10. ‘राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन‘ की स्थापना कब की गई ?
उत्तर 1950

मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव

1. भारत में अफीम का सर्वाधिक उत्पादन किस राज्य में होता है ?
उत्तर मध्य प्रदेश

2. मुद्रा अवमूल्यन का आयात-निर्यात पर क्या प्रभाव पडता है?
उत्तर आयात महँगा और निर्यात सस्ता हो जाता है।

3. ब्याज का तरलता अधिगम अधिमान सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया ?
उत्तर कीन्स

4. सेनवेट का सम्बन्ध किससे मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव है ?
उत्तर उत्पाद शुल्क

5. आईसीआईसीआई की स्थापना कब हुई ?
उत्तर वर्ष 1955

6. ‘बैंक वाशमभाव‘ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया था ?
उत्तर गुन्नार मिर्डल

7. भारत में वित्त आयोग के गठन का प्रावधान संविधान के किस अनुच्छेद में है ?
उत्तर 280

8. पॉलिटिक्स ऑफ चरखा नामक पुस्तक किसने लिखी थी ?
उत्तर जेबी कृपलानी

9. भारत के किस राज्य में पुरूषों की तुलना में महिलाओं की जनसंख्या अधिक है ?
उत्तर केरल

युआन की वैल्यू घटने का असर रुपये पर पड़ा, दो साल निचले स्तर पर पहुंचा

युआन की वैल्यू घटने का असर रुपये पर पड़ा, दो साल निचले स्तर पर पहुंचा

दो दिन में चीनी मुद्रा युआन में 4 प्रतिशत के अवमूल्यन से डॉलर की तुलना में रुपया बुधवार को 1 प्रतिशत गिरकर 64.85 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। रुपये का यह दो साल का निचला स्तर है। इस तरह की गिरावट पिछले साल सितंबर 2013 में देखने को मिली थी, जब देश करंट मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव अकाउंट घाटा से जूझ रहा था।

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अर्थव्यवस्था की गिरती विकास दर और मुद्रा अवस्फिति का दबाव झेल रहे चीन ने कमजोर आर्थिक आँकड़े आने के बाद आज अपनी मुद्रा यूआन का अवमूल्यन कर दिया जिसका मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव असर रुपये और भारतीय शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला। चीन के केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसने यूआन का लगभग दो प्रतिशत अवमूल्यन किया है।

फेडरल बैंक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आशुतोष खजुरिया ने बताया कि मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव युआन के अवमूल्यन का प्रभाव रुपया समेत सभी विकासशील देशों की मुदाओं पर पड़ा। जिनका चीन से ज्यादा लेन-देन है, उन देशों की मुद्राओं पर इसका खासा असर देखने को मिलेगा।

इसका असर शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव देश के प्रमुख शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा।

प्रमुख सूचकांक मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव सेंसेक्स सुबह लगभग 9.48 बजे 205.55 अंकों की गिरावट के साथ 27,660.54 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 70.50 अंकों की गिरावट के साथ 8,391.85 पर कारोबार करते देखे गए।

युआन अवमूल्यन से रुपया दो साल के निचले स्तर पर

युआन अवमूल्यन से रुपया दो साल के निचले स्तर पर

विदेशी विनिमय बाजार में रुपये में गुरुवार को लगातार सातवें सत्र में गिरावट जारी रही। चीन की मुद्रा युआन का और मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव अवमूल्यन किये जाने के बीच रुपया गुरुवार को डॉलर के समक्ष 32 पैसे की जोरदार गिरावट के साथ 65.10 रुपये मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह सितंबर 2013 के बाद का सबसे कमजोर स्तर है।

अन्तरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 64.72 रुपये प्रति डॉलर पर ऊंचा खुला तथा शेयर बाजार मुद्रा अवमूल्यन का प्रभाव में तेजी के कारण निर्यातकों की आरंभिक डॉलर बिकवाली की वजह से 64.63 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हो गया, लेकिन रुपया अपने आरंभिक लाभ को कायम नहीं रख पाया। बैंकों एवं आयातकों की ताजा डॉलर मांग के कारण 65.23 रुपये प्रति डॉलर तक लुढ़कने के बाद अंत में 32 पैसे अथवा 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 65.10 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

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