Update: Sunday, November 20, 2022 @ 2:43 PM

Old Pension Scheme: OPS बनाम NPS: पुरानी पेंशन ने जीता हिमाचल, कांग्रेस ने रखी थी OPS की नींव

हिमाचल विधानसभा चुनाव में सरकारी कर्मचारियों का मुद्दा बना था पुरानी पेंशन बहाली

हिमाचल विधानसभा चुनाव की मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस ने सत्ता में आने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सरकारी कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा बड़े जोर शोर से उठाया गया था। सरकारी कर्मचारियों की एकजुटता के चलते कांग्रेस द्वारा पुरानी पेंशन बहाली का समर्थन भी किया गया था और सत्ता में आने के बाद पुरानी पेंशन लागू करने की बात कही गई थी।

देश भर में राज्य स्तर पर पुरानी पेंशन बहाली (Old Pension Scheme) को लेकर सरकारी कर्मचारियों के द्वारा लगातार आंदोलन चलाए जा रहे थे। राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार के बाद पंजाब केसीएम भगवंत मान ने भी पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर दी थी और इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश भी जुड़ गया है। जहां पुरानी पेंशन की बहाली होगी।

अब से हिमाचल प्रदेश का चुनाव संपन्न हो चुका है और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है ऐसे में सरकारी कर्मचारियों की बल्ले बल्ले हो गई क्योंकि अपने वायदे के अनुसार कांग्रेस को अब हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन की बहाली पहला काम होगा।

गौरतलब हैं कि प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में कांग्रेस ने अपना पूरा प्रचार अभियान पुरानी पेंशन बहाली के आधार पर ही खड़ा किया था जिसके चलते पूरे 5 साल के बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी होगी। हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव चुनाव संपन्न हुए थे। पिछले 4 दशकों से सत्ता बदलने का इतिहास हिमाचल प्रदेश का ही है।

देशभर में चलाए जा रहे पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को लेकर संगठन के तमाम पदाधिकारियों ने सरकार के ऊपर शिकंजा कस कर रखा था जिसका फायदा सरकारी कर्मचारियों को पहले पंजाब में,फिर छत्तीसगढ़ में, राजस्थान में और अब हिमाचल प्रदेश में हुआ है।

छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन लागू हुई

छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल ने सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली 9 मार्च 2022 को की थी। सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन में सीएम बघेल ने सामाजिक सुरक्षा आदि का हवाला देकर पुरानी पेंशन बहाली का आदेश राजपत्र में प्रकाशित कर दिया जिसके बाद NPS में हो रही 10 परसेंट की कटौती भी बंद हो गई।

पंजाब में पुरानी पेंशन हुई लागू

पंजाब विधानसभा में हुए चुनावों में आम आदमी पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी चुनावों से पूर्व पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया था इसके लिए पंजाब सरकार ने करीब एक महीने पहले कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का मन बना लिया था। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सीएम भगवंत मान ने अपने वादे के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली कर दी।

राजस्थान में पुरानी पेंशन का सरकारी कर्मचारियों को मिल रहा है फायदा

राजस्थान सरकार ने दिनांक 19-5-2022 को अधिसूचना जारी कर राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के सारे प्रावधान लागू कर सरकारी कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ दिया जिसमें कहा गया कि नौकरी ज्वाइन करने की तारीख से ही कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में पुरानी पेंशन पहले से ही है लागू

किन राज्यों में लागू है पुरानी परीक्षण

देश के आधा दर्जन राज्य में पुरानी पेंशन लागू हो चुकी है जिसमें सबसे पहले पश्चिम बंगाल में पुरानी पेंशन पहले से ही लागू हुआ है। इसके अलावा झारखंड , राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में पेंशन लागू है। अभी अभी दिसंबर 2022 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनाव संपन्न हुए हैं जिसमें कांग्रेस द्वारा पुरानी पेंशन के किए गए वादे के अनुसार सरकार बनने के बाद हिमाचल प्रदेश में पेंशन पुरानी पेंशन बहाल कर दी जाएगी।

पश्चिम बंगाल में पुरानी पेंशन स्कीम

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पुरानी पेंशन योजना कभी बंद नहीं हुई। केंद्र सरकार के राज्यों को एनपीएस लागू करने के स्वैच्छिक निर्णय के बाद भी पश्चिम बंगाल में है पुरानी पेंशन का फायदा सरकारी कर्मचारियों को मिलता रहा जबकि अन्य राज्यों में पुरानी पेंशन के स्थान पर राज्य सरकारों ने एनपीएस लागू कर दिया।
पुरानी पेंशन से मिलने वाले महत्वपूर्ण फायदे

* पुरानी पेंशन सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट के समय मिलने वाले वेतन की आधी मिलती है। मन रिटायरमेंट के समय किसी सरकारी कर्मचारी का वेतन ₹80000 है तो रिटायरमेंट के बाद उस कर्मचारी को ₹40000 प्रति माह की पेंशन मिलेगी।

* केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर बढ़ाए जाने वाले महंगाई भत्ते का लाभ भी पुरानी पेंशन पर लागू होता है जिसके चलते महंगाई भत्ता लागू होने के बाद पुरानी पेंशन में भी इजाफा होता है।

* केंद्र सरकार के द्वारा जब भी नया वेतन आयोग लागू किया जाता है तब भी पुरानी पेंशन में इजाफा होता है।

* रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पुरानी पेंशन के लाभार्थी की मृत्यु के बाद उसके परिवार के आश्रितों को भी पेंशन Indicators के फायदे मिलने का विकल्प है।

NPS से अधिक प्रभावी है OPS

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2004 के बाद नई पेंशन योजना (New Pension Scheme-NPS) के तहत कर्मचारियों को नियुक्त किया है। पुरानी पेंशन की एनपीएस के आगे तुलना की जाए तो एनपीएस पुरानी पेंशन से कम प्रभावी माना गया। सरकारी कर्मचारियों का कहना था कि एनपीएस से उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। सेवा से रिटायर होने के बाद जो पैसा मिलेगा, उस पर सरकार को टैक्स देना होगा।

पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलनरत अटेवा के अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा है कि आज पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली। हिमाचल में OPS वाली सरकार बनने जा रही है। यह NMOPS व आंदोलन की बहुत बड़ी जीत है कि इस चुनाव में पुरानी पेंशन निर्णायक साबित हुई। और #voteforOPS का अभियान सफल हुआ। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर एवं महासचिव भरत शर्मा जी को सहित पूरी टीम को साधुवाद और बधाई।

Heavy Turnout | Indicator | Anti-Incumbency |

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Radio Magnetic Indicator (RMI) Overview

RMI radio magnetic indicator image download

The radio magnetic indicator (RMI) was developed to save space in the instrument panel and to consolidate information into a single instrument in an easy-to-mount location.

The RMI is a single instrument that provides combined indications from a magnetic compass, VOR, and ADF. The Indicators के फायदे RMI's azimuth card is spun by a flux gate compass that is positioned far away from the instrument panel. As a result, the aircraft's magnetic heading is always displayed. Typically, the lubber line serves as a marker.

RMI the three in one instrument

A radio magnetic indicator (RMI) provides all indications of a magnetic compass, VOR, and ADF in a single unit. At the top of the instrument dial, there is a triangle. The solid pointer is driven by the VOR receiver to indicate the magnetic direction of a tuned VOR station. The double, or hollow pointer, indicates the magnetic bearing to the NDB when the ADF is tuned to an NDB.

Pilot workload decreased

Pilot workload is decreased because the flux gate compass continuously adjusts the azimuth card such that the aeroplane heading is at the top of the instrument. The pointers indicate the location of the VOR and ADF transmission stations in respect to the present position of the aircraft. For navigation involving two of one type of station and none of the other, push buttons allow conversion of either pointer to ADF or VOR.

कोलेस्ट्रोल बढ़ने पर शरीर देता है ये 8 संकेत

दोस्तों कोलेस्‍ट्रोल बढ़ जाने से आप क्‍या समझते हैं? आमतौर पर लोगों को लगता है कि कोलेस्ट्रोल केवल ह्दय को हानि पहुंचाता है. लेकिन यह सत्‍य नहीं है. असल में कोलेस्ट्रोल के दो प्रकार होते हैं – एक है एचडीएल यानी हैल्‍दी कोलेस्ट्रोल और दूसरा Indicators के फायदे है एलडीएल यानी बुरा कोलेस्ट्रोल. अच्छे और बुरे के बीच संतुलन होना बेहद ही आवश्‍यक होता है. (increased cholesterol 8 indicators)

दरअसल कोलेस्‍ट्रोल वह फैट है Indicators के फायदे जिसे लीवर बनाता है. यदि निर्माण की मात्रा उसके प्रयोग से अधिक होने लगे तो यह बचा हुआ फैट नसों के भीतर एकाएक जमने लगता है. जिसके फलस्वरुप रक्त नलियां संकरी होने लगती है. असर यह होता है कि, रक्‍तप्रवाह के लिए ह्रदय को बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है. यही कारण है कि कोलेस्‍ट्रोल का सीधा संबंध ह्रदय रोग से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए कोलेस्‍ट्रोल को नियंत्रित करना यानी ह्रदय को स्‍वस्‍थ रखना एक समान बात है.

घर के बड़े बुजुर्गों द्वारा अक्सर सुनने में आता है कि, इंसान का शरीर हर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या के होने की जानकारी लक्षणों के आधार पर कर दे देता है. लेकिन कोलेस्‍ट्रोल के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है. इस समस्या के स्‍पष्‍ट लक्षण नहीं होते हैं जिस कारण अक्‍सर इसके बढ़ जाने के बाद ही इसका पता चलता है. इन सभी बातों के बावजूद कुछ ऐसे लक्षण हैं जो आपको इशारा तो देते है। बस आपको इन लक्षणों को समझने की आवश्‍यकता होती हैं. आइये जानते हैं क्या है वह लक्षण…

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संकेत 1: छाती में दर्द

Table of Contents

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कई बार छाती में दर्द का होना और सांस का फूलना. क्योंकि कोलेस्ट्रोल नसों में फैट को जमाकर रक्तनलिकाओं को धीमा कर देती है. इन संकरी नसों से रक्‍त का बहाव करने के लिए ह्रदय को ज्‍यादा मेहनत करने की आवश्‍यकता पड़ती है. जिस कारण सीने में तेज दर्द भी होता है और सांसे फूलने लगती है.

संकेत 2: ब्‍लड प्रैशर

ब्‍लड प्रैशर का बढ़ना. यदि आपका ब्‍लड प्रैशर सामान्‍य रहता है और अचानक से आपको बेचैनी महसूस हो और बीपी बढ़ने लगे तो इस संकेत को गंभीरता से लें, यह एक लक्षण है जो आपके कोलेस्‍ट्रोल के बढ़ने की ओर इशारा कर रहा है.

संकेत 3: पैरों में सूजन

पैरों में सूजन, पानी का जमाव और दर्द का होना. यदि आपके पैर बिना किसी कारण के सूज रहें है और आपके पैरों में दर्द रहता है तो इसका कारण कोलेस्ट्रोल हो सकता है. कोलेस्‍ट्रोल और पैरों के दर्द, सूजन व ऐंठन के बीच गहरा संबंध है.

संकेत 4: अचानक वजन बढ़ना

वजन का अचानक से बढ़ना. कई लोगों का वजन एकाएक बढ़ने लगता है. मतलब कि वजन का बढ़ना या शरीर में भारीपन को महसूस करना एक कारण हो सकता है कि आपका कोलेस्ट्रोल का स्‍तर बढ़ रहा है.

संकेत 5: पसीना

अत्‍यधिक पसीना आना. यदि आपको पसीना कम आता हो और बिना कारण ही आपको पसीना बहुत अधिक आने लगे तो इसका अ‍र्थ है कि आपके शरीर के भीतर कोई न कोई समस्‍या पैदा हो रही हैं. इसका कारण बीपी या शुगर का बढ़ना से लेकर कोलेस्ट्रोल बढ़ना भी हो सकता है.

संकेत 6: थकान

थकान महसूस होना. थोड़ा सा काम करने पर थकान का अनुभव करना या फिर हमेशा निराशा के भाव के साथ शरीर में स्‍फूर्ति न रहना भी इसका कारण हो सकता है.

संकेत 7: पलकों के करीब पीलापन

आंखों की पलकों के पास पीले रंग की गांठें आपके शरीर में कोलेस्ट्रोल के स्‍तर के बढ़ने को दर्शाता है. यह गांठें वसा (फैट) के होते हैं जो कोलेस्‍ट्रोल के बढ़ने के कारण बनने लगते हैं.

संकेत 8 :

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हाथ-पैरों का सुन्‍न या एकदम ठंडा पड़ना.इसमें पैर एकदम ठंडे रहने लगते हैं और वे गर्म ही नहीं हो पाते है. इतना ही नहीं हाथ-पैरों का सुन्‍न पड़ना भी इसी समस्या की तरफ इंगित करता है.

जान लें कि, कोलेस्‍ट्रोल से बचाव के दो मुख्‍य तरीके हैं. एक स्वास्थ्यवर्धक आहार व जीवनशैली और दूसरा समय समय पर कोलेस्‍ट्रोल की जांच कराना. यदि आप हर साल हैल्‍थ चैकअप पर इनवेस्‍ट करते हैं तो आप कोलेस्‍ट्रोल की गंभीर समस्‍या के होने से पहले ही उसे नियंत्रित करने में सफल हो सकते हैं.

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Indicators के फायदे

You are currently viewing RSI Indicator in Hindi | RSI से पता करें शेयर का मूल्य बढेगा या घटेगा

RSI Indicator in Hindi, अगर आप शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग करते है अथवा करने का सोच रहे है तो आप RSI इंडिकेटर का नाम जरुर सुने होंगे| यह एक टेक्निकल एनालिसिस करने वाली इंडिकेटर है जिसका विस्तृत रूप Relative Strength Index है| इस इंडिकेटर का इस्तेमाल किसी भी शेयर की प्राइस की गतिविधि को जानने के लिए क्या जाता है|

यह बहुत ही लोकप्रिय इंडिकेटर है जिसके माध्यम से ट्रेडर यह अनुमान लगता है किसी भी शेयर का मूल्य बढ़ सकता है अथवा धत सकता है| ट्रेडिंग के क्षेत्र में यह एक बहुत ही प्रचलित इंडिकेटर है| और लगभग सभी इंट्राडे तथा शोर्ट टर्म ट्रेडर इस इंडिकेटर का इस्तेमाल अवश्य करते है|

RSI Indicator in Hindi

RSI Indicators के फायदे Indicator in Hindi

RSI यानि Relative Strength Index, जैस इसके नाम में ही Strength शब्द का प्रयोग किया गया है, यह इंडिकेटर किसी भी शेयर के ताकत यानि Indicators के फायदे Strength को बताने का कार्य करती है| RSI किसी भी शेयर के मूवमेंट के आधार पर उस शेयर का ताकत का मूल्यांकन करता है और हमे बताना है| और हम उसी के अनुरूप उस शेयर में ट्रेड कैसे प्रॉफिट कर सकते है|

RSI इंडिकेटर का इस्मेमाल मुख्य रूप में इंट्राडे तथा positional ट्रेडर की करते है, इन्वेस्टर को RSI इस्न्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं होती है| क्योंकि यह एक टेक्निकल एनालिसिस करने वाली इंडिकेटर है और इन्वेस्टर किसी भी शेयर में इन्वेश करने से पहले फंडामेंटल एनालिसिस का इस्तेमाल करते है|

अगर आप भी ट्रेडिंग के माध्यम से पैसा कमा चाहते है तो आपके लिए भी RSI इंडिकेटर एक बहुत अच्छा इंडिकेटर हो सकता है| और आप इस इंडिकेटर की सहायत से प्रोफिट्स वाली ट्रेड कर सकते है और अच्छा खासा प्रॉफिट कमा सकते है|

यह इंडिकेटर शेयर के प्राइस के मूवमेंट के आधार पर 0 से लेकर 100 तक के बीच में घूमता रहता है| इसीलिए इसे oscillator भी कहा जा सकता है| किसी भी शेयर में जब RSI 70 से ऊपर रहता है तो इसका मतलब यह है कि उस शेयर को बहुत ज्यादा खरीद लिया गया है, उसमे कभी भी छोटी से गिरावट आ सकता है|

वहीँ जब RSI 30 से नीचे रहता है तो इसका मतलब यह है कि शेयर को ज्यादा मात्रा में बेचा जा चूका है अब यहाँ से शेयर का प्राइस बढ़ सकता है| जब भी RSI 30 से नीचे हो तो हमे शेयर को खरीदने का मौका खोजना चाहिए और जब भी RSI 70 से ऊपर हो तो हमे शेयर को बेचने का मौका खोजना चाहिए|

RSI Indicator के फायदे

इस इंडिकेटर के माध्यम से किसी भी स्टॉक के ट्रेंड का पता किया जा सकता है, और अगर हम ट्रेंड का पता कर लेते है तो हमे ट्रेड करने में आसानी होती है और लाभ होने का चांस भी ज्यादा होता है|

साथ-ही RSI इंडिकेटर हमे Overbought और Oversell के बारे में भी जानकारी देता है जिससे हमलोग यह पता हो जाता है कि हमे शेयर को कब खरीदना चाहिए और कब बेचना चाहिए|

Overall देखा जाये तो इस इंडिकेटर के माध्यम से हम किसी भी शेयर को कम मूल्य में खरीद कर ज्यादा से ज्यादा मूल्य में बेच सकते है| अगर आप इंट्राडे ट्रेडर है तो यह इंडिकेटर आपके लिए बहुत ही अच्छा इंडिकेटर हो सकता है|

कोई भी इंडिकेटर हमेह्सा सही नहीं हो सकता है इसीलिए ट्रेड हमे अपने रिस्क के अनुसार और Stop Loss के साथ ही करें|

निष्कर्ष

आज के इस पोस्ट के माध्यम से हमने RSI Indicator in Hindi के बारे में विस्तार से चर्चा किया| उम्मीद है कि इस पोस्ट में शेयर की गयी जानकारी आपको अवश्य पसंद आई होगी| इस पोस्ट में हमने विस्तार से यह समझाने का कोशिश किया कि RSI इंडिकेटर क्या है? और कैसे इस इंडिकेटर की सहायता से ट्रेड कैसे प्रोफिट्स कमा सकते है|

लेकिन आपके जानकारी के लिए आपको बता दें कि कोई भी इंडिकेटर हमेशा सही नहीं होता है| इसीलिए ट्रेड हमेशा अपने रिस्क के अनुसार ही लारें और stop loss का पालन अवश्य करें| आप ट्रेडिंग से तब ही पैसा कमा सकते है जब आप अनुशासन में रहकर ट्रेड करेंगे|

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