सिंगल यूज प्लास्टिक के लिए छापामारी का फाइल फोटो

क्रिप्टो मार्केट कितने बिटकॉइन हैं में तबाही, मेटावर्स का फ्लॉप शो साल 2022 ने बदल दिया टेक वर्ल्ड

2022 अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ चुका है. साल का आखिरी महीना चल रहा है. जल्द ही ये साल हमें अलविदा कह चुका होगा. हर साल की तरह इस साल भी हमें बहुत कुछ देखने को मिला है. बता करें टेक्नोलॉजी की दुनिया की तो संभवतः ये साल कई दिग्गजों के लिए बुरा साबित हुआ है. साल 2022 में हमें बहुत से डाउन फॉल देखने को मिले हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की दुनिया में हलचल रही, ट्विटर को एलॉन मस्क ने खरीद लिया, क्रिप्टोकरेंसी का बुलबुला हवा कितने बिटकॉइन हैं हो गया. ऐसी तमाम घटना इस साल हमें देखने को मिली हैं. फेसबुक को पहली बार इस साल घाटा हुआ और कंपनी ने 18 सालों में पहली दफा छंटनी की. आइए एक नजर डालते हैं ऐसी ही कुछ घटनाओं पर.

फेसबुक को घाटा और छंटनी

साल 2022 सोशल मीडिया दिक्कत प्लेटफॉर्म Meta के लिए बहुत अच्छा नहीं रहा. कंपनी को इस साल पहली बार घाटा हुआ. इसके लिए कंपनी ने ऐपल को जिम्मेदार बताया. हालांकि, इसका अंदाजा मेटा ने पहले ही लगा लिया था. साल 2004 में शुरू हुई इस कंपनी को पहली बार अपने प्लेटफॉर्म से लोगों की छंटनी करनी पड़ी.

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फेसबुक ने बतौर कंपनी अपना नाम बदलकर मेटा कर लिया है. मार्क जकरबर्ग अभी भी इस कंपनी के प्रमुख हैं. इस साल कंपनी ने 11 हजार लोगों को नौकरी से निकालने का फैसला किया, जो दिखाता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ये साल कैसा रहा है. कंपनी को अपने कुछ प्रोजेक्ट बंद भी करने पड़े हैं.

क्रिप्टोकरेंसी का माया जाल टूटा

कोरोना वायरस महामारी में ट्रेडिंग का एक नया मार्केट सामने आया, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी पर लोगों ने दांव लगाया. ऐसा नहीं ये मार्केट कितने बिटकॉइन हैं पहले से मौजूद नहीं था, बल्कि लॉकडाउन के दौरान पर इस पर चर्चा और लोगों को ध्यान काफी ज्यादा गया.

इस मार्केट में लोगों ने बहुत ज्यादा पैसे भी लगाएं और कुछ को काफी प्रॉफिट भी हुआ. शॉर्ट टर्म में अमीर बनने का सपना देखने वाले बहुत से लोग इस मार्केट में भाग कर आएं और ट्रेडिंग शुरू की.

मगर कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता, ये साल 2022 ने हमें बताया. साल 2022 की शुरुआत में बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी की कीमत काफी ऊपर पहुंच चुकी थी, लेकिन गर्मी के जाते-जाते इस मार्केट की रौनक भी चली गई.

मेटावर्स का भविष्य अधर में

Web 3.0 की चर्चा के साथ ही कितने बिटकॉइन हैं मेटावर्स को फ्यूचर बताया जा रहा था. हर तरफ NFT, मेटावर्स, ब्लॉकचेन और क्रिप्टोकरेंसी की चर्चा हो रही थी. फेसबुक भी मेटावर्स पर बड़ा दांव खेल रहा था. लॉकडाउन के दौरान वर्चुअल रियलिटी एक बड़ा मार्केट तैयार हो रहा था. लोग मेटावर्स में प्लॉट्स खरीद रहे थे और नई टेक्नोलॉजी को ट्राई कर रहे थे.

माना जा रहा था कि अब टेक वर्ल्ड का फ्यूचर मेटावर्स ही होगा, लेकिन मेटावर्क वहां तक नहीं पहुंचा, जिसकी उम्मीद की जा रही थी. लोगों ने मेटावर्स में घर, जमीन, दुकान जाने क्या क्या खरीदा. लॉकडाउन खत्म होती ही मेटावर्स अपनी चमक खोने लगा. ऐसा नहीं है कि इसकी संभावनाएं खत्म हो गई है, लेकिन अब पहले जैसी चर्चा नहीं रही है.

ट्विटर का बिकना

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Twitter को इस साल एलॉन मस्क ने खरीद लिया है. इस डील की शुरुआत साल 2022 के अप्रैल में हुई, जब मस्क ने ट्विटर में 9.2 परसेंट हिस्सेदारी खरीदी. लंबे ड्रामा के बाद मस्क ने इस प्लेटफॉर्म को अक्टूबर के अंत में खरीद लिया.

इस प्लेटफॉर्म के बिकते ही कई ऐसे बदलाव हुए, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. बैन अकाउंट्स को रिस्टोर किया गया. डील होते ही CEO, CFO और पॉलिसी हेड को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

टेक कंपनी से लोगों की नौकरी गई

आईटी सेक्टर कभी पैसों की बारिश के लिए जाना जाता था, लेकिन साल 2022 में एक सेक्टर में जाने कितने ही लोगों की नौकरी चली गई. लॉकडाउन के वक्त में कई कंपनियां तेजी से पॉपुलर हुईं और लोग उस ओर भागे, लेकिन लॉकडाउन के खुलते ही मार्केट में बड़ा उलटफेर हुआ. ऐमेजॉन, मेटा (पहले फेसबुक) और ना जाने कितनी ही टेक कंपनियों के हजारों कर्मचारियों की नौकरी इस साल चली गई.

जमशेदपुर : लगातार छापामारी के बाद भी शहर में बिक रहा सिंगल यूज प्लास्टिक

प्रतिबंधित प्लास्टिक पर जेएनएसी नहीं लगा पा रही रोक

सांकेतिक फोटो

Jamshedpur (Mujtaba Haider Rizvi) : जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) द्वारा कार्रवाई के बाद भी शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं रुक पा रहा है. प्रतिबंधित प्लास्टिक के सामान जमशेदपुर में धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं. बिष्टुपुर, कदमा, सोनारी, बर्मामाइंस, बारीडीह, कितने बिटकॉइन हैं टेल्को आदि बाजारों की क्या बात करें जेएनएसी के नाक के नीचे साकची बाजार में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित प्लास्टिक के सामान बिक रहे हैं. जेएनएसी हफ्ते में एक दो दिन कार्रवाई कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही है. जेएनएसी की टीम जब छापामारी के लिए निकलती है तो उसे इक्का-दुक्का दुकानदार के सिवा कुछ नहीं मिलता. इन दुकान पर फाइन कर छापामारी बंद कर दी जाती है. इसी के चलते जमशेदपुर में सिंगल यूज प्लास्टिक का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है.

छापामारी से पहले ही दुकानदारों को हो जाती है सूचना

सिंगल यूज प्लास्टिक के लिए छापामारी का फाइल फोटो

सूत्र बताते हैं कि छापामारी से पहले ही दुकानदारों को छापामारी की सूचना हो जाती है. जेएनएसी की छापामारी टीम में कितने बिटकॉइन हैं कुछ ऐसे कर्मी हैं, जिनके दुकानदारों के साथ अच्छे संबंध हैं. सूत्रों की मानें तो यही जेएनएसी के कर्मचारी दुकानदारों को पहले से आगाह कर देते हैं कि कितने बजे से कितने बजे तक छापामारी चलनी है. इस दौरान दुकानदार अपनी दुकानों से सिंगल यूज प्लास्टिक का सामान छिपा देते हैं और कार्रवाई से बच जाते हैं. जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार को इस खेल की जानकारी नहीं है. वह लगातार टीम को छापामारी करने के लिए निर्देश देते रहते हैं और टीम में शामिल सदस्य अपने खेल के जरिए नगर विकास विभाग के उद्देश्य को नष्ट कर रहे हैं.

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