दूसरा विकल्प– एलआईसी की धन वर्षा पॉलिसी में दूसरा विकल्प चुनने पर ग्राहक को जमा प्रीमियम का 10 गुना रिस्क कवर मिलेगा। जिसका मतलब है मृत्यु की स्थिति में 10 गुना कैश सपोर्ट मिलेगा। यानी कि अगर 10 लाख सिंगल प्रीमियम दिया गया था। तो नॉमिनी अर्थात ग्राहक के परिवार को 1 करोड़ रुपए गारंटीड बोनस के साथ मिलेगा। आप सोच रहे होंगे कि पहला विकल्प चुनने का क्या फायदा जब दूसरे विकल्प में 10 गुना रिस्क कवर का पैसा मिल रहा है। तो आप को बता दे कि पहला विकल्प चुनने पर दूसरे की तुलना में आपको अधिक बोनस प्राप्त होगा।

मास्टर प्लान. ग्रीन लैण्ड में फंसे भू-स्वामियों ने मांगी राहत

मास्टर प्लान. ग्रीन लैण्ड में फंसे भू-स्वामियों ने मांगी राहत

छिंदवाड़ा. शहर के मास्टर प्लान 2035 पर आई दावे-आपत्तियों की सुनवाई शुुक्रवार को प्रशासन और नगर व ग्राम निवेश विभाग के अधिकारियों ने सुनी और कुछ आपत्तियों को मान्य भी कर लिया। अब प्रशासन मास्टर प्लान के निराकरण की रिपोर्ट नगर एवं ग्राम निवेश संचालनाल भोपाल भेजेगा,जहां इस पर पुन: सुनवाई होगी।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में दोपहर 12 बजे 280 दावे-आपत्तियों पर सुनवाई शुरू हुई। एक-एक आपत्तिकर्ताओं के नाम लेकर बुलाया गया। इसके बाद उन्होंने आपत्तियों के समर्थन में बहस की। अधिकांश लोग ग्रीन लैण्ड में फंसी जमीन को यलो लैण्ड में बदलने की वकालत करते रहे। कुछ को खसरा नक्शा नंबर पर आपत्ति थी। इसका जवाब उपसंचालक नगर एवं ग्राम निवेश विनोद परस्ते, एसडीएम अतुल सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने दिया।
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ग्रीन लैण्ड में इमलीखेड़ा की जमीन, रहवासियों ने मांगा आवासीय उपयोग
नगर निगम के वार्ड नं.35 के अधीन इमलीखेड़ा के रहवासियों ने कुछ खसरा-नक्शा की जमीन ग्रीन लैण्ड में होने की शिकायत की। साथ ही भूमि के आवासीय उपयोग मांगा। भूमि स्वामी सुशील पटेल, राधेश्याम माहोरे समेत अन्य ने कहा कि यह क्षेत्र निगम के 48 वार्डो में सबसे बड़ा है। जिसकी आबादी 7 हजार से अधिक की है। इस भूमि को सामान्य आवासीय उपयोग की भूमि किया जाना प्रस्तावित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि इमलीखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। इसके साथ ही शैक्षणिक संस्थाएं, इंजीनियरिंग कॉलेज, एफडीडीआई और बैंक है। भूमि प्रयोजन बदलने से क्षेत्र का विकास होगा।
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किसानों के खसरे-नक्शे के उल्लेख का दिया सुझाव
अधिवक्ता हेमंत कौशल, चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह, अमित मेहता, मुकुंद सोनी, घनश्याम काले ने मास्टर प्लान पर अपने पक्ष विधिपूर्वक रखे। अधिकांश आपत्तिकर्ताओं ने आबादी की भूमि से लगी बाड़ी की भूमि को आवासीय करने के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया । इसके अलावा सिटी पार्क, स्टेडियम, सड़कों, पौधरोपण, बस स्टैण्ड, मोक्षधाम एवं किसानों के खसरा नंबरों का आवश्यक रूप में उल्लेख करना, शैक्षणिक, औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक व मिश्रित व सार्वजनिक भूमि प्रयोजन के सुझाव दिए।
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इनका कहना है.
मास्टर प्लान बिना किसी तैयारी के आया था। इससे लोग खसरा नक्शा में गड़बड़ी से नाराज थे तो वहीं ज्यादातर आपत्तिकर्ता अपनी ग्रीन लैण्ड में फंसी जमीन को यलो में परिवर्तित करना चाहते थे। मेरे हिसाब से मास्टर प्लान को फाइनल करने से पहले और काम करने की जरूरत है।
-विक्रम अहके, महापौर।
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मास्टर प्लान 2035 पर आए दावे-आपत्तियों को जिला स्तरीय समिति ने सुना और उनमें से कुछ को मान्य भी कर लिया है। अब आगे इस रिपोर्ट को नगर एवं ग्राम निवेश विभाग भोपाल के डायरेक्टर को भेजा जाएगा। फि र वहां सुनवाई उपरांत प्रमुख सचिव देखेंगे। इसके बाद राज्य शासन की ओर से निर्णय लिया जाएगा।
-विनोद परस्ते, उपसंचालक नगर एवं ग्राम निवेश विभाग।
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LIC ने लांच किया Dhan Varsha Plan (866), निवेश पर मिलेगा 10 गुना रिटर्न

देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा निगम LIC (Life Insurance Corporation) नए नए प्लान लेकर आती रहती है। इस बार LIC नागरिकों के लिए मार्केट में शानदार प्लान लेकर आई है। जिसका नाम एलआईसी धन वर्षा प्लान 866 है। जिसे हाल ही में लांच किया गया है। LIC Dhan Varsha Plan 866 में बोनस, 10 गुना इंश्योरेंस सहित कई सुविधाओं की पेशकश की गई है। आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से LIC धन वर्षा योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएंगे। ताकि आप भी जीवन बीमा कंपनी में निवेश कर 10 गुना रिस्क कवर पा सकें। इसलिए आपको यह आर्टिकल ध्यानपूर्वक अंत तक पढ़ना होगा।

 Dhan Varsha Plan

LIC Dhan Varsha Plan 866

भारतीय जीवन बीमा निगम एलआईसी ने एक नया प्लान लांच किया है। इसका नाम एलआईसी धन वर्षा प्लान 866 है। 866 नंबर एलआईसी की तालिका संख्या पर आधारित एलआईसी धन वर्षा प्लान है। LIC Dhan Varsha Plan एक नॉन पार्टिसिपेटिंग, व्यक्तिगत, सेविंग, सिंगल प्रीमियम जीवन बीमा पॉलिसी है। जो आपको सुरक्षा के साथ-साथ सेविंग की भी सुविधा देती है। सिंगल प्रीमियम प्लान से आप 10 गुना रिस्क कवर पा सकते हैं। साथ ही कई सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। LIC की Dhan Varsha प्लान में आपको एक ही बार प्रीमियम जमा करना होगा। आपको बार -बार प्रीमियम जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

आर्टिकल का नामLIC Dhan Varsha Plan 866
लांच कियाभारतीय जीवन बीमा निगम LIC
उद्देश्यग्राहकों को 10 गुना रिस्क कवर उपलब्ध कराना
लाभार्थीLIC धन वर्षा पॉलिसी खरीदने वाले नागरिक
साल2022

LIC Dhan Varsha Plan का उद्देश्य

एलआईसी धन वर्षा प्लान को लांच करने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ सेविंग की भी सुविधा देना है। सिंगल प्रीमियम प्लान से ग्राहकों को 10 निगमों में निवेश गुना रिस्क कवर उपलब्ध कराना है। साथ ही अन्य सुविधाओं का भी लाभ प्रदान करना है। LIC की Dhan Varsha प्लान में आपको एक ही बार प्रीमियम जमा करना होगा। आपको बार -बार प्रीमियम जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

एलआईसी धन वर्षा पॉलिसी में ग्राहक जमा प्रीमियम की तुलना में 10 गुना रिस्क कवर पा सकते हैं। जिसमें आपको प्रीमियम राशि की 10 गुना तक सम एश्योर्ड लिया जा सकता है। सम एश्योर्ड वे निश्चित राशि होती है। जो बीमा कंपनी द्वारा मैच्योरिटी पर ग्राहकों को देने का वादा करती है। अगर 1 लाख रुपए के प्रीमियम में पॉलिसी लेते हैं तो निगमों में निवेश 10 लाख रुपए के सम एश्योर्ड की पॉलिसी ले सकते हैं। एलआईसी धन वर्षा पॉलिसी एक सिंगल प्रीमियम प्लान है जिसमें दो विकल्प मौजूद मिलेंगे।

ऐसे ले सकते हैं LIC Dhan Varsha Plan

आपको बता दें कि एलआईसी धन वर्षा प्लान आप ऑनलाइन नहीं खरीद सकते। यह प्लान केवल ऑफलाइन ही उपलब्ध होगा। LIC धन वर्षा प्लान के केवल दो ही टर्म है। पहला टर्म 10 वर्ष का होगा। और दूसरा टर्म 15 वर्ष का होगा। आप इनमें से कोई भी एक टर्म को चुन सकते हैं। सिंगल प्रीमियम के साथ गारंटीड बोनस का विकल्प अच्छा माना जाता है। गारंटीड बोनस आप के चुने हुए विकल्प और टर्म के आधार पर बनेगा।

पहला बोनस विकल्प- यदि आप पहले विकल्प के साथ 7 लाख से अधिक का बीमा धन 10 वर्ष टर्म के लिए लेते हैं। तो आपको 70 रुपए प्रति हजार का गारंटीड बोनस मिलेगा और यदि आप 7 लाख या फिर उससे अधिक का बीमा धन 15 वर्ष के टर्म के साथ चुनते हैं। तो 75 रुपए प्रति हजार का गारंटीड बोनस मिलेगा।

दूसरा बोनस विकल्प- यदि आप इस ऑप्शन को चुनने के साथ 10 वर्ष टर्म लेते हैं। तो 35 रुपए प्रति वर्ष आपको गारंटीड बोनस मिलेगा। इसी के साथ 15 वर्ष का टर्म चुनने पर 40 रुपए प्रति हजार का गारंटीड बोनस मिलेगा। इस ऑप्शन में आपको कम बोनस मिल रहा है। क्योंकि इस विकल्प में 10 गुना रिस्क कवर मिलता है।

Investment Banking क्या है?

Investment Banking एक वित्तीय सेवा है जो बैंकिंग विभाग या वित्त कंपनी द्वारा प्रदान की जाती है। यह पूंजी जुटाने या बनाने के लिए उच्च-निवल मूल्य वाले व्यक्तियों, कंपनियों या सरकार की सहायता करता है। वे सभी प्रकार के निगमों के लिए नई प्रतिभूतियों को अंडरराइट करते हैं, प्रतिभूतियों की बिक्री में सहायता करते हैं, और विलय और अधिग्रहण या पुनर्गठन की व्यवस्था करते हैं।

एक निवेश बैंकर एक विशेषज्ञ होता है जो बड़ी परियोजनाओं की व्यवहार्यता के बारे में निगमों को समझता है और सलाह देता है। वह अपने ग्राहक के समय और धन का निवेश करने से पहले परियोजनाओं से जुड़े जोखिमों की पहचान करने में मदद करता है।

'निवेश बैंकिंग' की परिभाषा [Definition of 'Investment Banking'] [In Hindi]

निवेश बैंकिंग बैंकिंग संचालन का एक विशेष खंड है जो व्यक्तियों या संगठनों को पूंजी जुटाने और उन्हें वित्तीय परामर्श सेवाएं प्रदान करने में मदद करता है।

Investment Banking क्या है?

वे सुरक्षा जारीकर्ताओं और निवेशकों के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं और नई फर्मों को सार्वजनिक होने में मदद करते हैं। वे या तो सभी उपलब्ध शेयरों को अपने विशेषज्ञों द्वारा अनुमानित मूल्य पर खरीदते हैं और उन्हें जनता के लिए पुनर्विक्रय करते हैं या जारीकर्ता की ओर से शेयर बेचते हैं और प्रत्येक शेयर पर कमीशन लेते हैं। Infrastructure Investment Trusts (InvITs) क्या है ?

निवेश बैंकिंग कौशल [Investment Banking Skills]

Investment Banking कार्य के लिए बहुत अधिक वित्तीय मॉडलिंग और मूल्यांकन की आवश्यकता होती है। चाहे अंडरराइटिंग या M&A गतिविधियों के लिए, बैंकों के विश्लेषक और सहयोगी एक्सेल में बहुत समय बिताते हैं, वित्तीय मॉडल बनाते हैं और अपने ग्राहकों को सलाह देने और सौदों को पूरा करने के लिए विभिन्न मूल्यांकन विधियों का उपयोग करते हैं।

  • वित्तीय मॉडलिंग (Financial Modeling ) - 3-स्टेटमेंट मॉडल, डिस्काउंटेड कैश फ्लो (डीसीएफ) मॉडल, एलबीओ मॉडल और अन्य प्रकार के वित्तीय मॉडल बनाने जैसी वित्तीय निगमों में निवेश मॉडलिंग गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शन करना।
  • व्यावसायिक मूल्यांकन (Business Valuation) - तुलनात्मक कंपनी विश्लेषण, मिसाल लेनदेन और डीसीएफ विश्लेषण जैसे मूल्यांकन विधियों की एक विस्तृत श्रृंखला का उपयोग करना।
  • पिचबुक और प्रस्तुतियाँ (Pitchbooks and presentations) - संभावित ग्राहकों के लिए स्क्रैच से पिच विचारों तक पिचबुक और पीपीटी प्रस्तुतियों का निर्माण और नया व्यवसाय जीतें
  • लेन-देन दस्तावेज (Transaction Documents) - गोपनीय सूचना ज्ञापन (सीआईएम), निवेश टीज़र, टर्म शीट, गोपनीयता समझौता, डेटा रूम का निर्माण, और बहुत कुछ जैसे दस्तावेज तैयार करना
  • संबंध प्रबंधन (Relationship Management)- किसी सौदे को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए मौजूदा ग्राहकों के साथ काम करना और यह सुनिश्चित करना कि ग्राहक प्रदान की जा रही सेवा से खुश हैं।
  • बिक्री और व्यवसाय विकास (Sales & Business Development)- संभावित ग्राहकों के साथ लगातार मिलना, उन्हें विचारों को पिच करना, उन्हें अपने काम में सहायता प्रदान करना, और मूल्य वर्धित सलाह प्रदान करना जो अंततः नए व्यवसाय को जीतेगा।
  • बातचीत (Negotiation)- एक लेन-देन में खरीदारों और विक्रेताओं के बीच बातचीत की रणनीति में एक प्रमुख कारक होने के नाते और ग्राहकों को मूल्य निर्माण को अधिकतम करने में मदद करना।

अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम

अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम का प्रतीक

अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (अंग्रेज़ी: International Finance Corporation - IFC) संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण है। इसकी स्थापना 25 मई, 1955 को वाशिंगटन में हुए समझौते के द्वारा हुई, जो 20 जुलाई, 1956 से प्रभावी हुआ। 20 फ़रवरी, 1957 को आईएफसी संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण बन गया। आईएफसी का मूल उद्देश्य उत्पादक निजी या आंशिक रूप से सरकारी उद्यमों की वृद्धि के प्रोत्साहन द्वारा आर्थिक विकास को आगे बढ़ाना है।

अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम बहुपक्षीय विकास बैंक तथा निजी वित्तीय संस्थान, दोनों के रूप में कार्य करता है। यह निजी निवेशकों के सहयोग एवं सरकारी गारंटी के बिना विकासशील देशों में आर्थिक वरीयता वाले उत्पादक निजी उद्यमों को जोखिम पूंजी उपलब्ध कराता है। निगम द्वारा विकास कार्यों में निजी निवेश के प्रवाह हेतु प्रेरक दशाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। यह निजी रूप से नियंत्रित विकास वित्त कंपनियों को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करता है तथा औद्योगिक देशों में उपलब्ध तकनीकी प्रबंधकीय अनुभव और बाज़ार के ज्ञान व घरेलू प्रायोजन को संयुक्त करने का अवसर उपलब्ध कराने वाले साझा उद्यमों को समर्थन देता है। संक्षेप में, आईएफसी की गतिविधियां निम्नलिखित पांच क्षेत्रों में केन्द्रित हैं- निवेश, संवर्द्धन, पूंजी बाज़ार कार्यक्रम, तकनीकी सहायता तथा संघ-संघटन। आईएफसी के सदस्यों की संख्या 185 (दिसम्बर 2013 तक) है।

संसाधन

निगम के संसाधन सदस्यों के अंशदान तथा संचित आय से जुटाये जाते हैं। निगम विश्व बैंक से भी उधार लेता है। निगम द्वारा दिये जाने वाले कर्ज का अधिकांश भाग अंतरराष्ट्रीय वित्त बाज़ारों में बॉण्ड जारी करके इकट्ठा किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम दीर्घावधिक ऋणों के साथ में अंशों की भागीदारी द्वारा वित्त उपलब्ध कराता है। यह एक परियोजना हेतु अपेक्षित पूंजी के महत्वपूर्ण भाग को उपलब्ध कराने हेतु अन्य निवेशकों की खोज भी करता है।

आईएफसी स्वयं को विकासशील देशों में निजी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए प्रत्यक्ष वित्त के विशालतम स्रोत के रूप में स्थापित कर चुका है। आईबीआरडी का अनुषंगी होने के कारण आईएफसी समान संस्थात्मक संरचना रखता है। आईबीआरडी का अध्यक्ष ही आईएफसी का अध्यक्ष होता है। यद्यपि निगम का अपना कार्यचालन एवं वैधानिक स्टाफ होता है, किंतु यह प्रशासनिक व अन्य सेवाओं के लिए बैंक पर निर्भर रहता है। निगम के दैनंदिन कार्य एक कार्यकारी उपाध्यक्ष द्वारा निर्देशित होते हैं। वर्ष 2006 में आईएफसी ने 9500 मिलियन डॉलर परियोजना वित्त के रूप में विनियोजित किए तथा लगभग 66 देशों में 284 निजी क्षेत्र की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की।

LIC पॉलिसीहोल्डर्स के लिए बड़ी खबर! IPO में निवेश करने का खास मौका, बस झटपट पूरे कर लें ये दो काम

LIC पॉलिसीहोल्डर्स के लिए बड़ी खबर! IPO में निवेश करने का खास मौका, बस झटपट पूरे कर लें ये दो काम

LIC IPO : एलआईसी पॉलिसीहोल्डर्स के पास आईपीओ में निवेश करने का मौका.

अगर आपके पास देश की बड़ी सरकारी बीमा कंपनी LIC (Life Insurance Corporation) की पॉलिसी है तो आपके लिए LIC की ओर से एक बड़ी खबर है. कंपनी ने अपने पॉलिसीधारकों से कहा है कि वो जल्दी ही अपनी पॉलिसी से अपना PAN (Permanent Account Number) की डिटेल्स अपडेट करा लें और डीमैट अकाउंट भी खुलवा लें. दरअसल, निगम अगले कुछ महीनों में अपना IPO यानी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (initial public offering) ला रहा है, जिसमें पॉलिसीधारक निवेश कर सकते हैं. बता दें कि LIC का IPO देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. जानकारी है कि सरकार कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 90,000 रुपये करोड़ तक कमा सकती है.

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बता दें कि LIC का IPO कब आएगा, इसके बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. लेकिन इतना पता है कि LIC जो IPO लाएगी, उसमें 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स के लिए आरक्षित रहेगा.

LIC ने अपने ताजा बयान में कहा है कि 'ऐसी किसी भी पब्लिक ऑफरिंग में हिस्सा लेने के लिए पॉलिसीहोल्डर्स को ये सुनिश्चित करना होगा कि निगम के पास उनके पैन की अपेडेटेड डिटेल्स हों. वहीं, भारत में किसी भी पब्लिक ऑफरिंग में सब्सक्राइब ,तभी किया जा सकता है, जब आपके पास वैध DEMAT अकाउंट होगा.'

निगम ने यह भी बताया कि पैन की डिटेल्स अपडेट करने के लिए और डीमैट अकाउंट खोलने और मेंटेन करने के लिए जो खर्च आएगा, वो पॉलिसीहोल्डर को ही उठाना होगा, उसका खर्च एलआईसी नहीं उठाएगी.

LIC Policy-PAN Linking कैसे होगी?

आपको पता होना चाहिए कि अगर आप आईपीओ में निवेश निगमों में निवेश नहीं भी करने वाले हैं, तो भी आपके लिए अपनी पॉलिसीज़ को पैन से लिंक करना जरूरी है, इसलिए लगे हाथ ये भी बता दें कि LIC पॉलिसी के साथ PAN लिंक कैसे करते हैं-

  • LIC पॉलिसी के साथ पैन लिंक करने के लिए आपको पॉलिसी और पैन नंबर दोनों साथ में रखना होगा. ये भी जरूरी है कि जो मोबाइल नंबर आपकी पॉलिसी के साथ जुड़ा है वो एक्टिव हो क्योंकि LIC आपको इस प्रोसेस में एक ओटीपी भेजेगा.
  • सबसे पहले आपको https://licindia.in पर जाना होगा.
  • LIC की आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर आपको 'Online Service' पर जाना है.
  • ऑनलाइन सर्विस सेक्शन में आपको 'Online PAN Registration' पर क्लिक करना होगा.
  • क्लिक करते ही आप नए पेज पर पहुंचेंगे.
  • यहां आपको 'Proceed' पर क्लिक करना होगा.
  • आपको यहां जन्मतिथि, लिंग, ईमेल आईडी, पैन, पूरा नाम, मोबाइल नंबर, पॉलिसी नंबर भरना होगा.
  • डिक्लेरेशन बॉक्स पर टिक करके कैप्चा दर्ज करना होगा.
  • फिर आपको 'Get OTP' पर क्लिक करना होगा.
  • ये OTP आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त होगा.
  • आपको वेरीफाई यूजर डिटेल्स पेज पर अपना OTP दर्ज करना होगा.
  • यदि आपका वेरिफिकेशन सक्सेसफुल होता है, तो आपको इसका एक्नॉलेजमेंट मिल जाएगा.
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