Mutual Funds: म्‍यूचुअल फंड से तुरंत निकाल सकते हैं अपने पैसे, ये है आसान तरीका

आप म्यूचुअल फंड का यूनिट भुनाना चाहते हैं तो यह काम काम किसी भी बिजनेस डे को आप इसकी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: November 23, 2021 15:46 IST

Mutual Funds: म्‍यूचुअल फंड से. - India TV Hindi

Mutual Funds: म्‍यूचुअल फंड से झटपट निकाल सकते हैं अपने पैसे, ये है आसान तरीका

Highlights

  • लिक्विड या डेट फंडों से एक से दो दिनों में पैसे मिल जाएंगे
  • इक्विटी फंडों का पैसा 4-5 दिनों में निवेशकों के पास आ जाता है
  • 365 दिनों के भीतर उसे भुनाने पर आपको 1% एक्जिट लोड देना

नई दिल्‍ली। म्‍यूचुअल फंड न सिर्फ बैंकों की तुलना में बेहतर रिटर्न देते हैं बल्कि ये निवेशकों के चहेते इसलिए भी हैं क्‍योंकि इससे पैसे निकालना आसान है। पिछले दो लेखों में आपने पढ़ा कि म्‍यूचुअल फंडों में निवेश कैसे किया जाए और बेहतरीन फंडों का चयन कैसे किया जाए। आज हम आपको बताएंगे कि म्‍यूचुअल फंड के यूनिटों को भुनाकर आप अपने पैसे कैसे निकाल सकते हैं। तरीका आसान है, मुश्किल नहीं।

म्‍यूचुअल फंड यूनिट भुनाने की यह है प्रक्रिया

अगर आप म्‍यूचुअल फंड का यूनिट भुनाना चाहते हैं तो यह काम काम किसी भी बिजनेस डे को आप इसकी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। अगर आप खुद जाकर यह काम करना चाहते हैं तो आपको म्‍यूचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट से पहले ट्रांजैक्‍शन स्लिप डाउनलोड कर लीजिए और उसे अच्‍छी तरह भर लीजिए। इय रिडेंप्‍शन अप्लिकेशन को आप म्‍यूचुअल फंड कंपनी के आधिकारिक कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। आप चाहें तो म्‍यूचुअल फंड कंपनियों की ऑनलाइन सुविधा का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। कई म्‍यूचुअल फंड कंपनियां अपनी वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन रिडेंप्‍शन (म्‍यूचुअल फंड यूनिट भुनाने) की सुविधा उपलब्‍ध कराती हैं। अगर आपने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए निवेश किया है तो आप ऑनलाइन फैसिलिटी का इस्‍तेमाल करते हुए अपने यूनिट भी भुना सकते हैं।

इतने समय में मिल जाएंगे म्‍यूचुअल फंड के पैसे

अगर आपने लिक्विड या डेट ओरिएंटेड म्‍यूचुअल फंडों में निवेश किया हुआ है तो आपको एक से दो दिनों में पैसे मिल जाएंगे। इक्विटी फंडों का पैसा 4-5 दिनों में निवेशकों के पास आ जाता है। हां, ध्‍यान रखने लायक बात यह है कि अगर मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं आपने इक्विटी फंडों में निवेश किया हुआ है और यूनिट खरीदने के 365 दिनों के भीतर उसे भुना रहे हैं तो आपको एक फीसदी का एक्जिट लोड देना पर सकता है। लिक्विड फंड, अल्‍ट्रा शॉर्ट टर्म फंड्स आदि पर कोई एक्जिट लोड नहीं लगता है।

आपके पास ऐसे आते हैं म्‍युचुअल फंड के पैसे

म्‍यूचुअल फंड का यूनिट भुनाने से प्राप्‍त होने वाले पैसे सीधे आपके बैंक खाते में हैं मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं अगर आपने निवेश के समय बैंक की सारी डिटेल दी हुई है। अगर म्‍यूचुअल फंड कंपनी के पास आपकी बैंक की पूरी डिटेल नहीं है तो फिर आपको चेक से पैसे भेज दिए जाएंगे।

50 लाख इन्वेस्ट कर हर महीने 50 हजार कमाना चाहता हूं, कैसे करूं?मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं

मैं म्यूचुअल फंड में 50 लाख रुपये इन्वेस्ट करना चाहता हूं जिससे मैं हर महीने 50 हजार रुपये तक इनकम हासिल कर सकूं। मेरा मार्गदर्शन करें। जानें एक्सपर्ट की राय.

investment

याद रखें कि अगर आपकी निकास राशि, फंड के रिटर्न से ज्यादा है तो आपकी पूंजी घटने लगेगी। अगर आप कम जोखिम वाले प्रॉडक्ट्स जैसे लिक्विड या कम अवधि वाले डेट फंड की ओर जाते हैं तो आप करीब 7 से 7.5 फीसदी रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं। यह आपको अपनी पूंजी को खत्म किए बिना लगभग 30,000 रुपये का SWP शुरू करने की अनुमति देगा। केवल पूंजी लाभ टैक्स योग्य होगा पूरा SWP नहीं। कुल मिलाकर निकासी की राशि और SWP के लिए स्कीम का चुनाव दूसरे सोर्स के इनकम, लायबिलिटीज, टैक्स स्लैब और जोखिम पर भी निर्भर करती है।

मैं मासिक एसआईपी के माध्यम से फ्रैंकलिन इंडिया टैक्सशिल्ड में 3000 रुपये, मिरे असेट टैक्स सेवर में 2,000 रुपये, ऐक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी और एसबीआई इक्विटी हायब्रिड में 1-1 हजार रुपये और एचडीएफसी मिड कैप अपॉरच्युनिटीज, इन फंड में पिछले 2 साल से इन्वेस्ट कर रहा हूं। मेरा इन्वेस्टमेंट साइकल 15 से 20 साल का है। क्या मैं इसमें कोई बदलाव कर सकता हूं?

फाइनैंस डॉट कॉम के फाउंडर और सीईओ दिनेश रोहिरा बताते हैं, 'एसआईपी के माध्यम से निवेश करना समय के साथ पैसा बनाने का सबसे बढ़िया तरीका है। आपके द्वारा चुने गए फंड उनसे संबंधित श्रेणियों में अच्छे प्रदर्शन वाले रहे हैं। इस पोर्टफोलियो पर लंबी अवधि में 12-14% की कपाउंड वार्षिक वृद्धि देखने को मिल सकतr है। याद रखें कि टैक्स सेविंग फंड में इन्वेस्ट करना 3 साल के लिए प्रत्येक एसआईपी निवेश में लॉक इन हो जाएगा। 3 साल का लॉक इन पूरा होने के बाद आप इन टैक्स सेविंग फंड्स में से सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान्स शुरू कर सकते हैं।

आपके निवेश के कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए, आप एसबीआई इक्विटी हाइब्रिड फंड में अपने निवेश पर पुनर्विचार कर सकते हैं और एसबीआई मैग्नम मल्टी-कैप में इन्वेस्टमेंट के लिए जा सकते हैं। सालाना इन फंडों का मूल्यांकन करते रहें और अगर जरूरत हो तो इसमें नीतिगत बदलाव करें।'

SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश: ब्रोकर की जरूरत नहीं, ऑनलाइन ऐसे जमा करें मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं पैसे

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको अपना केवाईसी पूरा करना होगा. आप केआरए (केवाईसी पंजीकरण एजेंसी) में ऑनलाइन केवाईसी पंजीकरण फॉर्म मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं भरकर और सेल्फ एटेस्टेड पहचान और पते का प्रमाण जमा करके ऐसा कर सकते हैं.

SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश: ब्रोकर की जरूरत नहीं, ऑनलाइन ऐसे जमा करें पैसे

म्यूचुअल फंड में निवेश के कई तरीके हैं. ऑनलाइन मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं के साथ-साथ ऑफलाइन भी निवेश कर सकते हैं. कम-कम पैसे जमा करके बाद में मोटी रकम जुटाई जा सकती है. यहां मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं कम-कम पैसे जुटाने का अर्थ है एसआईपी के जरिये किया जाने वाला निवेश. एसआईपी का मतलब है सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP). आप चाहें तो एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड में ऑनलाइन पैसे जमा कर सकते हैं. एसआईपी म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक तरीका है जहां आप अपनी पसंद की म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) योजना में नियमित रूप से एक निश्चित राशि का निवेश करते हैं. आप अपनी पसंद की म्यूचुअल फंड स्कीम में एसआईपी के जरिए हर महीने कम से कम 500 रुपये का निवेश (SIP online investment) कर सकते हैं.

आप म्यूचुअल फंड के डायरेक्ट प्लान में ऑफलाइन या ऑनलाइन सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनी या एएमसी के जरिए निवेश कर सकते हैं. इसके लिए आपको फंड हाउस की ब्रांच में जाना होगा और म्यूचुअल फंड का फॉर्म भरना होगा. अपना केवाईसी पूरा करने के लिए पासपोर्ट साइज फोटो के साथ खुद से अटेस्ट किया गया पहचान और पते का प्रमाण जमा कर सकते हैं.

कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश

म्यूचुअल फंड के किसी भी डायरेक्ट प्लान में आप ऑनवाइन या एएमसी की वेबसाइट पर जाकर निवेश कर सकते हैं. इसके लिए आपको म्यूचुअल फंड एप्लिकेशन फॉर्म को जरूरी डिटेल जैसे कि नाम, बैंक की डिटेल के साथ भर सकते हैं. इसी के साथ ईकेवाईसी के लिए पैन और आधार की जानकारी देनी होगी. आप अपने ऑनलाइन बैंक अकाउंट के माध्यम से भी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि एसआईपी के जरिये ऑनलाइन पैसे कैसे जमा कर सकते हैं.

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको अपना केवाईसी पूरा करना होगा. आप केआरए (केवाईसी पंजीकरण एजेंसी) में ऑनलाइन केवाईसी पंजीकरण फॉर्म भरकर और सेल्फ एटेस्टेड पहचान और पते का प्रमाण जमा करके ऐसा कर सकते हैं.

Mutual Funds: म्‍यूचुअल फंड से तुरंत निकाल सकते हैं अपने पैसे, ये है आसान तरीका

आप म्यूचुअल फंड का यूनिट भुनाना चाहते हैं तो यह काम काम किसी भी बिजनेस डे को आप इसकी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: November 23, 2021 15:46 IST

Mutual Funds: म्‍यूचुअल फंड से. - India TV Hindi

Mutual Funds: म्‍यूचुअल फंड से झटपट निकाल सकते हैं अपने पैसे, ये है आसान तरीका

Highlights

  • लिक्विड या डेट फंडों से एक से दो दिनों में पैसे मिल जाएंगे
  • इक्विटी फंडों का पैसा 4-5 दिनों में निवेशकों के पास आ जाता है
  • 365 दिनों के भीतर उसे भुनाने पर आपको 1% एक्जिट लोड देना

नई दिल्‍ली। म्‍यूचुअल फंड न सिर्फ बैंकों की तुलना में बेहतर रिटर्न देते हैं बल्कि ये निवेशकों के चहेते इसलिए भी हैं क्‍योंकि इससे पैसे निकालना आसान है। पिछले दो लेखों में आपने पढ़ा कि म्‍यूचुअल फंडों में निवेश कैसे किया जाए और बेहतरीन फंडों का चयन कैसे किया जाए। आज हम आपको बताएंगे कि म्‍यूचुअल फंड के यूनिटों को भुनाकर आप अपने पैसे कैसे निकाल सकते हैं। तरीका आसान है, मुश्किल नहीं।

म्‍यूचुअल फंड यूनिट भुनाने की यह है प्रक्रिया

अगर आप म्‍यूचुअल फंड का यूनिट भुनाना चाहते हैं तो यह काम काम किसी भी बिजनेस डे को आप इसकी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। अगर आप खुद जाकर यह काम करना चाहते हैं तो आपको म्‍यूचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट से पहले ट्रांजैक्‍शन स्लिप डाउनलोड कर लीजिए और उसे अच्‍छी तरह भर लीजिए। इय मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं रिडेंप्‍शन अप्लिकेशन को आप म्‍यूचुअल फंड कंपनी के आधिकारिक कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। आप चाहें तो म्‍यूचुअल फंड कंपनियों की ऑनलाइन सुविधा का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। कई म्‍यूचुअल फंड कंपनियां अपनी वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन रिडेंप्‍शन (म्‍यूचुअल फंड यूनिट भुनाने) की सुविधा उपलब्‍ध कराती हैं। अगर आपने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए निवेश किया है तो आप ऑनलाइन फैसिलिटी का इस्‍तेमाल करते हुए अपने यूनिट भी भुना सकते हैं।

इतने समय में मिल जाएंगे म्‍यूचुअल फंड के पैसे

अगर आपने लिक्विड या डेट ओरिएंटेड म्‍यूचुअल फंडों में निवेश किया हुआ है तो आपको एक से दो दिनों में पैसे मिल जाएंगे। इक्विटी फंडों का पैसा 4-5 दिनों में निवेशकों के पास आ जाता है। हां, ध्‍यान रखने लायक बात यह है कि अगर आपने इक्विटी फंडों में निवेश किया हुआ है और यूनिट खरीदने के 365 दिनों के भीतर उसे भुना रहे हैं तो आपको एक फीसदी का एक्जिट लोड देना पर सकता है। लिक्विड फंड, अल्‍ट्रा शॉर्ट टर्म फंड्स आदि पर कोई एक्जिट लोड नहीं लगता है।

आपके पास ऐसे आते हैं म्‍युचुअल फंड के पैसे

म्‍यूचुअल फंड का यूनिट भुनाने से प्राप्‍त होने वाले पैसे सीधे आपके बैंक खाते में हैं अगर आपने निवेश के समय बैंक की सारी डिटेल दी हुई है। अगर म्‍यूचुअल फंड कंपनी के पास आपकी बैंक की पूरी डिटेल नहीं है तो फिर आपको चेक से पैसे भेज दिए जाएंगे।

Bank New Rules: क्रेडिट-डेबिट कार्ड में पेमेंट से लेकर ब्याज दरों में हाल ही में हुए 5 बड़े बदलाव, आप भी जान लें

वित्तीय लेन देन में क्रेडिट कार्ड से लेकर डीमैट अकाउंट, म्यूचुअल फंड और रोज जरूरत की चीजों में सरकार बड़े बदलाव कर रही हैं.

Bank New Rules: क्रेडिट-डेबिट कार्ड में पेमेंट से लेकर ब्याज दरों में हाल ही में हुए 5 बड़े बदलाव, आप भी जान लें

वित्तीय लेन देन में क्रेडिट कार्ड से लेकर डीमैट अकाउंट, म्यूचुअल फंड और रोज जरूरत की चीजों में सरकार बड़े बदलाव कर रही हैं. नए नियम 1 अक्टूबर 2022 से लागू हुए. इसके अन्तर्गत क्रेडिट कार्ड /डेबिट कार्ड, अटल पेंशन योजना, डीमैट अकाउंट, सेविंग स्कीम, म्यूचुअल फंड में बदलाव कियागया. इसके लिए सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है. आइए जानते है 1अक्टूबर से सरकार द्वारा लागू किए मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं जा रहे नए नियमों को.

1. क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट में बदलाव: आज से क्रेडिट / डेबिट कार्ड से पेमेंट में बदलाव होने जा रहा है. साइबर मामलों पर रोक लगाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कार्ड टोकेनाइजेशन सिस्टम लागू करने जा रही है. सभी पेमेंट कंपनियां अब ग्राहकों को कार्ड की जगह टोकन देना शुरु कर देंगी और कार्ड की जगह टोकन से काम होगा. कार्ड से पेमेंट करने पर मर्जेंट वेबसाइट पर सीवीवी नंबर और कार्ड नंबर के जगह टोकन नंबर डालना पड़ेगा.

2. सेविगं स्कीम में निवेश करने वालों को ब्याज से लाभ: केन्द्र सरकार ने सेविगं स्कीम के तहत नई ब्याज दरें जारी की है. रिजर्व बैंक के अनुसार नई ब्याज दरों में पोस्ट ऑफिस में तीन साल के लिए जमा राशि पर 5.8 फीसदी का ब्याज मिलेगा. इसके साथ ही दो साल के लिए जमा राशि पर ब्याज दर को 5.5 फीसदी से बढ़ाकर 5.7 किया गया है. नए नियम के मुताबिक अब वरिष्ठ नागरिकों को भी फिक्स जमा राशि पर 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा.

3.अटल पेंशन योजना के लिए नए नियम: इस योजना में नए नियम के अनुसार पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट ऑफ अथॉरिटी (PFRDA) ने कहा है कि, अब टैक्स देने वाले लोग इस योजना के अन्तर्गत नही जुड़ पाएंगे. इसके पहले अटल पेंशन योजना का लाभ सभी वर्ग के लोगों को मिलता था.

4. डीमैट अकाउंट में बायोमीट्रिक की शुरुवात: डीमैट अकाउंट को लेकर आरबीआई मैं म्यूच्यूअल फंड योजना का चयन कैसे करूं ने नोटिस जारी कर दिया है कि डीमैट अकाउंट के लिए बायोमीट्रिक के नियम लागू होंगे. इस अकाउंट में अब टू – फैक्टर ऑथेंटिकेशन को पूरा करना होगा. इसे पूरा करने पर डी मैट अकाउंट में लॉगिन होगा. बायोमीट्रिक के अलावा इस अकाउंट में पासवर्ड या पिन नंबर से खाता लॉगिन होगा.

5. म्यूचुअल फंड में लागू होगा नॉमिनेशन: म्यचुअल फंड में निवेश करने वाले व्यक्तियों को अपनी डिटेल के साथ ही नामिनी की भी जानकारी देना पड़ेगा. म्यूचुअल फंड कंपनियों को सेबी ने पहले से ही गाइडलाइन जारी कर दिया था कि 1 अक्टूबर 2022 से म्यूचुअल फंड निवेशकों को नॉमिनेशन के लिए डिटेल देना पड़ेगा. नॉमिनेशन के लिए फिजिकल और डिजिटल दोनों तरह से डिटेल देना होगा. फिजिकल में फॉर्म भरकर साइन करना होगा और डिजिटल में ई -साइन करना पड़ेगा.

जानिए नए नियम के फायदे:

नए नियम से क्रेडिट/डेबिट कार्ड में टोकन सिस्टम शुरू कर देने से पेमेंट करने में ग्राहकों को सुविधा होगी और साइबर हमलों से भी सुरक्षा होगी.अकाउंट में ऑथेंटिकेशन बायोमीट्रिक करने से अकाउंट पहले से ज्यादा सुरक्षित होगें. अटल पेंशन योजना में बदलाव होने से आयकर दाता को इसका लाभ नही मिलेगा लेकिन आम आदमी को इसका फायदा होगा.

इसके साथ ही म्यूचुअल फंड में नॉमिनेशन लागू करने से मृत्यु के बाद म्यूचुअल फंड होल्डिंग नॉमिनी के अकाउंट भेज दी जाएगी. सेविगं स्कीम में ब्याज दरों के बढ़ने से नागरिकों को फायदें होगें. इसके साथ ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कमी होने का भी लाभ आम नागरिकों को मिलेगा.

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