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Demat Account अभी के समय में होना है जरूरी, जानिए क्‍या हैं इसके फायदे और यह क्‍यों है महत्‍वपूर्ण

शेयर मार्केट में निवेश: डीमैट अकाउंट खोलते समय ट्रांजेक्शन और मेंटेनेंस चार्ज सहित इन 5 बातों का रखें ध्यान, इससे आपको मिलेगा ज्यादा फायदा

अगर आप शेयर मार्केट में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो इसके लिए आपको डीमैट अकाउंट खोलना होगा। इसके बिना आप शेयर मार्केट में ट्रेडिंग नहीं कर सकते हैं। कहीं भी डीमैट अकाउंट खोलने से पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जिस ब्रोकेज हाउस में आप डीमैट अकाउंट खोल रहे हैं वो आपको कौन-कौन सी सुविधाएं देता और आपसे इसके बदले में कितना चार्ज लेगा। हम आपको ऐसी 5 बातों के बारे में बता रहें हैं जिनका ध्यान आपको डीमैट अकाउंट खोलते समय रखना चाहिए।

ब्रोकरेज और ट्रांजेक्शन फीस
भारत में ब्रोकरों के बीच डीमैट अकाउंट खोलने और डीमैट खाते के प्रकार ब्रोकरेज चार्ज अलग-अलग हैं। जबकि उनमें से ज्यादातर आजकल मुफ्त डीमैट खाते खोल रहे हैं। वे इक्विटी खरीदने और बेचने पर आपसे लेनदेन (ट्रांजेक्शन) फीस ले सकते हैं। डीमैट अकाउंट की फीस के अलावा सालाना मेंटेनेंस चार्ज और ट्रांजेक्शन फीस की भी जांच करें, कि आपके डीमैट अकाउंट का सालाना खर्च कितना है। ट्रांजेक्शन फीस को लेकर ब्रोकरों के बीच बड़ा अंतर हो सकता है।

Demat Account Meaning in Hindi

What is Demat Account Meaning in Hindi डीमैट खाता क्या है, कैसे काम करता है, डीमैट अकाउंट की आवश्यकता क्यों पड़ती है और इसके क्या क्या फायदे हैं विस्तार से हिंदी में जानिये. डीमैट खाते की जानकारी और इसे कैसे खुलवा सकते हैं। इसके क्या फायदे हैं और इसे कैसे मेंटेन करते हैं। शेयर बाजार के बारे में अधिक जानकारी और अन्य पहलुओं को जानने के लिये हिंदी में शेयर मार्केट विस्तार से पढ़ें। What is Demat Account and what are benefits of it in Hindi.

Demat Account Meaning in Hindi

Demat Account Meaning in Hindi

Demat Account Meaning in Hindi – No Physical Shares in Demat

ऐसा डिजिटल खाता जिसमें कंपनियों के शेयर कोई शेयरधारक डिजिटल अवस्था में रखता है उसे Demat Account कहते हैं। इसको आसानी से ऐसे समझिये. जैसे हम आपने पैसे अपने बैंक के खाते में रखते हैं वैसे ही हम अपने शेयर डीमैट खाते में रखते हैं। जैसे हम यदि बैंक के खाते से नकदी निकलवा लें तो वह नकदी या करंसी पैसे का भौतिक रूप है। मगर जब हम अपने डेबिट कार्ड से किसी दूकानदार को पेमेंट करते हैं तो यह पैसों का इलेक्ट्रॉनिक ट्रान्सफर हुआ. इसी प्रकार यदि हमारे पास शेयर हैं तो हम या तो उन्हें किसी को गिफ्ट देंगे या बाजार में बेच देंगे, दोनों ही परिस्थितियों में शेयरों का एक डीमैट खाते से दूसरे डीमैट खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रान्सफर किया जाएगा. शेयरों को भौतिक रूप में रखने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती.

शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक्स रूप से खाते में रखने की सुविधा को डीमैट कहते हैं. भारत में शेयर और प्रतिभूतियां को इलेक्ट्रॉनिक रूप से Dematerialized डिमैटीरिलाईज्ड यानी Demat Account में रखा जाता है. शेयर धारक शेयरों को भौतिक रूप में यानी कागज़ पर छपे हुए शेयर सर्टिफिकेट नहीं रखते. इसके लिए ब्रोकर के पास जा कर Demat Account खुलवाया जाता है. सभी शेयरों के लेनदेन में डीमैट खाते का नंबर लिखा जाता है जिससे कि शेयरों की खरीद बिक्री का इलेक्ट्रॉनिक सेटलमेंट हो सके. किसी भी तरह के शेयरों के लेनदेन के लिए शेयर होल्डर के पास डीमैट खाता होना आवश्यक है.

शेयर सीधे खाते में आते हैं Keep your Shares in Demat Account

Demat Account तक पहुँचने के लिए इन्टरनेट पर पासवर्ड की जरूरत होती है. शेयरों की खरीद और बिक्री सौदा कन्फर्म होने पर स्वत ही हो जाती है.

जब भी कोई कंपनी बोनस अथवा राईट शेयर जारी करती है तो ये शेयर भी सीधे शेयर होल्डर के Demat Account में आ जाते हैं. आईपीओ IPO में शेयरों के आवेदन करने के लिए भी डीमैट खाते की डीमैट खाते के प्रकार आवश्यकता है. यदि आईपीओ में आपको शेयर मिले हैं तो वे सीधे आपके डीमैट खाते में ही आ जाते हैं.

Demat खाते के फायदे

डीमैट शेयर गुम नहीं होते, खराब नहीं हो सकते, चोरी नहीं हो सकते. इनसे सिग्नेचर ना मिलने जैसी समस्या भी नहीं होती. Demat Account की वजह से शेयरों की खरीद बिक्री में धोखा होने की संभावना भी समाप्त हो जाती है. यह बहुत ही सुविधाजनक भी है.

आप अपना Demat Account किसी दूसरे को ट्रान्सफर नहीं कर सकते मगर इसमें पड़े शेयर दूसरे को ट्रान्सफर कर सकते हैं. डीमैट खाता किसी दूसरे के साथ जॉइंट तरीके से खुलवाया जा सकता है. आप एक से अधिक डीमैट खाते भी खोल सकते हैं. अधिकतर निजी बैंक आपको डीमैट खाता खुलवाने की सुविधा देते हैं. इसके अलावा कई निजी ब्रोकर कंपनियों के पास डीमैट खाता खुलवाया जा सकता है. इसके लिए आपको अपना पैन कार्ड की कॉपी, पते का प्रूफ देना होता है और KYC भरना पड़ता है.

डीमैट अकाउंट खोलना चाहते हैं तो ये बातें जान लें

डीमैट अकाउंट खोलना चाहते हैं तो ये बातें जान लें

अगर आप भी सीधे शेयरों में निवेश डीमैट खाते के प्रकार करना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खोलकर ऐसा कर सकते हैं.

जानिए कैसे खुलेगा यह अकाउंट:

ब्रोकरेज कंपनियां खोलती हैं यह अकाउंट

ऑनलाइन निवेश करने के लिए ब्रोकिंग खाते की जरूरत होती है. इसे एचडीएफसी सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई डायरेक्ट, एक्सिस डायरेक्ट, फेयर्स और जेरोधा जैसे किसी भी ब्रोकरेज के पास जाकर खोला जा सकता है.

ट्रेडिंग के लिए डीमैट काफी नहीं

शेयरों में सीधे निवेश करने के लिए आपके पास तीन खाते होने चाहिए. इनमें बैंक खाता, ट्रेडिंग खाता और डीमैट खाता शामिल हैं. ट्रेडिंग खाते के बगैर डीमैट खाता अधूरा है. डीमैट खाते में आप सिर्फ डिजिटल रूप में शेयरों को रख सकते हैं.

Bonus Shares: अगर आपके डीमैट खाते में भी जमा है बोनस शेयर, तो जानें क्या है इनकम टैक्स का नियम

Bonus Shares: बोनस शेयर को लेकर जानिए क्या है इनकम टैक्स का नियत

Bonus Shares: अगर आपके डीमैट खाते में भी बोनस शेयर पड़े हुए है और आप उसको सेल करना चाहते है तो ये जानकारी आपके काम आ सकती है. बता दें कि कंपनियां कई बार शेयरधारकों को नकद बोनस के बजाए इक्विटी के रूप में भुगतान करती हैं. आयकर विभाग नकद बोनस पर टैक्स वसूलता है, लेकिन शेयर के रूप में मिला बोनस पर कर नहीं लगता है. टैक्स छूट के अलावा बोनस शेयर किस तरह कंपनी व निवेशक का मुनाफा कराते हैं, इसी से जुड़ी जानकारी पर आज हम यहां विस्तार से बात करने जा रहे है.

विशेषज्ञों की राय

बता दें कि दलाल स्ट्रीट पर नतीजों का मौसम खत्म होने वाला है और कंपनियां अंतरिम लाभांश, बोनस शेयर और शेयरों की बायबैक की बौछार कर रही हैं. चूंकि, ये सभी प्रकार के लाभ शेयरधारकों की आय हैं, इसलिए लाभार्थियों को सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा पारित इन लाभों पर लागू आयकर नियमों को जानने की सलाह दी जाती है. आयकर विशेषज्ञों के अनुसार, लाभांश एक अतिरिक्त आय है, जिसे कंपनी द्वारा लॉयल्टी बेनिफिट के रूप में दिया जा रहा है. आयकर नियम बताते हैं कि एक शेयरधारक द्वारा प्राप्त लाभांश को संबंधित वित्तीय वर्ष की उसकी शुद्ध वार्षिक आय में जोड़ा जाता है और आयकर उस आयकर स्लैब के आधार पर लागू होता है जिसमें करदाता आता है. शेयरों के बायबैक के मामले में, लाभार्थी शेयरधारकों पर कोई कर नहीं लगाया जाता है, क्योंकि कंपनी शेयरों के बायबैक की पेशकश कर रही है.

बोनस शेयर इश्यू के मामले में, किसी को उसकी होल्डिंग अवधि के आधार पर आयकर देना होगा. यदि बोनस शेयर 31 जनवरी 2018 से पहले जारी किए गए हैं, तो बोनस शेयर की लागत 31 जनवरी 2018 को स्टॉक की करीबी कीमत होगी. लेकिन, यदि बोनस शेयर 31 जनवरी 2018 के बाद जारी किया गया है, तो बोनस की लागत शेयर शून्य होंगे. बोनस शेयरों की बिक्री पर आयकर की गणना फीफो (First In First Out) के आधार पर की जाती है. बोनस शेयरों की बिक्री पर लागू आयकर नियमों पर बोलते हुए, मुंबई स्थित कर और निवेश विशेषज्ञ बलवंत जैन ने कहा कि यदि बोनस शेयर 31 जनवरी 2018 से पहले जारी किए गए हैं, तो उस स्थिति में बोनस शेयर की लागत करीब 31 जनवरी 2018 को स्टॉक कीमत होगी. यदि 31 जनवरी 2018 के बाद बोनस शेयर जारी किए गए हैं, तो बोनस शेयरों की लागत शून्य होगी. जैन ने कहा कि बोनस शेयर बिक्री पर आयकर की गणना फीफो के आधार पर की जाती है.

बोनस शेयरों की बिक्री पर कैसे लागू होगा आयकर

बोनस शेयरों की बिक्री पर आयकर कैसे लागू होगा, इस पर शुल्क केवल निवेश सलाहकारों के प्रमुख हर्ष रूंगटा ने कहा, यदि बोनस शेयर जारी होने के एक वर्ष के भीतर बोनस शेयर बेचे जाते हैं, तो फ्लैट 15 प्रतिशत आयकर लागू होगा. जबकि, बोनस शेयरों को एक वर्ष से अधिक समय तक रखने के बाद बेचा जा रहा है, तो शेयरधारक ने बोनस शेयरों से अर्जित 1 लाख से अधिक की आय पर 10 प्रतिशत कर का भुगतान करना होगा. शेयरधारकों को 31 जनवरी 2018 की तारीख याद रखने के लिए कहते हुए, हर्ष रूंगटा ने कहा कि यदि इस तिथि के बाद बोनस शेयर जारी किए जाते हैं, तो स्टॉक की लागत शून्य मानी जाएगी और बोनस शेयर बिक्री से आने वाला पूरा पैसा शेयरधारक की आय बन जाएगा. लेकिन, यदि इस तिथि से पहले बोनस शेयर जारी किए जाते हैं, तो स्टॉक की लागत 31 जनवरी 2018 को उस स्टॉक की करीबी कीमत होगी.

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सेक्‍टोरल रीफॉर्म्‍स को अपनाने का है अवसर

चालू वर्ष 2020 में महामारी एक कहर बनकर आई और आज दुनिया का कोई देश ऐसा नहीं है जो इससे प्रभावित नहीं हुआ हो। इस तरह के व्यवधान अर्थव्यवस्थाओं को इस बात के लिए मजबूर करते हैं कि वे अपनी स्थिति के बारे में नए सिरे से विचार करें और साथ ही निवेशकों को भी अपने निवेश और निवेश करने के तरीकों पर एक बार फिर विचार करने पर मजबूर होना पड़ता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि इस डीमैट खाते के प्रकार तरह के कठिन समय से निपटने के लिए हमें अपनी प्राथमिकताओं पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता होती है, लेकिन अक्सर यह लंबे समय तक सेक्टोरल रीफॉर्म्‍स को अपनाने का अवसर भी प्रदान करता है।

वर्तमान समय में एक डीमैट खाता किसी भी डीमैट खाते के प्रकार निवेशक को अपने घर के आराम से निवेश और लेनदेन का प्रबंधन करने में सक्षम बनाता है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों के डेटा और विनियमों और वैधानिक अनुपालन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की व्यवस्था भी होती है और इस तरह डीमैट खाता निवेश करने के लिए एक सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आता है। डीमैट खातों में प्रमाणीकरण संबंधी विशेषताएं भी होती हैं जो एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प के रूप में कार्य करती हैं और कागजी तौर पर शेयरहोल्डिंग से जुड़े चोरी, नुकसान या क्षति के रूप में सामने आने वाले जोखिम को खत्म करती हैं। सब कुछ डिजिटल प्रारूप में ऑनलाइन संचालित किया जाता है और इसीलिए डीमैट खाता बेहद सुविधाजनक और कम समय लेने वाला है।

अपने निवेश की कर सकते हैं निगरानी

एक डीमैट खाता निवेशकों की परेशानियों को दूर करता है और उन्हें एक ही खाते में कई प्रतिभूतियों को संरक्षित करने की अनुमति देता है। इससे एक छत के नीचे डीमैट खाते के प्रकार सभी वित्तीय उत्पादों पर नजर रखना आसान हो जाता है। चूंकि डीमैट खाते इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित किए जा सकते हैं, इसलिए उनके साथ निवेशकों को अनेक विकल्प मिलते हैं। इसका तात्पर्य यह है कि आप कहीं से भी अपने निवेश की निगरानी कर सकते हैं। वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय के दौरान, भौतिक दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है और डीमैट खाते के साथ, आपको आवश्यक रूप से कंप्यूटर के सामने बैठना नहीं है और लैपटॉप, स्मार्टफोन, टैबलेट या अन्य ऐसे स्मार्ट उपकरणों का उपयोग करके आप अपने निवेश तक पहुंच सकते हैं।

ऑनलाइन लेनदेन करने के अलावा, निवेशक नामांकन के रिकॉर्ड को अपडेट कर सकता है और बैंक और अन्य व्यक्तिगत विवरणों को भी अपडेट किया जा सकता है। साथ ही, प्रत्येक लेनदेन के लिए ईमेल और एसएमएस अलर्ट निवेशकों को भेजे डीमैट खाते के प्रकार जाते हैं जो सुरक्षा और डीमैट खाते की निर्भरता को बढ़ाते हैं।

डीमैट का लाभ उठाने के लिए अपना ईमेल और मोबाइल नंबर रखें अपडेट

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि डीमैट खाते के लिए पंजीकृत ईमेल पते और मोबाइल नंबर का उपयोग विभिन्न सत्यापन उद्देश्यों, महत्वपूर्ण अपडेट और खाते को रीस्टोर करने के लिए किया जाता है। इसलिए डीमैट खाते की सभी सुविधाओं तक पहुंचने के लिए ईमेल पते और मोबाइल नंबर को अपडेट करना भी महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, डीमैट खाते निवेश को प्रबंधित करने के लिए सरल, तेज और सुविधाजनक तरीके से आपका साथ निभाते हैं। यह आपके सभी शेयरों, म्यूचुअल फंडों और अन्य संबंधित निवेशों को एक स्थान पर जोड़ता है।

डीमैट खातों ने त्वरित और सरलीकृत विधियों को अपनाया है और इस तरह समय लेने वाली प्रक्रियाओं को दूर डीमैट खाते के प्रकार किया है। संक्षेप में कहें तो डीमैट खाता ट्रेडिंग में आसानी के साथ-साथ निवेश के पेपरलेस मैनेजमेंट को संभव बनाता है और इसमें पूरी पारदर्शिता भी रहती है।

आसानी से अपने निवेश का कर सकते हैं प्रबंधन

जब हम ऑनलाइन सुविधाजनक, भरोसेमंद और सुरक्षित प्रौद्योगिकी के माध्यम से निवेश प्रबंधन के बारे में बात करते हैं, तो इस महामारी के दौरान निश्चित तौर पर एक डीमैट खाते को ही सर्वाधिक महत्व दिया जाता है। एक डीमैट खाता निवेश को प्रबंधित करने के लिए एक आसान और समय की बचत करने के साथ अनुकूल और सुरक्षित दृष्टिकोण प्रदान करता है। इस तरह हम वित्तीय नियोजन के लिए एक सरल, सहज और भरोसेमंद चैनल के रूप में डीमैट खाते को अपना सकते हैं।

(लेखक CDSL के MD और CEO हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)

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