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सऊदी अरब: पीएम मोदी ने निवेशकों को किया आमंत्रित, कहा- भारतीय स्टार्टअप में विशाल अवसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब में वैश्विक वित्तीय सम्मेलन में इनवेस्टर्स से भारत में निवेश करने की अपील की. उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्टअप का विशाल नेटवर्क है.

By: एजेंसी | Updated at : 30 Oct 2019 06:22 AM (IST)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब में चल रहे वैश्विक वित्तीय सम्मेलन में निवेशकों को भारत में निवेश करने का न्योता दिया. उन्होंने यहां कहा कि देश 5,000 अरब डॉलर (5 ट्रिलियन) की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत रिफानरी, पाइपलाइन, गैस टर्मिनल समेत ऊर्जा क्षेत्र में बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए 2024 तक 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा.

प्रधानमंत्री ने रियाद में चल रहे इस सम्मेलन में विश्व भर से जुटे निवेशकों को भारतीय स्टार्टअप में उद्यम पूंजी निवेश के विशाल अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने कहा, ‘‘भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश है. ’’

स्विट्जरलैंड के विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की तर्ज पर सऊदी अरब में ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम’ बैनर तले होने वाले इस वार्षिक सम्मेलन को ‘मरुभूमि में दावोस’ कहा जा रहा है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘एशिया में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 700 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है, भारत में यह क्षेत्र 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर से बढ़ेगा’’

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में प्रशिक्षित श्रमबल की जरूरत को पूरा करने के लिये 40 करोड़ लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया स्टार्टअप में निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देश जायेगा. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का विस्तार मानव संसाधन क्षेत्र में भी किया जाना चाहिये, इन्हें केवल माल-व्यापार तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिये.

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पीएम मोदी ने कहा, ‘‘भारत रिफानरी, पाइपलाइन, गैस टर्मिनल समेत ऊर्जा क्षेत्र का बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए 2024 तक 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा. भारत को अपनी तेजी बढ़ रही अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत है.’’ सब्सिडी का लाभ सीधे लाभार्थियों के खाते में डालने की योजना डीबीटी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये 20 अरब डॉलर की बचत की गई है.

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Published at : 29 Oct 2019 10:25 PM (IST) Tags: हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: News in Hindi

ऑनलाइन आयुर्वेद कंसल्टेंसी प्लेटफॉर्म NirogStreet ने हासिल किया क़रीब ₹30 करोड़ का निवेश

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आशुतोष कुमार सिंह

Online Ayurveda consultancy startup NirogStreet: वक्त भले ही कितनी ही तेज़ी से क्यों ना बदल रहा हो लेकिन आज भी बहुत से लोगों का विश्वास आयुर्वेद (Ayurveda) में है और ये क्षेत्र भी अब इस बदलते दौर के साथ आधुनिकता को अपनाता नज़र आ रहा है।

इसका ताज़ा उदाहरण भी अब सामने आया है, जब आयुर्वेद डॉक्टर कंसल्टेंसी के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रदान करने वाले स्टार्टअप NirogStreet ने अपने सीरीज़ बी दौर में क़रीब ₹30 करोड़ का निवेश हासिल करने का ऐलान किया है।

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असल में NirogStreet ने ये निवेश यूएई आधारित CE Ventures और जापान के ICMG Partners से प्राप्त किया है।

इस निवेश दौर में शामिल अन्य निवेशकों की बात करें तो इस लिस्ट में Coinbase और Pinterest बोर्ड सदस्य, गोकुल राजाराम; Wavemaker Partners के समीर कुमार; Livspace के संस्थापक, अनुज श्रीवास्तव; Sumitomo के प्रबंधन कार्यकारी अधिकारी, राजीव कन्नन; Sysdig USA के सीईओ, सुरेश वासुदेवन; Livspace के सह-संस्थापक, रमाकांत शर्मा; Morgan Stanley के पूर्व सीईओ, आशुतोष सिन्हा आदि दिग्गज़ नाम शुमार रहे।

इसके साथ ही कंपनी ने एक अहम क़दम का ऐलान करते हुए स्टार्टअप में निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देश बताया कि इसने भारत और विदेशों में अपने संचालन को व्यापाक बनाने के लिए रॉबिन झा (Robin Jha) को सह-संस्थापक नियुक्त किया है।

कंपनी के मुताबिक़ वह इस प्राप्त पूँजी का इस्तेमाल अपने सर्विस और प्रोडक्ट संबंधित पेशकश को विस्तारित करने और अपने संचालन को मज़बूत करने के लिए करेगी।

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जून 2016 में राम एन कुमार (Ram N Kumar) द्वारा शुरू किया गया NirogStreet इस नए फ़ंड के ज़रिए अपनी उपस्थिति का भी विस्तार करने और अधिक से अधिक आयुर्वेद डॉक्टरों को अपने साथ जोड़ने के लिए करेगा।

इस नए निवेश को लेकर NirogStreet के संस्थापक और सीईओ, राम एन कुमार ने कहा;

“हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हेल्थकेयर कंपनी बनने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। ऐसे दूरदर्शी निवेशकों के साथ, हम आयुर्वेद डॉक्टरों और अन्य पारंपरिक चिकित्सकों को मुख्यधारा की हेल्थकेयर सुविधाओं व प्रणाली का हिस्सा बनाकर वैश्विक रूप से हेल्थकेयर सेक्टर को एक नया आयाम देने के अपने लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहें हैं।”

बता दें फ़िलहल कंपनी अपने पीयर-टू-पीयर लर्निंग, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और बी2बी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर 50,000 से अधिक डॉक्टरों को अपनी सेवाएं देने का दावा करती है।

कंपनी अपने इन तमाम प्लेटफ़ॉर्म व सुविधाओं के ज़रिए आयुर्वेदिक डॉक्टरों को टेली-आयुर्वेद (Tele-Ayurveda) के माध्यम से दुनिया भर के रोगियों के साथ कंसल्टेंसी आदि को लेकर सक्षम बनाती है।

बीते वित्त वर्ष में कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप में निवेश दोगुना होकर 4.6 अरब डॉलर पर

नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) कृषि और खाद्य क्षेत्र में प्रौद्योगिकी स्टार्टअप में निवेश पिछले वित्त वर्ष के दौरान दो गुना होकर 4.6 अरब डॉलर हो गया। एजफंडर और ओमनिवोर की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस वृद्धि की वजह रेस्तरां बाज़ार और ई-किराने में अधिक निवेश होना है।

इंडिया एग्रीफूडटेक इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट 2022′ के अनुसार, ‘‘वित्त वर्ष 2021-22 में एग्रीफूडटेक स्टार्टअप में कुल निवेश 4.6 अरब डॉलर का हुआ, जो 2020-21 से 119 प्रतिशत अधिक था। वित्त वर्ष 2020-21 में 189 सौदों की तुलना में 2021-22 में सौदों की संख्या भी बढ़कर 234 हो गई।’

एजफंडर, फूडटेक और एग्रीटेक उद्यम पूंजी कंपनी है, जबकि ओमनिवोर भारत में स्थित एक उद्यम पूंजी कंपनी है, जो कृषि और खाद्य प्रणालियों के भविष्य का निर्माण करने वाले उद्यमियों को धन देती है।

कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ने 140 सौदों के माध्यम से 1.5 अरब डॉलर जुटाए, जो साल-दर-साल 185 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

ओमनिवोर के प्रबंध भागीदार मार्क काह्न ने कहा, ‘‘निवेश के रुझान इस बात का प्रमाण हैं कि एग्रीफूडटेक क्षेत्र को अब विशिष्ट नहीं कहा जा सकता है। इसने दुनियाभर के सामान्य उद्यम पूंजी कंपनियों का ध्यान आकर्षित किया है जो समझते हैं कि यह भारत के विशाल कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण है।

स्टार्टअप में निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देश

Azadi Amrit Mahotsav

Best performer startup 2019

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स्टार्टअप इंडिया पहल

अंडमान और निकोबार इनोवेशन एंड स्टार्ट-अप पॉलिसी-2018 को 30 दिसंबर 2018 को A & N द्वीप समूह में स्टार्टअप के विकास के लिए लॉन्च किया गया था। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह नवाचार और स्टार्टअप नीति तैयार करने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। स्टार्टअप इंडिया के लिए UT पोर्टल 5 जुलाई, 2019 को लॉन्च किया गया था।

नीति के तहत राजकोषीय प्रोत्साहन के लिए परिचालन दिशानिर्देश अधिसूचित किए गए हैं और स्टार्टअप इंडिया के राष्ट्रीय पोर्टल और प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं, जिसमें यूटी प्रशासन ने कुछ वित्तीय और गैर-राजकोषीय प्रोत्साहनों को चाक-चौबंद करने का भी प्रयास किया है। स्टार्ट-अप के लिए सहायता प्रणाली जिसमें शामिल हैं: -

• मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप को एक वर्ष की समयावधि के लिए भा.रा.रु. 15,000 का मासिक भत्ता उपलब्ध कराया जाएगा।ढध्चझढचझऽ महिला/किन्नर या अ.जा./अ.ज.जा./सामार्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग/दिव्यांग संस्थापक/सह-संस्थापक वाले स्टार्ट-अप को एक वर्ष की समयावधि के लिए भा.रा.रु. 20,000 का मासिक भत्ता उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे मामलों में स्टार्ट-अप अस्तित्व में महिला/किन्नर या अ.जा./अ.ज.जा./सामार्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग/दिव्यांग संस्थापक/सह-संस्थापक का न्यूनतम 50% अंशधारी होना चाहिए।

• योग्यता मापदण्ड अनुपालन करने वाले स्टार्ट-अप को उनके उत्पादों/सेवाओं के विकास के लिए भा.रा.रू. 3 लाख रुपये तक का एक-बारी अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

• अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में स्टार्ट-अप चलाने वाले उद्यमि अपने उत्पादों/सेवाओं को बाजार में ले जाने के लिए एक बार रु. 03 लाख तक का विप्पणन/प्रचार सहायता प्रदान की जाएगी।ढध्चझढचझऽ पिछले छ माह के दौरान प्रति माह रु.50,000 की दर से राजस्व वाले स्टार्ट-अप को विप्पणन अनुदान प्रदान करने के योग्य माना जाएगा।

• भारत में ऐसे स्टार्ट-अप जो इन्कुबेटरों और/या सहकार्य स्थलों के भाग है, वे इन्कुबेटर और/या सहकार्य स्थल के मासिक किराये का 50ः तक की सब्सीडी लाभ के लिए योग्य होंगे।ढध्चझढचझऽ यह सब्सीडी अधिकतम 01 वर्ष की समयावधि के लिए अधिकतम रु.5000 स्टार्टअप में निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देश तक ही होगी।

• इस अंचल में संचालित डी.आई.पी.पी. मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप के राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय पेटेन्ट/ट्रेडमार्क/कॉपीराईट आवेदन करने तथा अभियोग की लागत की प्रतिपूर्ति संधराज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा की जाएगी।

• स्टार्ट-अप उनके डी.अई.पी.पी. प्रमाणपत्र की वैधता की समाप्ति तक किसी भी 03 वर्ष के लिए वस्तुओं की बिक्री में भुगतान किए राज्य जी.एस.टी. वार्षिक प्रतिपूर्ति के लिए योग्य होगा। प्रति वर्ष प्रति स्टार्ट-अप को रु. 3 लाख तक की ही प्रतिपूर्ति राशि की जाएगी।

• स्टार्ट-अप कम्प्यूटरों, संबंधित हार्डवेयरों की खरीद, संबंधित सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए रु. 1 लाख तक के पूंजीगत खर्च का 50ःडिजिटल प्रौद्योगिकी सब्सीडी के योग्य होंगे।

• स्टार्ट-अप 03 वर्ष की स्टार्टअप में निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देश समयावधि के लिए प्रति वर्ष 50% बिजली सब्सीडी के योग्य होंगे जो कि अधिकतम रू. 5 लाख तक की होगी।

स्टार्टअप में निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देश

निवेश के अनुकूल रणनीति

- डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

कुछ वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर ध्यान नहीं दिया जाता था। यह उपेक्षित विषय था। जबकि इसके अभाव में निवेश को गति मिलना संभव नहीं था। उस समय भी इन्वेस्टर्स समिट होती थी, लेकिन उनके अनुकूल परिणाम नहीं मिलते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इस ओर ध्यान दिया। उन्होंने निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए अनेक कदम उठाए। इसके बाद ही प्रदेश में इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन किये गए। इसके सकारात्मक परिणाम हुए। हजारों करोड़ के निवेश प्रस्तावों का शिलान्यास किया गया।

योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में दस पायदानों की अभूतपूर्व बढ़त मिली है। इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने निवेश आकर्षित करने के नए सिरे से प्रयास तेज कर दिए है। उन्होंने उद्यमियों तथा निवेशकों के प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया। अधिकारियों को उद्योग बन्धु की बैठक शीघ्र आहूत किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री उद्यमियों से संवाद स्थापित करेंगे। साथ ही उनसे फीडबैक प्राप्त करेंगे। इस संबन्ध में एक सौ सत्तासी सुझावों में से एक को छोड़कर सभी सुधारों को लागू किया गया। अन्य सुधारों पर भी क्रियान्वयन किया जाएगा।

योगी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को नम्बर वन पर पहुंचना है। वर्तमान रैंकिंग उद्यमियों और निवेशकों के शत-प्रतिशत फीडबैक के आधार पर भारत सरकार के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड द्वारा जारी की गई है। डीपीआईआईटी द्वारा सुझाए गए सुधारों पर अमल से संभव हुआ। इस उपलब्धि में सिंगल विंडो पोर्टल निवेश मित्र का योगदान उल्लेखनीय था। पिछले दो वर्षों में प्राप्त अनापत्ति लाइसेंस आवेदनों में चौरानवे प्रतिशत को निवेश मित्र के माध्यम से निस्तारित करने में सफलता मिली थी। राज्य सरकार द्वारा सभी पचहत्तर जनपदों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग निर्धारित करने की व्यवस्था की गई। जाहिर है कि योगी आदित्यनाथ ने तीन वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने का संकल्प लिया था, उस दिशा में प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके अंतर्गत अनेक प्रकार के सुधार लागू किये गए, जिससे निवेशों को कठिनाई का सामना ना करना पड़े और वह उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में दस पायदान की छलांग किसी भी राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है। ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस की रैंकिंग में अभूतपूर्व और उल्लेखनीय सुधार इसका प्रमाण है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास के लिए कृत संकल्पित है। इसके लिए उद्यमियों और निवेशकों को अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। राज्य सरकार ने निवेश हेतु आकर्षक नीतियां लागू की है। इसे सुगम, पारदर्शी तथा समयबद्ध ढंग से सम्पन्न करने के लिए इन्फाॅर्मेशन टेक्नोलाॅजी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसके फलस्वरूप उत्तर प्रदेश निवेशकों एवं कारोबारियों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन के तौर पर उभरा है। आने वाले समय में ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस की रैंकिंग में और सुधार करते हुए उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। इस दौरान कनेक्टिविटी का भी विस्तार किया गया।

इस क्रम में दो माह में बीस वर्ष सपना साकर होने वाला है। बौद्ध सर्किट निर्माण के साथ ही कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। आगामी दो माह के अन्दर इस हवाई अड्डे से अन्तर्राष्ट्रीय वायु स्टार्टअप में निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देश सेवा का संचालन प्रारम्भ हो जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्क्यूबेटर की स्थापना होगी। स्टार्टअप के लिए उपयुक्त स्थान की व्यवस्था की जाएगी। निवेश के लिए भूमि बैंक की स्थापना की गई थी। इसी तर्ज पर दस हजार स्टार्टअप की स्थापना के अनुकूल ईकोसिस्टम का सृजन किया जाएगा। भारत का सबसे बड़ा इन्क्यूबेटर लखनऊ में स्थापित किया जाएगा।

इस समय उत्तर प्रदेश से अठारह सौ से अधिक स्टार्टअप इकाइयां पंजीकृत हैं। स्टार्टअप इकाइयों के वित्त पोषण के लिए सिडबी के साथ एक हजार करोड़ रुपये के स्टार्टअप फण्ड की स्थापना तथा यूपी एन्जेल नेटवर्क की स्थापना की गई है। इन्क्यूबेटर्स और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल आरम्भ किया गया है। अब सभी प्रकार के उद्योगों हेतु समग्र स्टार्टअप नीति लागू होगी। सभी उपयुक्त क्षेत्रों में भी स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा।

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