किन देशों में क्रिप्टोकरेंसी पर है बैन
चीन का सेंट्रल बैंक क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी सभी ट्रांजेक्शन को अवैध करार दे चुका है। साथ ही क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कह चुका है। उसने ये भी कहा है कि वह घरेलू निवेशकों को सेवा देने वाले विदेशी एक्सचेंजों पर पाबंदी लगाएगा। चीन (क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? China) के अलावा कुछ अन्य देश भी हैं, जिनमें क्रिप्टोकरेंसी या क्रिप्टोकरेंसी पेमेंट्स (Cryptocurrency Payments) पर प्रतिबंध है। इनमें नाइजीरिया, टर्की, बोलिविया, एक्वाडोर, अल्जीरिया कतर, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, वियतनाम के नाम प्रमुख हैं। मिस्त्र में शरिया कानून के तहत क्रिप्टोकरेंसी को हराम मान गया है, हालांकि यह प्रत्यक्ष तौर पर प्रतिबंधित नहीं है।

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Cryptocurrency Bill: आ रहा क्रिप्टो पर बैन वाला बिल: बिटकॉइन में पैसा लगाने वालों का क्या होगा? क्या फंस जाएगा? समझिए सबकुछ

  • नरेंद्र मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर ला रही है बिल
  • चीन ने कुछ समय पहले ही क्रिप्टेकरेंसी पर बैन लगाया था
  • सरकार से मांग की जा रही है कि क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह बैन की जगह नियम बने

तो कुछ छूट भी मिलेगी!
हालांकि, इस प्रस्तावित विधेयक में भारत में सभी तरह की निजी क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने की बात कही गई है। हालांकि, इसमें कुछ अपवाद भी है, ताकि क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित प्रौद्योगिकी एवं इसके उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। बिल में इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल करेंसी के क्रिएशन के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने की भी मांग की गई है।

BitCoin Ban: बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी पर भारत में बैन लगाना क्यों है जरूरी

क्रिप्टो इंडिया.

  • निवेशकों के लिए प्राइवेट क्रिप्टो करेंसी में बहुत बड़ा जोखिम है
  • क्रिप्टो करेंसी के भाव में रोजाना तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया जाता है
  • इसके साथ ही इसकी कोई सोवरन गारंटी नहीं है
  • अगर प्राइवेट की गुम क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? हो जाती है तो क्रिप्टो वॉलेट का एक्सेस खत्म हो सकता है

क्रिप्टो को एसेट मानने के नुकसान
अगर प्राइवेट क्रिप्टो करेंसी को एक संपत्ति के रूप में रखने की इजाजत दी जाती है तो इससे भी देश में बड़ी समस्या पैदा होने की आशंका है। इसका मतलब लोगों को जुआ और तुरंत कमाई के लिए प्रोत्साहित करना हो सकता है। इस तरह का कोई भी नियम क्रिप्टो करेंसी को देश में कानूनी मान्यता देने की तरफ बढ़ता हुआ दिखाई देगा और देश में क्रिप्टो के कारोबार में तेजी आने की आशंका है।

आपकी बात, क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए?

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सरकार का नियंत्रण नहीं
क्रिप्टोकरेंसी आधुनिक तकनीक पर आधारित करेंसी है। इसके लेन-देन में काफी गोपनीयता है, परंतु सरकार या सेंट्रल बैंक का इस पर कोई भी नियंत्रण नहीं है। इसलिए इस करेंसी का गलत कार्यों में इस्तेमाल होने की आशंका अधिक है। साथ ही क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव रहता है। बेहतर तो यह है कि सरकार जल्द से जल्द क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा दे ।
-योगिता वैष्णव, किशनगढ़
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जानें क्या है क्रिप्टोकरेंसी, जिस पर मोदी सरकार लगाने जा रही है बैन

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संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार कुछ निजी क्रिप्टोकरेंसी को छोड़कर सभी पर रोक लगाने और आरबीआई द्वारा जारी डिजिटल मुद्रा को विनियमित करने के लिए एक ढांचा तैयार करने के लिए एक विधेयक ला सकती है। 29 नवंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में बहुप्रतीक्षित क्रिप्टोक्यूरेंसी और विनियमन आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2021 विचार और पारित करने क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इससे जुड़े बिल से पहले आइए, जानें कि आखिर क्रिप्टोकरेंसी कहते किसे हैं।

जानें क्या है क्रिप्टोकरेंसी ?

क्‍या क्रिप्‍टोकरेंसी को देश में कानूनी मान्‍यता मिल चुकी है, यहां जानिये इससे जुड़े सवालों के जवाब

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Cryptocurrency: इस साल क्रिप्टोकरेंसी के भारत में लीगल टेंडर यानी वैधानिक होने की खूब चर्चाएं थीं। सभी कारोबारी व निवेशक यह जानना चाह रहे थे क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? कि सरकार इस पर मुहर लगाती है या नहीं। इसके चलते आम बजट पर सभी की निगाहें थीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आभासी संपत्तियों पर कर लगाने के प्रस्ताव ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी की वैधता पर बहस छेड़ दी है। जबकि कई लोगों ने डिजिटल मुद्राओं पर कर लगाने के निर्णय का स्वागत किया है, यह सोचकर कि यह आभासी मुद्राओं को पहचानने का पहला कदम है, सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? भारत में बिटकॉइन जैसी मुद्राओं को कानूनी निविदा माना जा सकता है। आखिर सरकार ने इस विषय पर अपना पक्ष भी स्‍पष्‍ट कर दिया था। गत 1 फरवरी को पेश केंद्रीय बजट 2022-23 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस करेंसी से होने वाली आय पर सरकार कर जरूर लगाएगी लेकिन इसे देश में लीगल टेंडर किया जाना अभी तय नहीं है। हालांकि सरकार ने यह भी साफ कहा था कि इस पर फिलहाल प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने इस आभासी क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत कर लगाने का भी प्रस्ताव क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? रखा था। जानिये इसके बारे में कुछ खास बातें।

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