बिटकॉइन से निकलने की मिलेगी मोहलत!

सरकार क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्रा) धारकों को अपना निवेश निकालने के लिए उपाय का प्रावधान करने पर विचार कर रही है। असल में सरकार का मानना है कि क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है आभासी मुद्राओं पर प्रतिबंध लगाने से लाखों निवेशकों का पैसा फंस सकता है, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों से इसमें निवेश किया है।

सूत्रों के अनुसार सरकार आभासी मुद्रा की खरीद-बिक्री, माइनिंग और उसे जारी करने पर प्रतिबंध लगाने से पहले निवेशकों को 3 से 6 महीने की मोहलत का प्रस्ताव कर सकती है।

समझा जाता है कि मार्च मध्य में कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिवों के समूह की बैठक में आभासी मुद्रा को प्रतिबंधित किए जाने के असर आदि पर विचार-विमर्श किया गया था। सूत्रों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक सहित कई हितधारकों ने वर्चुअल मुद्रा को लेकर जताई चिंता पर भी चर्चा की क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है गई। बैठक में क्या नतीजा निकला उसकी जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन आभासी मुद्रा पर प्रतिबंध लगाने से निवेशकों को होने वाले संभावित नुकसान पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है। घटनाक्रम के जानकार एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'समिति इस मामले में अपनी राय देगी जिसका संबंधित मंत्रालयों और विभाग द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा। उसके बाद आभासी मुद्रा पर कैबिनेट प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा।'

अधिकारी ने कहा कि आभासी मुद्रा का नियमन किसी भी केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा नहीं किया जाता है। ऐसे में नई व्यवस्था से इस तरह की मुद्रा के नियमन में स्पष्टता आएगी। हालांकि नियमन और प्रतिबंध के अंतर को संबंधित प्रारूप में ध्यान रखा जाएगा। सूत्रों ने कहा कि अगर आभासी मुद्रा को अवैध करार दिया जाता है तो ऐसा करने से पहले कुछ मोहलत दी जाएगी, क्योंकि इस कदम से बाजार में हड़कंप मच सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को आभासी मुद्रा के फायदे-नुकसान के बारे में कई सुझाव मिले हैं। कुछ सुझाव उचित हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि भारत आभासी मुद्रा या ब्लॉकचैन और फिनटेक पर सभी विकल्पों को बंद नहीं करने जा रहा है। हालंकि इससे पहले तक उन्होंने आभासी मुद्रा पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने की बात कह रही थी क्योंकि इसमें बेतरतीब तरीके से भारी उतार-चढ़ाव होता है।

केंद्रीय मंत्री के इस बयान से यह संकेत मिला कि सरकार किप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने के विषय पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं ले पाई है। सरकारी सूत्रों का

कहना है कि इसमें कोई शक नहीं कि क्रिप्टोकरेंसी का बाजार लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यही वजह है कि जब बिटकॉइन 61,000 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया तो सरकार ने इस विधेयक में देरी कर दी। सचिवों की समिति और एक उच्च स्तरीय समिति ने भी इस वर्ष संकेत दिए थे कि सरकार द्वारा जारी आभासी मुद्राओं को छोड़कर बाकी सभी क्रिप्टोकरेंसी भारत में क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है प्रतिबंधित रहेंगी। इसके बावजूद केंद्रीय मंत्रिमंडल से इसकी अनुमति पाने के लिए मसौदा भी नहीं तैयार किया गया।

इस बीच, आरबीआई ने अपना रुख नहीं बदला है और बार-बार कहा है कि कुछ बड़ी आभासी मुद्राएं वित्तीय स्थायित्व के लिए खतरा हैं। आरबीआई की यह चिंता हाल के सरकार के रुख से मेल नहीं खाती है।

आरबीआई ने एक आदेश जारी कर ऐसी मुद्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन पिछले वर्ष उच्चतम न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी थी। आरबीआई पहले भी लोगों को ऐसी मुद्राओं में कारोबारी नहीं करने की सलाह जारी कर चुका है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार के कठोर रुख के बावजूद भारत में आभासी मुद्राओं लेनदेन बढ़ रहा है।

बिटकॉइन किस देश की करेंसी है और इस करेंसी का मालिक कौन है?

बिटकॉइन किस देश की करेंसी है

दोस्तों एक ऐसा जमाना था जहा पर हम एक वस्तु देकर दूसरी वस्तु या खाने-पिने की चीजे खरीद ते थे। उसके बाद वस्तुओ की जगह पैसो ने यानि की मुद्रा ने ली और आज हमें व्यापर-लेनदेन और किसी वास्तु को खरीद ने के लिए चलन क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है की ज़रूरत होती है।

आज के चलन को हम छू सकते है। हमारे पास घर पर रख सकते है। और इस मुद्रा या चलन से हम कुछ भी कर सकते है।

मगर दोसत वक़्त के साथ दुनिया की हर एक चीज़ में बदलाव देखने मिलता है, जिसका असर हमें चलन, मुद्राओ पर देखने मिला है और उस बदल को आज हम क्रिप्टो करेंसी कहते है।

जो की सिर्फ एक आभासी तौर पर उपलब्ध है मतलब जिसे हम छू नहीं सकते, अपने पास कही संभाल कर नहीं रख सकते। मगर जिस जिस तरह का काम हम हमारे साधारण चलन और मुद्रा से करते है उसी तरह के सारे व्यव्हार, व्यापर, वस्तु की लेनदेन हम इस आभासी चलन यानि की क्रिप्टो करेंसी से कर सकते है।

जब जब हम क्रिप्टो करेंसी का नाम सुनते है सुनते तब तब हमारे दिल और दिमाग में एक ही नाम आता है और वो नाम बिटकॉइन है। आज के दौर क्रिप्टो करेंसी का दब-दाबा बना हुआ है, और क्रिप्टो करेंसी को दुनिया भर में पहचान देने का काम बिटकॉइन ने किया है।

वैसे तो दोस्तों बिटकॉइन यह एक Crypto Currency है, यह बात ज्यादातर लोगो को पता ही है। मगर आखिर बिटकॉइन का उगम कहा से हुआ?, बिटकॉइन का मालिक कौन है और बिटकॉइन किस देश की करेंसी है? यह बाते बहोत से लोगो को नहीं पता।

दोस्तों आपके इन्ही सवालो के सारे जवाब देने के लिए हमने हमारे इस पोस्ट बताया है कि बिटकॉइन (Bitcoin) किस देश देश की करेंसी है? इसका मालिक कौन है और भी बहोत कुछ। बस आप हमारे इस लेख पे अंत तक बने रहे।

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बिटकॉइन क्या है?

बिटकॉइन यह एक विकेन्द्रीकृत आभासी चलन है, जिसे हम बैंक की विपरीत बिना किसी माधास्ति के इंटरनेट से किसी वेबसाइट या ऐप के जरिये सीधा खरीद क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है सकते है, बेच सकते है, और उसक विनिमय कर सकते है। यानि की हमें बिटकॉइन से व्यापर, व्यवहार बिना किसी सरकार के नियत्रण के अंदर कर सकते है।

दोस्तों भले ही आज बिटकॉइन पर किसी देश, सरकार, बैंक का पूर्ण रूप से नियत्रण नहीं है। मगर कोई भी देश, या सरकार बिटकॉइन के व्यवहार, व्यापर और विनमय के लिए नियम लागू करा सकती है।

जिसकी वजह से आज दुनिया में कही देशो ने बिटकॉइन को लीगल या इलीगल करेंसी घोषित की है।

बिटकॉइन किस देश की करेंसी है?

दोस्तों बिटकॉइन और उसे माइनिंग या बनाने की अंतर्निहित तकनीक 2009 में जापान इस देश से सातोशी नाकामोटो इस इंसान या समूह द्वारा बनाई गई थी।

हलाकि सातोशी नाकामोतो यह किस एक व्यक्ति का नाम है या किसी समूह का नाम है यह अभीतक पता नहीं लगा पाया। इसलिए बिटकॉइन को किस अलग अलग हिस्सों या कीमतों में बाटा गया है उसे Bitcoins माइन करने वाले माइनर्स सातोशी इस नाम का इस्तेमाल करते है।

दोस्तों बिटकॉइन को भले ही जापान में बनाया था। मगर फिर भीं हम इसे पूरी तरह से जापानी आभासी चलन नहीं कह सकते। क्यूकी बिटकॉइन पर जापान देश या जापान सरकार का पूर्ण रूप से नियंत्रण नहीं है।

सातोशी नाकामोटो कौन है?

सातोशी नाकामोटो प्रकल्पित ज्ञात नाम वाले व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला नाम है।

जिन्होंने बिटकॉइन का विकास किया है , जिन्होंने बिटकॉइन का श्वेत पत्र लिखा, और जिन्होंने Bitcoin के मूल संदर्भ तकनीक को बनाया।

कार्यान्वयन के हिस्से के रूप में, नाकामोटो ने पहला अपना ब्लॉकचेन डेटाबेस भी तैयार किया था। नाकामोटो या व्यक्ति या समूह दिसंबर 2010 तक बिटकॉइन के विकास में सक्रिय था। उसके बात सातोशी नाकामोटो इस व्यक्ति या ग्रुप को कोई भी देश या सरकार ढूंढ नहीं पाई।

क्रिप्टो करेंसी किन देशो में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है

दोस्तों आज कही सारे देश के लोग क्रिप्टो या बिटकॉइन को शेयर मार्किट की तरह होल्ड करके बाद में बेच देते है।

आज भारत के साथ अन्य कही देश के लोग बिटकॉइन को खरीद ते है और बेचते है। हलाकि भारत में और अन्य कही देशो ने क्रिप्टो करेंसी अपनाया भी नहीं या बैन भी नहीं किया क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है है।

देश

क्रिप्टो के खरीदारों की संख्या

लोकसंख्या के प्रतिशत

दोस्तों ऊपर दी हुई यदि वर्तमान ( Dec-2021 ) के हिसाब से बनाई गई है। भविष्य में क्रप्टो के खरीद दार किसी भी देश में बढ़ सकते है या फिर कम हो सकते है।

दोस्तों आज बिटकॉइन कोण खरीदना नहीं चाहता, बिटकॉइन को हम तरह तरह के माध्यम से खरीद या बना सकते है जिसे हम माइनिंग कहते है। इंटरनेट पर आपको बिटकॉइन को पैसे से या मुफ्त में प्राप्त करने के कही माध्यम मिल जायेंगे।

मगर इस बात का भी ध्यान दे अभीतक भारत सरकार ने बिटकॉइन को भारत में विनिमय करने की अनुमति नहीं दी है, शायद भविष्य में देदे या फिर ना भी दे।

इसलिए आप बिटकॉइन या किसी भी करेंसी को छोटी रकम में ही ख़रीदे या फिर माइन करे। ताकि भिवष्य में क्रिप्टो करेंसी से संबधित कुर्ती से आपको नुकसान न हो।

तो दोस्तों अब आपको समाज गया होंगे की बिटकॉइन किस देश की करेंसी है? औरबिटकॉइन से जुडी अन्य बाते।

मुझे उम्मीद है आपको हमारे इस लखे से थोड़ी बहोत मदत मी होंगी। इस तरह के टेक्नोलॉजी से जुड़े बातो को जानने के लिए हमारी वेबसाइट के अन्य लेख भी आप पढ़ सकते है, धयानवाद, जय हिंदी।

Crypto currency ( क्रिप्टो करेंसी ) आभासी चलन

दोस्तों आप सब तरफ बिटकॉइन के बारे में सुन रहे होंगें, क्योंकि बिटकॉइन दुनिया की पहली क्रिप्टोकरंसी है. बिटकॉइन के बारे में कही गई हुई बहुत सी बातें आप सुन रहे होंगे जैसे कि, बिटकॉइन लीगल है, बिटकॉइन इल्लीगल है, बिटकॉइन बॅन हो जाएगा, बिटकॉइन को हम कैसे खरीद पाएंगे, बिटकॉइन लीगल टेंडर है या नहीं है मतलब हम इससे चिजे खरीद पाएंगे या नहीं खरीद पाएंगे भारत सरकार बिटकॉइन के लिए क्या स्टैंड लेगी, यह सब और बिटकॉइन, एथेरियम यह क्या है यह समझने के लिए हमें सबसे पहले क्रिप्टो करेंसी क्या है यह समझना पड़ेगा तभी हम बिटकॉइन एथेरियम यह क्या है यह सब समझ पाएंगे

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what is cryptocurrency? ( व्हाट इज क्रिप्टो करेंसी? ) क्रिप्टो करेंसी क्या होती है?

क्रिप्टो करेंसी मतलब आभासी चलन एक पैसे का ऐसा नया रूप है, जो होता तो है लेकिन हम जिसे छू नहीं पाते देख नहीं पाते सिर्फ महसूस कर पाते हैं. अगर वह दिखता है तो सिर्फ अपने डिजिटल वॉलेट में हम इसे जेब में लेकर नहीं घूम सकते, अगर आपके मोबाइल में आपका वह डिजिटल वॉलेट है तो शायद आप इसे जेब में भी लेकर घूम सकते हैं, दोस्तों अब आप कहेंगे अगर इसे हम देख नहीं सकते छू नहीं सकते सिर्फ महसूस कर पाते हैं, तो इसकी जरूरत ही क्या है, इसका उपयोग क्या है, तो आइए यह समझते हैं किसका उपयोग क्या है

दोस्तों दुनिया में पहली बार किसी ने यह सोचा के पैसा अगर मेरा है तो मेरे सिवा और किसी को यह पता नहीं होना चाहिए कि मेरे पास कितना पैसा है, और कहां है. मतलब समझो कि अगर मेरे पास पैसे है तो पैसे मेरे बैंक में अकाउंट में होंगे, तो बैंक वालों को पता चल जाएगा क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है कि मेरे अकाउंट में कितना पैसा है, इनकम टैक्स वाले जब चाहे जान सकते हैं कि मेरे पास कितना पैसा है. और मैंने वह देश के किन-किन बैंकों में रखा है, या विदेश के भी किन-किन बैंकों में रखा है. वह पैसा मैंने कहा इन्वेस्ट किया है, उसके मुझे कितने रिटर्न्स मिलते हैं, सरकार तय करेगी कि मेरे पैसे का मूल्य क्या है. तो क्या यह पैसा आखिर सच में मेरा ही है. उस पैसे से मैं सोना खरीद रहा हूं, जमीन खरीद रहा हूं, अपने लिए घर खरीद रहा हूं, या कोई और चीज कर रहा हूं, यह किसी और को क्यों पता चले. और मेरा पैसा कोई और क्यों कंट्रोल करें, फिर चाहे वह किसी देश की सरकार हो, या दुनिया की इकोनामी हो.

उस पैसे का कंट्रोल किसी एक के दुक्के के हाथ में नहीं होना चाहिए. वह पूरी तरह से सेंट्रलाइज ना रहे के डिसेंट्रलाइज मतलब उसका कंट्रोल किसी एक या दो के हाथ में केंद्रीत ना रहके, वह पूरी तरह किसी के भी नियंत्रण में ना रहते हुए विकेंद्रित हो. उसका नियंत्रण कई लोगों द्वारा किया जाए जिससे कि कोई भी मैनिपुलेट न कर पाए. जिसे कोई एक या दो उसे प्रभावित ना कर पाए. इसीलिए दुनिया में कुछ लोगों को आभासी चलन की जरूरत महसूस हुई जिसका नियंत्रण सभी के हाथ में हो. उसे कोई भी मैनिपुलेट ना कर पाए. और ऐसा करने की कोई अगर कोशिश करता है तो उसकी कीमत जीरो जाएगी. और मेरे पास कितना पैसा है यह कोई जान ना पाए. और यह सिर्फ और सिर्फ क्रिप्टो करेंसी के द्वारा ही संभव था, जिसे कई लोग वर्चुअल करेंसी में कहते हैं. वो पैसा होता तो है लेकिन आभासी चलन के रूप में जिसे हम जो चाहे खरीद सकते हैं. और उसका किसी को पता भी नहीं चलेगा. हम जहां चाहे उसे ले जा सकते हैं वह पूरी तरह से डिजिटल होती है. और उसके साथ जो चाहे वह कर सकते हैं. और उसके लिए हमें रोक भी नहीं सकता और टोक भी नहीं सकता. मतलब हमारे खुद के पैसे का नियंत्रण पूरी तरह से हमारे अपने क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है हाथ में होता है,यह क्रिप्टोकरंसी का जादू हैं. हम यह तो समझ गए हैं कि क्रिप्टोकरंसी होती क्या है लेकिन यह चलती कैसे हैं आइए यह भी हम समझ लेते हैं.

What is क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है Blockchain? ( व्हाट इज ब्लॉकचेन? ) ब्लॉकचेन क्या होती है?

क्रिप्टो करेंसी का आधार क्या है? वह चलती कैसे है? अगर वह डिजिटल है तो वह कहां स्टोर होती है?. सब का जवाब है बिटकॉइन क्रिप्टोकरंसी ब्लॉकचेन के माध्यम से चलती है ब्लॉकचेन एक ऐसी डिजिटल कोड की चैन है जिसमें क्रिप्टो करेंसी के हर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड एक ब्लॉक के रूप में रखा जाता है. और वह एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक दूसरे से तीसरे ब्लॉक के रूप में आगे बढ़ता रहता है. जिसे कोई कंट्रोल नहीं कर सकता, और जिसका डाटा दुनियां के किसी एक जगह की बजाए दुनिया की लाखों कंप्यूटर्स जिसे पियर टु पियर नेटवर्क कहते हैं और सर्वस मैं डिसेंट्रलाइज तरीके से स्टोर किया जाता है.

हर एक ब्लॉक का अपना एक डिजिटल कोड होता है जो पिछले ब्लॉक से जुड़ा होता है और वो डिजिटलकोड्स यूनिक होता है मतलब वह पहले कोर्ट से बिल्कुल ही अलग होता है और उसे बदलना लगभग नामुमकिन है क्योंकि उसे बदलने के लिए पियर पियर नेटवर्क के आधे से ज्यादा लोगों टी सहमति की जरूरत होती है तभी आप उसमें बदलाव कर सकेंगे अगर वह लोग आपसे सहमत नहीं होते और उनको लगता है कि आप उस ब्लाक की जानकारी को टॅंपर कर रहे हैं, तो वह आपको सहमति नहीं देंगे और आप उसमें कोई बदलाव नहीं कर सकेंगे, अगर आप अपना कोई नया ब्लॉक भी ऐड करते हो तो उसके लिए भी उन लोगों की सहमति की जरूरत है तभी आप अपना ब्लॉक उस ब्लॉकचेन में ऐड कर पाएंगे वरना नामुमकिन है. और वह ब्लॉक सभी के पास कॉपी हो जाएगा. ब्लॉकचेन एक सॉफ्टवेयर की ऐसी उन्नत टेक्नोलॉजी है जिससे हम पिछला रिकॉर्ड तो ट्रैक कर पाते हैं, लेकिन उसमें बदलाव करना लगभग नामुमकिन है. और उसी ब्लॉकचेन के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी एक जगह से दूसरी जगह भेजी जाती है. और जिस का पता किसी को नहीं चल पाता जोकि क्रिप्टो करेंसी मैजिक है.

क्या आप भी Bitcoin में निवेश करने का बना रहे प्लान, तो जानिए यहां क्या करें.

टेस्‍ला की ओर से निवेश की घोषणा के बाद क्रिप्‍टोकरेंसी बिटक्‍वाइन में हर दिन उछाल दर्ज किया जा रहा है.

टेस्‍ला की ओर से निवेश की घोषणा के बाद क्रिप्‍टोकरेंसी बिटक्‍वाइन में हर क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है दिन उछाल दर्ज किया जा रहा है.

क्या आप भी बिटकॉइन में पैसा लगाने का सोच रहे हैं. अगर ऐसा है तो उससे पहले आप इसके बारे में अच्छे से जान लीजिए कि आखिर . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : February 09, 2021, 13:42 IST

नई दिल्ली: क्या आप भी बिटकॉइन (Bitcoin) में पैसा लगाने का सोच रहे हैं… अगर ऐसा है तो उससे पहले आप इसके बारे में अच्छे से जान लीजिए कि आखिर ये बिटकॉइन क्या है और इसमें कैसे ट्रेडिंग होती है. इन दिनों ये दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसके रिटर्न ने निवेशकों को हैरान कर दिया है, लेकिन इसमें जिस तरह का रिटर्न मिलता है रिस्क भी उसी हिसाब से होता है.

साल 2017 में, दिल्ली के 37 साल के राहुल मिश्रा ने अपने कार्यालय के सहयोगियों को देखकर बिटकॉइन में निवेश किया. बता दें उस वर्ष की शुरुआत में बिटकॉइन की कीमत पहले ही 65,000 रुपये से बढ़कर 3.61 लाख रुपये हो गई थी. हर महीने, वह 25,000 रुपये का निवेश करते रहे. उन्होंने अपनी चल रही म्यूचुअल फंड व्यवस्थित निवेश योजनाओं को बिटकॉइन में बदल दिया था.

बता दें उसके ठीक छह महीने बाद, उन्हें एक झटका लगा. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग का एक परिपत्र जारी किया. इसने आरबीआई द्वारा विनियमित सभी कानूनी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे आभासी मुद्राओं का सौदा न करें या क्रिप्टोकरेंसी में काम करने वाले किसी व्यक्ति या व्यवसाय को सेवाएं प्रदान न करें. इससे निवेशक घबरा गए. भारत में बिटकॉइन की कीमत दुर्घटनाग्रस्त हो गई. सात दिनों के अंदर, इसकी कीमत 5.2 लाख रुपये प्रति बिटकॉइन के उच्च स्तर से गिरकर 3.07 लाख रुपये हो गई. नोटबंदी से पहले 1.50 लाख रुपये के बिटकॉइन में उनका अपना निवेश 30,000 रुपये तक गिर गया था.

क्या होता है बिटकॉइन?
यह एक किस्म का डिजिटल या वर्चुअल टोकन होता है, जिसे काफी जटिल एल्गोरिदम को हल कर हासिल किया जाता. इस विख्यात क्रिप्टोकरेंसी का ट्रांसफर आसानी से मुफ्त में एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में संभव है.

बिटकॉइन कैसे करता है काम?
अगर किसी भी व्यक्ति के पास बिटकॉइन है, तो इसकी कीमत और वैल्यू ठीक उसी तरह मानी जाएगी जैसे ईटीएफ में कारोबार करते समय सोने की कीमत मानी जाती है. इस बिटकॉइन से आप ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं और इसे निवेश के रूप में भी संभाल कर रख सकते हैं. आपको बता दें बिटकॉइन एक पर्सनल ई-वॉलेट से दूसरे पर्सनल ई-वॉलेट में ट्रांसफर कर सकते हैं.

कई बार होता है भारी उतार-चढ़ाव
बिटकॉइन में कई बार भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. बता दें पिछले 5 सालों में बिटकॉइन करीब 40 से 50 फीसदी तक गिर गया है. साथ ही साल 2013 में बिटकॉइन की कीमत 233 डॉलर पर पहुंच गई थी और फिर अचानक गिरकर 67 डॉलर पर आ सकती है.

भारत में कहां से खरीद सकते है बिटकॉइन?
भारत में बिटकॉइन की खरीद-फरोख्त के लिए 11 ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म हैं. इसमें उनोकॉइन, जेबपे, कॉइनसिक्योर, कॉइनमामा, लोकलबिटकॉइन और बिटकॉइन एटीएम जैसे नाम शमिल हैं.

कहां होता है बिटकॉइन का इस्तेमाल?
आपको बता दें इंडिया में आप फ्लिपकार्ट, अमेजन और मेकमायट्रिप जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां बिटकॉइन उपभोक्ताओं के लिए वाउचर प्रोग्राम चलाती है, लेकिन बिटकॉइन को स्वीकार नहीं करती है. इसके लिए एक्सचेंज बिटकॉइन को सामान्य करेंसी में बदलते हैं.

इसमें करना चाहिए निवेश या नहीं
आपको बता दें खुदरा निवेशकों को बिटकॉइन से बचना चाहिए. फाइनेंशियल एजुकेटर और फिनसफे इंडिया के संस्थापक मृणाल अग्रवाल ने बिटकॉइन में निवेश को जुए के बराबर बताया है. वह कहती हैं कि ”यहां कोई अंडरलाइंग संपत्ति नहीं है, यह अन-रेगुलेटिड है. इसके अलावा मूल्य की खोज अप्रत्याशित है तो इससे दूर रहो.’

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Cryptocurrency kya hai hindi mein. How to invest in cryptocurrency in Hindi

हेलो दोस्तों और एक नया लेख में आपका स्वागत है. आजकल जहां भी आप आंख डालोगे तो हर कोई क्रिप्टोकरंसी के बात कर रहे हैं. जो लोग कभी इस आभासी मुद्रा पर विश्वास ही नहीं कर रहे थे उन लोगों ने भी आज बहुत सारे क्रिप्टोकरेंसी के बारे में बात कर रहे हैं. आज हम आपको बताने वाले है Cryptocurrency kya hai

round silver and gold coins

पहले पहले लोगों को यह लगता था कि क्रिप्टोकरंसी ऐसा कुछ भी नहीं है जहां से हम कुछ क्या बिटकॉइन का पैसा आभासी है अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं. परंतु समय बदलता रहता है इसके साथ-साथ सारे चीजें भी बदलता रहता है. आज का समय में बिटकॉइन का वैल्यू बहुत ही बढ़ चुका है. जिन लोगों ने पहले से ही बिटकॉइन खरीद के रखा था आज की तारीख में उन लोगों ने एक तरीके का वित्तीय व्यक्ति हो चुके हैं. बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी का हिस्सा है जोकि दुनिया में पहले आया था. मतलब आप यह बोल सकते हैं कि बिटकॉइन दुनिया का सबसे पहले क्रिप्टोकरंसी है और अभी के टाइम पर सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी है.

cryptocurrency kya hai

अभी हम जितना भी बात किए आप यही सोच रहे होंगे कि आखिर यह cryptocurrency kya hai. आज हम आपको यह बताने वाले हैं कि cryptocurrency kya hai hindi mein. तो बिना समय वेस्ट किए यह देख लेते हैं क्रिप्टोकरंसी क्या होता है.

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क्रिप्टोकरेंसी को हिंदी में आभासी मुद्रा बोला जाता है. दुनिया का कोई भी व्यक्ति आज तक इसी को फिजिकली नहीं देखा है. जैसे कि हर देश के पास अपना-अपना मुद्रा होती है. जैसे इंडिया में रुपया चलता है, अमेरिका में डॉलर चलता है वैसे ही क्रिप्टोकरंसी एक तरह का मुद्राएं होती है. परंतु जिससे कि आप पैसा को देख सकते हैं छू सकते हैं परंतु क्रिप्टोकरंसी को आप वैसे नहीं कर सकते. फिर भी उसी का बहुत ही ज्यादा value है. डॉलर से भी ज्यादा !

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