Danger यूनाइटेड किंगडम

नेशनल अचीवमेंट सर्वे की परीक्षा करवाने को लेकर फील्ड निरीक्षकों का प्रशिक्षण पूरा, 12 नवंबर को होगी परीक्षा

Amar Ujala Bureau

अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 12:09 AM IST

सर्वे की परीक्षा करवाने को लेकर फील्ड इनविजेलेटरों को ट्रेनिंग देते प्रशिक्षक।

सिरसा। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद नई शिक्षा नीति में बदलाव को लेकर 12 नवंबर ट्रेंड फील्ड सर्वे को नेशनल अचीवमेंट सर्वे, एनएएस की परीक्षा संचालन की तैयारियां चल रही है। जिससे लेकर बुधवार को फील्ड निरीक्षकों की ट्रेनिंग पूरी हो गई है। अब अगले चरण में ऑब्जर्वर की ट्रेनिंग होगी।
परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए इसकी जिम्मेदारी इस बार सीबीएसई के स्कूलों को भी साथ में जोड़ा गया है। सीबीएसई स्कूल का स्टाफ परीक्षा में ऑब्जर्वर की भूमिका निभाएगा। यह परीक्षा तीसरी, पांचवीं, आठवीं व दसवीं की कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को चयनित कर ली जाती है। एनएएस की परीक्षा में प्रश्नों की संख्या भी कक्षा अनुसार निर्धारित की गई है। कक्षा तीसरी के लिए हिंदी, गणित व ईवीएस के 47 प्रश्न आएंगे। परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर देने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। कक्षा पांचवीं के लिए हिंदी, गणित व ईवीएस के 53 प्रश्न आएंगे और परीक्षा हल करने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। कक्षा आठवीं के लिए हिंदी, गणित, साइंस व सामाजिक के 60 प्रश्न दो अलग-अलग कोड में आएंगे, जिनको करने के लिए 120 मिनट मिलेंगे। 10वीं कक्षा के लिए हिंदी, गणित, साइंस व सामाजिक के 70 प्रश्नों के चार अलग अलग कोड आएंगे, जिन्हें करने के लिए भी 120 मिनट का समय दिया जाएगा। बता दें कि वीरवार को एनएएस परीक्षा के लिए ऑब्जर्वर की ट्रेनिंग होगी। परीक्षा में प्रश्न पत्र लाने से लेकर परीक्षा होने तक सभी कार्य ऑब्जर्वर की देखरेख में होंगे।
परीक्षा के लिए 139 स्कूलों को चुना गया
नेशनल अचीवमेंट परीक्षा के लिए जिला स्तर पर 139 स्कूलों को चुना गया है। जिसमें 213 फील्ड निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है। फील्ड निरीक्षक, एफआई को सुबह साढ़े सात बजे तक परीक्षा केंद्रों में पहुंचना होगा और मुखिया को रिपोर्ट करनी होगी। सुबह साढ़े आठ बजे तक पूरे परीक्षा कक्ष का निरीक्षण करना होगा और लाइट आदि के प्रबंध को सुनिश्चित करना होगा। सुबह साढ़े नौ बजे तक पर्यवेक्षक की सहायता से विद्यार्थियों का का चयन कर परीक्षा कक्षा में डेस्क पर स्टीकर लगाने होंगे।
सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर कंट्रोल शीट के अनुसार प्रश्न पत्रों की तैयारी रखना। सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका का वितरण करना होगा। सुबह साढे़ 10 बजे तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं की परीक्षा आरंभ होगी। इसमें तीसरी और पांचवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं 90 मिनट बाद 12 बजे और 8वीं और 10वीं की उत्तर पुस्तिकाएं 120 मिनट बाद 12:30 बजे वापस एक-एक विद्यार्थी से नंबर वाइज एकत्र की जाएंगी।
नेशनल अचीवमेंट सर्वे की परीक्षा 12 नवंबर हो आयोजित ट्रेंड फील्ड सर्वे की जाएगी। जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। परीक्षा को लेकर 213 फील्ड निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
-बूटा राम, डीपीसी, नोडल अधिकारी, नेशनल अचीवमेंट सर्वे एग्जाम।

सिरसा। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद नई शिक्षा नीति में बदलाव को लेकर 12 नवंबर को नेशनल अचीवमेंट सर्वे, एनएएस की परीक्षा संचालन की तैयारियां चल रही है। जिससे लेकर बुधवार को फील्ड निरीक्षकों की ट्रेनिंग पूरी हो गई है। अब अगले चरण में ऑब्जर्वर की ट्रेनिंग होगी।


परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए इसकी जिम्मेदारी इस बार सीबीएसई के स्कूलों को भी साथ में जोड़ा गया है। सीबीएसई स्कूल का स्टाफ परीक्षा में ऑब्जर्वर की भूमिका निभाएगा। यह परीक्षा तीसरी, पांचवीं, आठवीं व दसवीं की कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को चयनित कर ली जाती है। एनएएस की परीक्षा में प्रश्नों की संख्या भी कक्षा अनुसार निर्धारित की गई है। कक्षा तीसरी के लिए हिंदी, गणित व ईवीएस के 47 प्रश्न आएंगे। परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर देने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। कक्षा पांचवीं ट्रेंड फील्ड सर्वे के लिए हिंदी, गणित व ईवीएस के 53 प्रश्न आएंगे और परीक्षा हल करने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। कक्षा आठवीं के लिए हिंदी, गणित, साइंस व सामाजिक के 60 प्रश्न दो अलग-अलग कोड में आएंगे, जिनको करने के लिए 120 मिनट मिलेंगे। 10वीं कक्षा के लिए हिंदी, गणित, साइंस व सामाजिक के 70 प्रश्नों के चार अलग अलग कोड आएंगे, जिन्हें करने के लिए भी 120 मिनट का समय दिया जाएगा। बता दें कि वीरवार को एनएएस परीक्षा के लिए ऑब्जर्वर की ट्रेनिंग होगी। परीक्षा में प्रश्न पत्र लाने से लेकर परीक्षा होने तक सभी कार्य ऑब्जर्वर की देखरेख में होंगे।


परीक्षा के लिए 139 स्कूलों को चुना गया
नेशनल अचीवमेंट परीक्षा के लिए जिला स्तर पर 139 स्कूलों को चुना गया है। जिसमें 213 फील्ड निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है। फील्ड निरीक्षक, एफआई को सुबह साढ़े सात बजे तक परीक्षा केंद्रों में पहुंचना होगा और मुखिया को रिपोर्ट करनी होगी। सुबह साढ़े आठ बजे तक पूरे परीक्षा कक्ष का निरीक्षण करना होगा और लाइट आदि के प्रबंध को सुनिश्चित करना होगा। सुबह साढ़े नौ बजे तक पर्यवेक्षक की सहायता से विद्यार्थियों का का चयन कर परीक्षा कक्षा में डेस्क पर स्टीकर लगाने होंगे।
सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर कंट्रोल शीट के अनुसार प्रश्न पत्रों की तैयारी रखना। सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका का वितरण करना होगा। सुबह साढे़ 10 बजे तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं की परीक्षा आरंभ होगी। इसमें तीसरी और पांचवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं 90 मिनट बाद 12 बजे और 8वीं और 10वीं की उत्तर पुस्तिकाएं 120 मिनट बाद 12:ट्रेंड फील्ड सर्वे 30 बजे वापस एक-एक विद्यार्थी से नंबर वाइज एकत्र की जाएंगी।

नेशनल अचीवमेंट सर्वे की परीक्षा 12 नवंबर हो आयोजित की जाएगी। जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। परीक्षा को लेकर 213 फील्ड निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
-बूटा राम, डीपीसी, नोडल अधिकारी, नेशनल अचीवमेंट सर्वे एग्जाम।

Linkedin Survey: इस फील्ड में है सबसे ज्यादा नौकरियां

लिंक्डइन ने एक सर्वे किया है जिसमें भारत में सबसे ज्यादा डिमांड वाली नौकरियों ट्रेंड फील्ड सर्वे के बारे में बताया गया है.. आप भी जानें.

प्रतीकात्मक फोटो

प्रियंका शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2018,
  • (अपडेटेड 06 सितंबर 2018, 3:40 PM IST)

दुनिया की सबसे बड़ी करियर नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन ने एक सर्वे किया. जिसमें बताया गया है भारत में 10 सबसे तेजी से बढ़ती नौकरियों में से 8 नौकरियां टेक्नोलॉजी क्षेत्र में है. बता दें, ये सर्वे भारत में लाखों लिंक्डइन मेंबर्स के 2013 और 2017 के बीच डेटा के विश्लेषण पर आधारित है.

वहीं इस सर्वे के आने के बाद इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि भारत में अब नौकरी के क्षेत्र में इंजीनियरिंग क्षेत्र अपने पैर पसार रहा है. साथ ही ये एक बदलाव लेकर आ रहा है जिसमें उन उम्मीदवारों को नौकरी मिलने के आसार बढ़ गए हैं जो टेक्नोलॉजी क्षेत्र से हैं. वहीं आपको बता दें, लगभग एक दशक पहले, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और बिजनेस एनालिस्ट को ही खास नौकरी माना जाता था या यूं कहे इस क्षेत्र के लोगों की नौकरी को प्रमुख खिताब दिया जाता था.

सर्वे में कहा गया है कि - भारत में, कई बिजनेस बड़े डेटा और डिजिटल प्रोडक्ट्स पर फोकस करने लगे हैं. बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और बीमा (BFSI), मैन्युफैक्चरिंग, मीडिया और एंटरनेमेंट, प्रोफेशनल सर्विस, रिटेल एंड कस्टमर प्रोडक्ट्स और टेक्नॉलोजी सॉफ्टवेयर में ग्रोथ बढ़ाने के लिए टेक्नॉलोजी की आवश्यकता है. इसलिए अब मार्केट में मशीन-लर्निंग इंजीनियरों और डेटा साइंटिस्ट की भारी मांग है.

लिंक्डइन की रिपोर्ट, जो कि माइक्रोसॉफ्ट का हिस्सा है, यह भी दिखाती है कि जब मशीन-लर्निंग और डेटा साइंटिस्ट नौकरियों के लिए योग्यता की बात आती है, तो आधे से अधिक ट्रेंड फील्ड सर्वे नए कर्मचारियों के पास सिर्फ एक बैचलर डिग्री होती है. जिसका मतलब है कि कंपनियां उन्हें नौकरी के दौरान ही प्रशिक्षित करती हैं. वहीं फर्मों को उच्च योग्यता वाले उन उम्मीदवारों को ढूंढने में परेशानी आती है जो काम के लिए तैयार होते हैं.

अगर अमरिका से तुलना करें तो लगभग 17% ग्रेजुएट ऐसे छात्र है जो इन टेक्नोलॉजी क्षेत्र की नौकरियों को करते हैं और अपनी डॉक्टरेट की डिग्री को होल्ड पर रखते हैं. उन्होंने रिपोर्ट में कहा कि आंकड़ों के अनुसार ने शहरों में डेटा साइंटिस्ट की मांग की है जिसमें मुंबई और दिल्ली / एनसीआर में इन पदों के लिए प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है.

आपको बता दें, भारत सिंगापुर के लिए डेटा साइंटिस्ट और साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट सबसे बड़ा सप्लायर भी है. लिंक्डइन ने कहा कि 2017 के बाद से, सिंगापुर में स्थानांतरित होने वाले 22 प्रतिशत डेटा साइंटिस्ट भारत से आए थे. वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों की नियुक्ति उनकी पिछली नौकरी को देखते हुए नहीं बल्कि उनके स्किल्स और काम करने के तरीके को देखकर दी जाएगी. वहीं इस सर्वे में दिलचस्प बात ये है कि टॉप-5 नौकरियों में सभी नौकरियां टेक्नोलॉजी क्षेत्र की है.

ट्रेंड फील्ड सर्वे

Danger यूनाइटेड किंगडम 2022-07-30

11 Langley Street, London, England

के लिए एक यात्रा FVP Trade ब्रिटेन में -- कोई कार्यालय नहीं मिला

Danger यूनाइटेड किंगडम

इस दौरे का कारण

रॉयटर्स के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम ने यूरोपीय संघ छोड़ने के लिए मतदान करने के बाद के वर्षों में वैश्विक एफएक्स व्यापार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति का विस्तार किया है। इसके अलावा, ब्रिटिश खुदरा विदेशी मुद्रा बाजार में दुनिया के तीन सबसे कड़े नियामक निकायों में से एक है, जो कि वित्तीय आचरण प्राधिकरण (एफसीए) है। कई एफएक्स डीलर गर्व के लिए एफसीए विनियमन प्राप्त करते हैं, और बाजार के कारोबार को विकसित करने के लिए देश में प्रवेश करने की भी उम्मीद करते हैं। निवेशकों या व्यवसायियों को यूके में विदेशी मुद्रा डीलरों के बारे में अधिक व्यापक समझ रखने में मदद करने के लिए, सर्वेक्षण टीम साइट पर दौरे के लिए ट्रेंड फील्ड सर्वे देश जा रही है।

साइट का दौरा

इस बार सर्वेक्षण दल विदेशी मुद्रा डीलर से मिलने लंदन, ब्रिटेन गया था FVP Trade जैसा कि निर्धारित है। सर्वेक्षण का पता 71-75 शेल्टन स्ट्रीट लंदन wc2h 9jq यूनाइटेड किंगडम है।

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सर्वेक्षण कर्मी उपरोक्त पते के अनुसार वर्तमान सर्वेक्षण के गंतव्य तक पहुंचे। इमारत लंदन के शेल्टन स्ट्रीट पर स्थित है। यह एक विकसित व्यापारिक जिले के पास है, जो बहुत व्यस्त है। यह यूरोपीय बैंकिंग और आर्थिक और व्यापार व्यापार जिले के भी करीब है। इमारत एक चार मंजिला साझा कार्यालय है जिसमें विभिन्न उद्योगों में कंपनियां हैं। इमारत में पानी के संकेत नहीं हैं, लेकिन परामर्श के लिए एक फ्रंट डेस्क है।

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फ्रंट डेस्क स्टाफ द्वारा सत्यापन के बाद, यह निर्धारित किया जाता है कि डीलर अभी भवन में मौजूद नहीं है। यह पिछले सप्ताह इस पते से बाहर चला गया है, और कोई नई संपर्क जानकारी नहीं छोड़ी है। इसलिए, जांचकर्ताओं ने पुष्टि की कि डीलर का यहां कोई कार्यालय नहीं है।

निष्कर्ष

जांचकर्ता विदेशी मुद्रा डीलर से मिलने लंदन, ब्रिटेन गए थे FVP Trade योजना के अनुसार, लेकिन डीलर के कार्यालय को उसके सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित व्यावसायिक पते पर नहीं मिला। डीलर बाहर चला गया है और उसका ठिकाना अज्ञात है। कृपया इस डीलर को ध्यान से चुनें।

अस्वीकरण

सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है, और चुनाव करने के लिए अंतिम आदेश के रूप में नहीं लिया जाएगा।

ब्रोकर की जानकारी

घोटाला करने वाले दलाल | 2-5 साल | यूनाइटेड किंगडम विनियमन | भुगतान का लाइसेंस | MT4/5 पूर्ण लाइसेंस | क्षेत्रीय ब्रोकर | संयुक्त राज्य अमेरिकासामान्य वित्तीय सेवा लाइसेंस अनधिकृत | गंभीर ओवर रन | उच्च संभावित विस्तार |

  • कंपनी का नाम:
    FVP trade Ltd
  • रजिस्ट्री का क्षेत्र/क्षेत्र:
    यूनाइटेड किंगडम
  • कंपनी का संक्षिप्त नाम:
    FVP Trade
  • ऑफिशल ई-मेल:
    [email protected]
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Linkedin Survey: इस फील्ड में है सबसे ज्यादा नौकरियां

लिंक्डइन ने एक सर्वे किया है जिसमें भारत में सबसे ज्यादा डिमांड वाली नौकरियों के बारे में बताया गया है.. आप भी जानें.

प्रतीकात्मक फोटो

प्रियंका शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2018,
  • (अपडेटेड 06 सितंबर 2018, 3:40 PM IST)

दुनिया की सबसे बड़ी करियर नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन ने एक सर्वे किया. जिसमें बताया गया है भारत में 10 सबसे तेजी से बढ़ती नौकरियों में से 8 नौकरियां टेक्नोलॉजी क्षेत्र में है. बता दें, ये सर्वे भारत में लाखों लिंक्डइन मेंबर्स के 2013 और 2017 के बीच डेटा के विश्लेषण पर आधारित है.

वहीं इस सर्वे के आने के बाद इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि भारत में अब नौकरी के क्षेत्र में इंजीनियरिंग क्षेत्र अपने पैर पसार रहा है. साथ ही ये एक बदलाव लेकर आ रहा है जिसमें उन उम्मीदवारों को नौकरी मिलने के आसार बढ़ गए हैं जो टेक्नोलॉजी क्षेत्र से हैं. वहीं आपको बता दें, लगभग एक दशक पहले, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और बिजनेस एनालिस्ट को ही खास नौकरी माना जाता था या यूं कहे इस क्षेत्र के लोगों की नौकरी को प्रमुख खिताब दिया जाता था.

सर्वे में कहा गया है कि - भारत में, कई बिजनेस बड़े डेटा और डिजिटल प्रोडक्ट्स पर फोकस करने लगे हैं. बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और बीमा (BFSI), मैन्युफैक्चरिंग, मीडिया और एंटरनेमेंट, प्रोफेशनल सर्विस, रिटेल एंड कस्टमर प्रोडक्ट्स और टेक्नॉलोजी सॉफ्टवेयर में ग्रोथ बढ़ाने के लिए टेक्नॉलोजी की आवश्यकता है. इसलिए अब मार्केट में मशीन-लर्निंग इंजीनियरों और डेटा साइंटिस्ट की भारी मांग है.

लिंक्डइन की रिपोर्ट, जो कि माइक्रोसॉफ्ट का हिस्सा है, यह भी दिखाती है कि जब मशीन-लर्निंग और डेटा साइंटिस्ट नौकरियों के लिए योग्यता की बात आती है, तो आधे से अधिक नए कर्मचारियों के पास सिर्फ एक बैचलर डिग्री होती है. जिसका मतलब है कि कंपनियां उन्हें नौकरी के दौरान ही प्रशिक्षित करती हैं. वहीं फर्मों को उच्च योग्यता वाले उन उम्मीदवारों को ढूंढने में परेशानी आती है जो काम के लिए तैयार होते हैं.

अगर अमरिका से तुलना करें तो लगभग 17% ग्रेजुएट ऐसे छात्र है जो इन टेक्नोलॉजी क्षेत्र की नौकरियों को करते हैं और अपनी डॉक्टरेट की डिग्री को होल्ड पर रखते हैं. उन्होंने रिपोर्ट में कहा कि आंकड़ों के अनुसार ने शहरों में डेटा साइंटिस्ट की मांग की है जिसमें मुंबई और दिल्ली / एनसीआर में इन पदों के लिए प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है.

आपको बता दें, भारत सिंगापुर के लिए डेटा साइंटिस्ट और साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट सबसे बड़ा सप्लायर भी है. लिंक्डइन ने कहा कि 2017 के बाद से, सिंगापुर में स्थानांतरित होने वाले 22 प्रतिशत डेटा साइंटिस्ट भारत से आए थे. वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों की नियुक्ति उनकी पिछली नौकरी को देखते हुए नहीं बल्कि उनके स्किल्स और काम करने के तरीके को देखकर दी जाएगी. वहीं इस सर्वे में दिलचस्प बात ये है कि टॉप-5 नौकरियों में सभी नौकरियां टेक्नोलॉजी क्षेत्र की है.

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