरता की उनकी क्षमता के कारण चूक हो सकती है और बैंकों को भारी नुकसान हो सकता है. नए प्रूडेंशियल मानदंडों के तहत बैंकों को अपने पास मौजूद किसी भी क्रिप्टोकरंसी के जोखिम को कवर करने के लिए अधिक पूंजी अलग रखने की आवश्यकता होगी. यह बैंकों के जमाकतार्ओं और अन्य वरिष्ठ लेनदारों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक है, जो इन परिसंपत्तियों की कीमतों में अचानक क्रैश के कारण हो सकता है जो अक्सर होता है.

RBI लाएगा अपनी क्रिप्टोकरंसी के नुकसान Digital Currency, साल के अंत तक आएगा मॉडल- जानें इससे जुड़ी खास बातें

RBI Digital Currency: दूसरी क्रिप्टोकरेंसी की तरह हमारी अपनी डिजिटल करेंसी होगी. लेकिन, ये पूरी तरह से रेगुलेटेड होगी. डिजिटल करेंसी किसके पास है इसकी जानकारी RBI को होगी.

इंडियन डिजिटल करेंसी बिटकॉइन जैसी प्राइवेट वर्चुअल करेंसी यानी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से होने वाले नुकसान से बचाएगी. फोटो: शुभम् शुक्ला

जल्द ही अपना भी डिजिटल रुपया (Digital Rupee) होगा. आपके लेन-देन का तरीका बदल जाएगा. रुपया अब पॉकेट में रखने तक सीमित नहीं होगा. जेब से निकलकर वर्चुअल वर्ल्ड में सर्कुलेट होगा. ये आपको जेब में रखने के लिए नहीं मिलेगा. प्रिंट भी नहीं होगा. बल्कि टेक्नोलॉजी के जरिए आपके काम आएगा. जैसे- क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Cryptocurrency Bitcoin). जिसका क्रेज हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है. वैसा ही होगा हमारा अपना डिजिटल रुपया. अच्छी बात ये है कि इसे हमारी सरकार, RBI रेगुलेट करेगा. इसलिए पैसा डूबने का खतरा नहीं होगा.

साल के अंत तक आएगी डिजिटल करेंसी

RBI ने मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया. रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया. लेकिन, क्रिप्टोकरंसी के नुकसान आपके काम की बहुत दिलचस्प बात सामने निकल कर आई. पिछले कुछ साल से वर्चुअल करेंसी (Virtual Currency), डिजिटल करेंसी जैसे नाम सुन रहे होंगे. अब तैयार रहिए क्योंकि, RBI अपनी डिजिटल करेंसी पर काम कर रहा है और साल के अंत तक इसका मसौदा भी तैयार हो जाएगा. RBI Governor शक्तिकांता दास ने कहा कि डिजिटल करेंसी का मॉडल साल के अंत तक आ जाएगा.

डिजिटल करेंसी (Indian Digital Currency) की टेक्नोलॉजी और डिस्ट्रीब्यूशन पर काम चल रहा है. ये कैसे काम करेगी इसका फ्रेमवर्क भी तैयार हो रहा है. हाल ही में RBI के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी के वेबिनार में कहा था कि भारत को भी डिजिटल करेंसी की जरूरत है. यह बिटकॉइन जैसी प्राइवेट वर्चुअल करेंसी यानी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से होने वाले नुकसान से बचाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक इस पर काम कर रहा है. RBI ने साफ कर दिया है कि प्राइवेट वर्चुअल करेंसी को लेकर उसने सरकार को अपनी चिंताएं बता दी हैं.

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) हो सकता है नाम

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के जाल से बचाने के लिए सेंट्रल बैंक यानि RBI अपनी डिजिटल करेंसी इंट्रोड्यूस करेगा. इसका क्रिप्टोकरंसी के नुकसान नाम CBDC- सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी हो सकता है. हालांकि, इसके नाम पर अभी फैसला नहीं हुआ है. डिजिटल करेंसी का फायदा ये होगा कि इससे डिजिटली लेन-देन कर सकेंगे.

अभी इसके काम करने के तरीके को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है. अगर सूत्रों की मानें सबसे पहले सेंट्रल बैंक-RBI डिजिटल करेंसी जारी करेगा. ये आपको मिलेगी. आप जिसे पेमेंट करना चाहेंगे उसे इससे पेमेंट कर सकेंगे और उसके अकाउंट में ये पहुंच जाएगी. हालांकि, इसके लिए न कोई वॉलेट होगा और न ही कोई बैंक अकाउंट. ये बिल्कुल कैश की तरह काम करेगी, लेकिन टेक्नोलॉजी के जरिए डिजिटल काम करेगी. एक तरह से कैश का इलेक्ट्रॉनिक रूप होगा.

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